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रुक-रुक कर हुई बारिश बनी काल: इस साल डेंगू के नौ गुना ज्यादा मामले, अब तक 17 लोगों की गई जान
Tue, 21 Dec 2021 01:30 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 21 Dec 2021 01:30 AM IST
सार
विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल दिल्ली में लंबे समय तक मानसून के बने रहने के कारण डेंगू के लार्वा पैदा करने वाले मच्छरों को उनके अनुकूल माहौल मिला। आखिर में रुर-रुक कर हुई बारिश से डेंगू के लार्वा को बढ़ने में मदद मिली, जिसका नतीजा दिल्ली वासियों को भुगतना पड़ रहा है।
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डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बीते साल के मुकाबले अभी डेंगू के मामले करीब नौ गुना ज्यादा बढ़ चुके हैं। दिसम्बर महीना आधा बीत गया, कड़ाके की ठंडक जारी है, लेकिन राजधानी में डेंगू फैलाने वाले मच्छरों का प्रकोप जारी है। इस हफ्ते 154 लोग डेंगू की चपेट में आए, दो लोगों मौत हो गई।
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17 लोगों की इस साल डेंगू से मौत
दक्षिणी निगम द्वारा सोमवार को जारी हुई साप्ताहिक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल डेंगू से एक व्यक्ति की मौत हुई थी, जबकि इस साल मौतों का आंकड़ा 17 गुना बड़ा है। मौजूदा समय दिल्ली में मच्छरजनित खतरे की स्थिति की गंभीरता ऐसे समझी जा सकती है कि यहां का तापमान गिरकर चार डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है, लेकिन राजधानी के मच्छरों पर ठंडक का खास असर नहीं है। दिल्ली के अस्पतालों में डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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पिछले तीन साल थी डेंगू से राहत
दिल्ली नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार राजधानी में 2016 और 2017 में डेंगू से हालात बिगड़े थे। इन दोनों साल 10-10 लोगों की डेंगू से मौत हुई थी। इसको लेकर प्रशासन ने गंभीरता दिखाई, तो इसका असर दिल्ली में साफ नजर आया। दिल्ली में 2018 में चार, 2019 में दो और 2020 में केवल एक व्यक्ति की डेंगू से मौत हुई थी।
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रुक-रुक कर हुई बारिश बनी काल
विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल दिल्ली में लंबे समय तक मानसून के बने रहने के कारण डेंगू के लार्वा पैदा करने वाले मच्छरों को उनके अनुकूल माहौल मिला। आखिर में रुर-रुक कर हुई बारिश से डेंगू के लार्वा को बढ़ने में मदद मिली, जिसका नतीजा दिल्ली वासियों को भुगतना पड़ रहा है।
उत्तरी दिल्ली क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित
उत्तरी दिल्ली में डेंगू के सबसे अधिक मामले हैं, यहां अबतक 2616 लोग डेंगू की चपेट में आए। इसके बाद दक्षिणी दिल्ली में 2533 और पूर्वी दिल्ली में 1113 लोग डेंगू की चपेट में आए, जबकि एनडीएमसी, दिल्ली कैंट, रेलवे कॉलोनी और कई ऐसे मामले जिनकी पहचान ही नहीं हो पाई कि वह कहां रहते हैं, को मिलाकर दिल्ली में कुल 9414 लोग अबतक डेंगू की चपेट में आए।