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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi Women Commission demands imposition of President's rule in Manipur

Manipur Violence: मणिपुर हिंसा पर स्वाति मालीवाल ने की राष्ट्रपति शासन की मांग, CBI करे इन मामलों की जांच

Tue, 01 Aug 2023 07:49 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Tue, 01 Aug 2023 07:49 PM IST
सार

दिल्ली महिला आयोग ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने मणिपुर में चल रही हिंसा पर राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजी है। 

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Delhi Women Commission demands imposition of President's rule in Manipur
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल - फोटो : ANI

विस्तार

मणिपुर में चल रही हिंसक झड़पों के संबंध में दिल्ली महिला आयोग ने राष्ट्रपति को अंतरिम रिपोर्ट भेजी है। उन्होंने रिपोर्ट में कहा है कि मणिपुर मई 2023 से जातीय संघर्षों से जूझ रहा है, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई, कई घर, सांस्कृतिक स्थल और धार्मिक स्थल नष्ट हो गए और अनगिनत परिवारों का विस्थापन हो गया। इस कारण राज्य में राष्ट्रपति शाासन लगाया जाए।

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स्वाति मालीवाल ने किया था मणिपुर का दौरा
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने महिलाओं के साथ यौन हिंसा को दर्शाने वाले वायरल वीडियो के सामने आने के बाद अपनी सहयोगी वंदना सिंह के साथ 23 जुलाई को चुराचांदपुर, मोइरांग, कोंगपोकपी और इंफाल जिलों सहित हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था और हिंसा से प्रभावित लोगों से बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने राज्य के राज्यपाल से भी मुलाकात की थी।

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मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की
उन्होंने राष्ट्रपति को 24 अंतरिम सिफारिशें दी है, इनमें राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाना, मुख्यमंत्री का इस्तीफा और स्थिति का आकलन करने व राज्य में शांति लाने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार करने के लिए प्रधान मंत्री और केंद्रीय मंत्रियों की तत्काल यात्रा शामिल है। आयोग ने जातीय संघर्ष के मूल कारणों और संकट के प्रबंधन में सरकार के कार्यों और चूक की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक विशेष जांच दल की स्थापना का भी अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह जांच दाल पुलिस बलों से 4000 से अधिक अत्याधुनिक हथियार लूटने, और पिछले तीन महीनों में पुलिस की निष्क्रियता और मिलीभगत के खिलाफ प्राप्त शिकायतों की जांच करे।

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सीबीआई करे मामले की जांच
उन्होंने ने सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की अध्यक्षता में दो अलग-अलग एसआईटी की भी मांग की हैं, जिनमे से एक हत्या, लापता व्यक्तियों आदि के सभी मामलों की जांच की निगरानी करें और दूसरी विशेष रूप से यौन उत्पीड़न के मामलों को देखे। इसके अलावा आयोग ने सिफारिश की है कि यौन हिंसा के सभी मामलों को सीबीआई को सौंप दिया जाना चाहिए और सुनवाई राज्य के बाहर विशेषकर दिल्ली में एक फास्ट ट्रैक कोर्ट में होनी चाहिए।

मणिपुर हिंसा पीड़ितों को मिले मुआवजा
उन्होंने कहा कि पीड़ित लोगों और उनके परिवारों को तत्काल 25 लाख रुपये का मुआवजा पैकेज प्रदान किया जाना चाहिए। आयोग ने यौन हिंसा के मामलों की शिकायत दर्ज करवाने के लिए एक हेल्पलाइन शुरू करने की भी सिफारिश की है। आयोग ने गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के साथ-साथ उन बच्चों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए भी सिफारिशें दी है जो हिंसा के दौरान अनाथ हो गए होंगे। इसके अलावा उनके लिए आयोग ने पर्याप्त सहायता की मांग की है। स्वाति मालीवाल ने राष्ट्रपति से मिलने और मणिपुर की स्थिति पर चर्चा करने के लिए भी समय मांगा है।

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