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दिल्ली : राजधानी में विंटर एक्शन प्लान का एलान, हवा जहां जैसी होगी ‘बीमार’, वहां वैसा ‘इलाज’
Sat, 30 Sep 2023 06:24 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 30 Sep 2023 06:24 AM IST
सार
जिस इलाके की हवा में जैसे प्रदूषक होंगे, वैसे ही इसे खत्म करने के इंतजाम किए जाएंगे। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को प्रदूषण के खिलाफ 15 सूत्रीय विंटर एक्शन प्लान की घोषणा की है। इसके तहत 13 हॉटस्पॉट के लिए अलग-अलग एक्शन प्लान बनाए गए हैं।
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- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
राजधानी में सर्दी के मौसम में होने वाले वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए दिल्ली सरकार सख्त हो गई है। जिस इलाके की हवा में जैसे प्रदूषक होंगे, वैसे ही इसे खत्म करने के इंतजाम किए जाएंगे। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को प्रदूषण के खिलाफ 15 सूत्रीय विंटर एक्शन प्लान की घोषणा की है। इसके तहत 13 हॉटस्पॉट के लिए अलग-अलग एक्शन प्लान बनाए गए हैं।
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केजरीवाल ने बताया कि इस बार पांच हजार एकड़ से अधिक खेतों में बॉयो डी-कंपोजर का निशुल्क छिड़काव किया जाएगा। वहीं, निर्माण साइटों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और एंटी डस्ट मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। वाहन प्रदूषण को कम करने के साथ खुले में कूड़ा जलाने पर भी रोक रहेगी। इसके अलावा प्रदूषण बढ़ने पर सख्ती से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) को लागू किया जाएगा।
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दिल्ली सचिवालय में प्रेसवार्ता में केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ सालों में प्रदूषण के स्तर में करीब 30% की कमी आई है। प्रदूषण के खिलाफ इस जंग में इस बार फिर से दिल्ली तैयार है। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में विकास की गतिविधियां बढ़ने के साथ प्रदूषण भी बढ़ा है, लेकिन दिल्ली में कमी आई है। सरकारी एजेंसी और केंद्र सरकार के साथ मिलकर बहुत सारे कदम उठाए गए हैं। जिसकी वजह से दिल्ली में पिछले 8 सालों में प्रदूषण में काफी कमी आई है। वर्ष 2016 में अच्छी हवा 109 दिन थी, अब यह 163 दिन हो गई है और सीवियर पॉल्यूशन 26 दिन होते थे, जो घटकर 6 दिन रह गए हैं।
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केजरीवाल ने आंकड़ों के जरिये बताया कि 2014 में दिल्ली में पीएम-2.5 149 होता था, जबकि अब ये 103 है। इसी तरह 2014 में पीएम-10 324 होता था, अब ये 223 है। इस दिशा में पिछले कई सालों से युद्ध प्रदूषण के विरुद्ध कैंपेन चलाया है।
दिल्ली सरकार का 15 सूत्रीय विंटर एक्शन प्लान
- केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में 13 हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इनमें रोहिणी, विवेक विहार, आरके पुरम, नरेला, पंजाबी बाग, ओखला, मुंडका, वजीरपुर, जहांगीरपुरी, द्वारका, अशोक विहार, बवाना व आनंद विहार शामिल हैं। इन हॉटस्पॉट के लिए अलग-अलग एक्शन प्लान बनाया गया है।
- इस साल 5000 एकड़ से अधिक बासमती और गैर-बासमती कृषि भूमि पर मुफ्त में बायो-डीकंपोजर का छिड़काव किया जाएगा।
- आईआईटी दिल्ली और डीपीसीसी के साथ रियल टाइम सोर्स अपोरशंमेंट स्टडी की जा रही है। इसके लिए रॉउस एवेन्यू रोड पर स्थित सर्वोदय बाल विद्यालय में एक सुपर साइट बनाई गई है।
- निर्माण साइट्स पर निगरानी रखने के लिए कई टीमें बनाई गई हैं। 500 वर्गमीटर से ज्यादा वाले निर्माण साइट को डस्ट कंट्रोल करने के लिए वेब पोर्टल पर पंजीकृत करना होगा। 5 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा वाले निर्माण साइट पर एंटी स्मॉग गन लगाना अनिवार्य होगा। सड़कों पर सफाई के दौरान उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए 82 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीन लगाई गई हैं।
- वाहन से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए पीयूसी सर्टिफिकेट की जांच की जाएगी। साथ ही 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन के प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिए 385 टीमें गठित की गई हैं। इसके तहत अत्यधिक ट्रैफिक वाली 90 सड़कों की पहचान की गई हैं।
- प्रदूषण कोई बाउंड्री नहीं देखता है। हरियाणा की हवा दिल्ली आती है, दिल्ली की हवा यूपी जाती है। केजरीवाल ने कहा कि कोशिश है कि आसपास के राज्यों के साथ मिलकर प्रदूषण को कम करें। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट का डेटा बताता है कि दिल्ली में 31 फीसदी प्रदूषण दिल्ली के आंतरिक स्रोतों की वजह से होता है, जबकि 69 फीसदी बाहरी स्रोतों की वजह से है।
- 1727 औद्योगिक इंडस्ट्रीज अब पीएनजी से संचालित होती हैं। इसकी निगरानी के लिए 66 टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें सुनिश्चित करेंगी कि ये इकाई किसी भी अनधिकृत और प्रदूषणकारी ईंधन का उपयोग तो नहीं कर रही हैं।
- एक ग्रीन वार रूम बनाया गया है, जिसके जरिये 24 घंटे निगरानी की जाएगी। यहां सभी एजेंसियों द्वारा हर दिन की गई कार्रवाई की रिपोर्ट का विश्लेषण करेगी और अगले दिन की योजना बनाएगी।
- खुले में कूड़ा जलाने पर रोक : दिल्ली के अंदर खुले में कूड़ा जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। इसकी निगरानी के लिए 611 टीमों टीमों का गठन किया गया है। ग्रीन दिल्ली एप : एप पर अभी तक 70,470 से अधिक शिकायतें आईं हैं। इसमें से 63,344 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है।
- पटाखों पर प्रतिबंध : इस साल भी पटाखों के उत्पादन, भंडारण और किसी भी प्रकार की बिक्री या खरीद पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
- हरित क्षेत्र को बढ़ाना : दिल्ली में ग्रीन कवर बढ़ाने के लिए एक करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए जाएंगे, जिसमें से 52 लाख पौधे दिल्ली सरकार लगाएगी।
- इको ई-वेस्ट पार्क : होलंबी कलां में एक ई-वेस्ट पार्क बनाया जा रहा है।
- जन जागरूकता अभियान : प्रदूषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न जन जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
- ग्रैप का क्रियान्वयन : दिल्ली में ग्रैप को सख्ती के साथ लागू किया जाएगा।