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कोरोना की रफ्तार: छह दिन में ही येलो से ऑरेंज हुई दिल्ली, रेड अलर्ट की ओर बढ़ता संक्रमण, पाबंदियां होंगी और सख्त

Sat, 01 Jan 2022 09:24 PM IST
सुशील कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार Updated Sat, 01 Jan 2022 09:24 PM IST
सार

कोरोना आंकड़ों पर गौर करें तो 27 दिसंबर से एक जनवरी के बीच दैनिक संक्रमण दर 0.68 से बढ़कर 3.64 फीसदी तक पहुंच गई है। करीब तीन फीसदी का इजाफा हुआ है, यानी इन छह दिन में ही नए संक्रमित मरीजों की संख्या अब तीन फीसदी अधिक मिलने लगी है।

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Delhi went from yellow to orange alert in six days transition towards red alert due to continuously increasing case of corona
कोरोना की जांच करती स्वास्थ्य कर्मी। - फोटो : संजय कुमार

विस्तार

कोरोना का ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू होने के छह दिन बाद दिल्ली मानकों के हिसाब से येलो से एंबर पार करते हुए ऑरेंज अलर्ट में पहुंचने जा ही है। शनिवार की संक्रमण दर 3.64 फीसदी तक पहुंच गई। लगातार दूसरे दिन रविवार को भी अगर यह आंकड़ा तीन फीसदी से ऊपर रहा तो ऑरेंज अलर्ट की हालत बन जाएगी। हालांकि, दिल्ली सरकार का मानना है कि अभी अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या कम है। ऐसे पर ग्रैप के दूसरे और तीसरे फेज की पाबंदियां दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में हालात की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा। उधर, विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली सरकार की पांबदियों बढ़ानी चाहिए।

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ऑरेंज अलर्ट में पाबंदी होगी सख्त
जानकारी के अनुसार इसी सप्ताह सोमवार को संक्रमण दर आधा फीसदी पार होते ही दिल्ली सरकार ने ग्रैप नियम के तहत येलो अलर्ट जारी किया था। इसके तहत ही नाइट कर्फ्यू की घोषणा की गई और डीटीसी-मेट्रो में 50 फीसदी क्षमता कर दी गई, लेकिन इसके बाद हर दिन संक्रमण दर तेज गति से आगे बढ़ती चली गई और शनिवार को यह 3.64 फीसदी तक पार गई। ग्रेप नियम के तहत लगातार दो दिन तक इसी स्थिति को ऑरेंज अलर्ट माना जाता है। इस दौरान पाबंदियां सख्त हो जाएंगी।
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एक जनवरी को दैनिक संक्रमण दर 3.64 फीसदी तक पहुंच गई
उधर, कोरोना आंकड़ों पर गौर करें तो 27 दिसंबर से एक जनवरी के बीच दैनिक संक्रमण दर 0.68 से बढ़कर 3.64 फीसदी तक पहुंच गई है। करीब तीन फीसदी का इजाफा हुआ है, यानी इन छह दिन में ही नए संक्रमित मरीजों की संख्या अब तीन फीसदी अधिक मिलने लगी है। बीते 27 दिसंबर को दिल्ली में 0.68 फीसदी संक्रमण दर दर्ज की गई थी, जब 331 नए मामले सामने आए थे। इसके बाद 28 दिसंबर को यह संक्रमण दर 0.89 फीसदी हुई, लेकिन अगले ही दिन यह 1.29 फीसदी तक पहुंच गई। 30 दिसंबर को 1.73 और 31 दिसंबर को यह 2.44 फीसदी रही, लेकिन एक जनवरी को यह दैनिक संक्रमण दर 3.64 फीसदी तक पहुंच गई है।
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फिर से समीक्षा करेगी सरकार, तब लगेंगे प्रतिबंध
शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि राजधानी में कोविड संबंधी नए प्रतिबंध लगाने से पहले स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद ही आगे के निर्णय होंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से वृद्धि के बावजूद अस्पताल में भर्ती होने वाले रोगियों की संख्या फिलहाल कम है। ऐसे में सिर्फ संक्रमण दर के आधार पर ही फैसला नहीं लिया जा सकता। बीते बुधवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने यह निर्णय लिया था कि दिल्ली में 'येलो अलर्ट' के तहत लगे प्रतिबंध अभी लागू रहेंगे और अधिकारी नए प्रतिबंध लगाने के संबंध में स्थिति पर नजर बनाए रखेंगे। स्कूल और मल्टीप्लेक्स समेत अन्य बंद कर दिए हैं। दिल्ली में दूसरी लहर के दौरान अप्रैल और मई में बड़ी संख्या में लोग अस्पताल में भर्ती हो रहे थे, लेकिन अब भर्ती संख्या कम है। आगे के प्रतिबंधों की समीक्षा होगी।

दिल्ली को आर्थिक व शैक्षिक स्तर पर काम करने की जरूरत
स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. चंद्रकांत लाहरिया का कहना है कि दिल्ली सरकार के फैसले वैज्ञानिक आधार से काफी दूर हैं। हर बार प्रतिबंध के नाम पर स्कूलों को बंद कर देना, पुराने ग्रेप नियम के आधार पर वर्तमान स्थिति का आकलन करना और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को प्रभावित करना गलत है। वर्तमान के हालात देखते हुए दिल्ली सरकार को आर्थिक और शैक्षिक दोनों ही स्तर पर कार्य करने की जरूरत है। आर्थिक गतिविधियों के साथ साथ शैक्षिक संस्थानों का खोला जाना भी जरूरी है।


अभी दिल्ली में क्या है प्रतिबंध
बीते सोमवार से दिल्ली में येलो अलर्ट के तहत नाइट कर्फ्यू लगा है। रात 10 से सुबह पांच बजे तक बाजार बंद हैं। जबकि कई इलाकों में बाजार रात आठ बजे से ही बंद किए जा रहे हैं। इनके अलावा स्कूलों और कॉलेजों को बंद किया गया है। गैर-जरूरी सामान बेचने वाली दुकानों को ऑड-ईवन के आधार पर खोला जा रहा है। मेट्रो, डीटीसी, कैब, ऑटो इत्यादि में यात्रियों की संख्या 50 फीसदी कर दी गई है।

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