{"_id":"621ce11b350559597a264274","slug":"delhi-vivek-vihar-sexual-assault-case-court-strict-remark-says-this-incident-is-black-spot-on-our-society","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हैवानियत की हदें पार: महिला से सामूहिक दुष्कर्म मामले में कोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा-यह घटना हमारे समाज पर काला धब्बा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हैवानियत की हदें पार: महिला से सामूहिक दुष्कर्म मामले में कोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा-यह घटना हमारे समाज पर काला धब्बा
Mon, 28 Feb 2022 08:20 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 28 Feb 2022 08:20 PM IST
सार
दिल्ली के विवेक विहार मामले पर कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा यह शर्मनाक घटना एक व्यस्त आवासीय क्षेत्र में हुई फिर भी कोई भी पीड़ित को बचाने के लिए आगे नहीं आया जो हमारे समाज पर एक काला धब्बा है। कोर्ट ने आरोपी महिला की जमानत याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन
Delhi vivek vihar
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अदालत ने पूर्वी दिल्ली में दिनदहाड़े एक 20 वर्षीय विवाहित युवती से मारपीट, सामुहिक दुष्कर्म व उसे नग्न हालत में घूमाने के मामले में आरोपी 55 वर्षीय महिला की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा यह शर्मनाक घटना एक व्यस्त आवासीय क्षेत्र में हुई फिर भी कोई भी पीड़ित को बचाने के लिए आगे नहीं आया जो हमारे समाज पर एक काला धब्बा है।
कड़कड़डूमा अदालत में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार मल्होत्रा ने कहा यह गंभीर मामला है और पुलिस की जांच व गवाहों की जान को खतरा देखते हुए आरोपी महिला जमानत पाने की हकदार नहीं है। आरोप है कि आरोपी परिवार के एक युवक के विवाह के प्रस्ताव को युवती ने ठुकरा दिया था।
युवती का विवाह किसी अन्य से होने पर युवक ने आत्महत्या कर ली। मृतक के परिवार ने युवती को दोषी मानते हुए उसके ससुराल से उसका अपहरण कर लिया और अपने घर लाकर उससे मारपीट की, सामुहिक दुष्कर्म किया गया। इसके बाद मृतक के परिजनों ने पीड़िता के बाल काटकर, उसे चप्पलों की माला पहनाकर और स्याही उसके चेहरे पर लगाकर सड़क पर घुमाया।
विज्ञापन
इसका एक वीडियो खुद आरोपी ने रिकॉर्ड किया था जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। आरोपियों पर मारपीट, मारपीट और मारपीट समेत विभिन्न धाराओं में आरोप लगाए गए हैं। महिला के वकील ने तर्क दिया कि वह पुलिस या सोशल मीडिया पर वायरल हुई किसी भी वीडियो क्लिपिंग में नहीं दिखी।
विज्ञापन
कड़कड़डूमा अदालत में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार मल्होत्रा ने कहा यह गंभीर मामला है और पुलिस की जांच व गवाहों की जान को खतरा देखते हुए आरोपी महिला जमानत पाने की हकदार नहीं है। आरोप है कि आरोपी परिवार के एक युवक के विवाह के प्रस्ताव को युवती ने ठुकरा दिया था।
विज्ञापन
युवती का विवाह किसी अन्य से होने पर युवक ने आत्महत्या कर ली। मृतक के परिवार ने युवती को दोषी मानते हुए उसके ससुराल से उसका अपहरण कर लिया और अपने घर लाकर उससे मारपीट की, सामुहिक दुष्कर्म किया गया। इसके बाद मृतक के परिजनों ने पीड़िता के बाल काटकर, उसे चप्पलों की माला पहनाकर और स्याही उसके चेहरे पर लगाकर सड़क पर घुमाया।
विज्ञापन
इसका एक वीडियो खुद आरोपी ने रिकॉर्ड किया था जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। आरोपियों पर मारपीट, मारपीट और मारपीट समेत विभिन्न धाराओं में आरोप लगाए गए हैं। महिला के वकील ने तर्क दिया कि वह पुलिस या सोशल मीडिया पर वायरल हुई किसी भी वीडियो क्लिपिंग में नहीं दिखी।
इसके विपरीत अभियोजक ने तर्क दिया कि महिला ने अपराध में सक्रिय रूप से भाग लिया था। स्वतंत्र गवाहों ने महिला के कृत्यों का हवाला दिया है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा यह शर्मनाक घटना दिनदहाड़े व्यस्त रिहायशी इलाके में हुई और कोई पीड़िता को बचाने के लिए सामने नहीं आया। यह हमारे समाज के चेहरे पर काला धब्बा है। वहीं पीड़िता ने विशेष रूप से प्राथमिकी में आवेदक का नाम लिया है और घटना में उसकी भूमिका बताई है।