दिल्ली हिंसा में उपद्रवियों ने 'बाहुबली-2' के इन देसी हथियारों का जमकर किया इस्तेमाल
बाहुबली-2 में अमरेंद्र बाहुबली की सेना ने बड़े पैमाने पर गुलेल तकनीक का प्रयोग किया था। गुलेल के जरिए भल्लाल के महल पर हमला बोला गया।
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बाहुबली-2 में अमरेंद्र बाहुबली की सेना ने बड़े पैमाने पर गुलेल तकनीक का प्रयोग किया था। गुलेल के जरिए भल्लाल के महल पर हमला बोला गया। बाद में उसी गुलेल तकनीक के आधार पर नारियल के पेड़ों के जरिए एक साथ कई सैनिकों को भल्लाल के महल की छत पर उतार दिया गया।
सोमवार और मंगलवार को दिल्ली के दंगा प्रभावित क्षेत्रों में इसी तकनीक का खूब उपयोग किया गया है। शुक्रवार को मीडिया की टीम उन मकानों की छतों तक पहुंची, जहां पर ये गुलेलनुमा तकनीक लगाई गई थी।
इस तकनीक के जरिए नीचे गलियों में आने वाले लोगों पर पेट्रोल बम, पत्थर और नुकीली सामग्री से वार किया गया।
जाफराबाद, शिवपुरी, बृजपुरी, मौजपुर, गोकुलपुरी, बाबरपुर और चांदबाग आदि इलाकों में उपद्रवियों ने 'बाहुबली-2' में दिखाए गए देशी हथियारों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है। इनमें टायर की ट्यूब और दूसरी प्लास्टिक की रस्सी से गुलेल बनाई गई।
ये इतनी पावरपफुल थी कि इन्हें जोर से पीछे खींचने के बाद जब छोड़ा जाता, तो ये करीब पचास मीटर दूर तक मार करती हैं। शिव विहार इलाके में एक रिक्शा पर ये गुलेल सिस्टम लगाया गया था। अनेक घरों की छतों पर ऐसे गुलेल मिले हैं।