दिल्ली: वसंतकुंज पुलिस ने जेएनयू के 11 छात्रों से पूछताछ की, 30 से ज्यादा आरोपियों की पहचान हुई
दक्षिण-पश्चिमी जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वामपंथी छात्रों ने आरोप लगाया है कि एबीवीपी व उसके समर्थक हॉस्टल में नॉनवेज बनाने का विरोध कर रहे थे। वह नॉनवेज बनाने पर हॉस्टल के सचिव को धमका रहे थे। जब वह मौके पर पहुंचे तो वह सचिव को धमका रहे थे।
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वसंतकुंज (नार्थ) पुलिस ने जेएनयू मारपीट मामले में गुरुवार को 11 छात्रों से पूछताछ की। इनमें से आठ छात्र वामपंथी संगठनों के हैं, जबकि तीन छात्र एबीवीपी के हैं। इन छात्रों ने पूछताछ में एक-दूसरे पर आरोप लगाया है। दूसरी तरफ पुलिस ने दोनों संगठनों के छात्रों से मारपीट की वायरल हो रही वीडियो की ओरिजनल कॉपी मांगी है। दिल्ली पुलिस जेएनयू प्रशासन को कावेरी हॉस्टल के स्टाफ से पूछताछ करने के लिए शुक्रवार को पत्र लिखने जा रही है।
दक्षिण-पश्चिमी जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वामपंथी छात्रों ने आरोप लगाया है कि एबीवीपी व उसके समर्थक हॉस्टल में नॉनवेज बनाने का विरोध कर रहे थे। वह नॉनवेज बनाने पर हॉस्टल के सचिव को धमका रहे थे। जब वह मौके पर पहुंचे तो वह सचिव को धमका रहे थे। उन्होंने बीच-बचाव करने का विरोध किया तो एबीवीपी वालों ने मारपीट की।
उन्होंने बताया कि वहीं एबीवीपी वालों ने आरोप लगाया है कि बामपंथी लोग उनके हवन का विरोध कर रहे थे और हवन में बाधा डाल रहे थे। इसके बाद उन्होंने धक्का-मुक्की व मारपीट करनी शुरू कर दिया। एबीवीपी वालों का कहना है कि हॉस्टल में नॉनवेज बनाने का उन्होंने विरोध नहीं किया।
मेस कमेटी से भी की जाएगी पूछताछ
पुलिस अधिकारियों के अनुसार करीब 30 से ज्यादा आरोपियों की पहचान हो चुकी है। इनके बयान जल्दी दर्ज किए जाएंगे। अभी पुलिस पीड़ितों के बयान दर्ज कर रही है। मामले की तह तक जाने के लिए कावेरी हॉस्टल की मेस कमेटी से पूछताछ की जाएगी। इसके लिए जल्द ही जेएनयू प्रशासन से अनुमति ली जाएगी।
सुरक्षा गार्डों से भी होगी पूछताछ
उन्होंने बताया कि हॉस्टल आदि जगहों पर तैनात सुरक्षा गार्डों से पूछताछ की जाएगी। पुलिस ऐसे छात्रों की तलाश कर रही है जो किसी भी संगठन से न जुड़े हों और वह सच्चाई बता सकें। ऐसे छात्रों के बयान दर्ज किए जाएंगे। दूसरी तरफ गुरुवार को जेएनयू का माहौल शांत रहा और परिसर में पुलिस बल तैनात नहीं किया गया था।