खुशखबर: दिल्ली के छात्रों को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, डीसीएसई ने इंटरनेशनल बोर्ड के साथ किया समझौता
दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की मौजूदगी में दिल्ली शिक्षा बोर्ड का इंटरनेशनल शिक्षा बोर्ड (आईबी) बोर्ड के साथ करार हुआ।
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दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बच्चों को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिलेगी। दिल्ली सरकार ने इसके लिए इंटरनेशनल बेकालॉरेट बोर्ड (आईबी) बोर्ड के साथ करार किया है। आईबी के साथ अब दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन से संबद्ध 30 सरकारी स्कूलों को जोड़ा जाएगा। इसका फायदा लगभग 1500 विद्यार्थियों को होगा। इन स्कूलों के प्रमुखों व शिक्षकों को आईबी विशेषज्ञ वैश्विक मानकों पर प्रशिक्षित करेंगे। स्कूलों में बच्चों का मूल्यांकन का मानक भी आईबी बोर्ड ही तय करेगा। विदेशी विशेषज्ञ नियमित तौर पर स्कूलों की कार्यप्रणाली का निरीक्षण करेंगे।
दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की मौजूदगी में दिल्ली शिक्षा बोर्ड का इंटरनेशनल शिक्षा बोर्ड (आईबी) बोर्ड के साथ करार हुआ। शिक्षा निदेशक उदित प्रकाश राय और आईबी की ओर से भारत-नेपाल के हेड ऑफ डेवलपमेंट एंड रिकॉग्निशन महेश बालाकृष्णन ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। करार के बाद मुख्यमंत्री ने एक ऑनलाइन प्रेस वार्ता में कहा कि आज दिल्ली शिक्षा बोर्ड के साथ इंटरनेशनल शिक्षा बोर्ड का समझौता हुआ है। ये बहुत बड़ी बात है। इस करार से हमारे बच्चों को अब दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिलेगी। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने लायक बनेंगे। यह मॉडल पूरे देश को एक दिशा दिखाएगा।
उपमुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि हम चाहते हैं कि हमारे विद्यार्थी वैश्विक लीडर बनें। आईबी के साथ साझेदारी उसी दिशा में उठाया गया कदम है। हम चाहते हैं कि विद्याथी सिर्फ परीक्षा पास न करें, बल्कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पेशेवर और जिम्मेदार नागरिक बनें। इंटरनेशनल बैकलॉरिएट की एशिया-पैसिफिक की डेवलपमेंट और रिकॉग्निशन प्रमुख स्टेफनी लिओंग ने कहा कि आई बोर्ड स्कूली शिक्षा को उच्चतम गुणवत्ता पर लाकर व्यावसायिक आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करता है।
तीस स्कूलों में से 10 सर्वोदय और 20 स्कूल स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस
जिन तीस स्कूलों को आईबी बोर्ड से जोड़ा जाएगा उनमें 10 सर्वोदय स्कूल (नर्सरी कक्षा से आठवीं तक) और 20 स्कूल (नौवीं से बारहवीं) स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस स्कूल होंगे। दस स्कूलों में प्राइमरी ईयर प्रोग्राम नर्सरी से पांचवी तक की कक्षाओं में और मिडल ईयर प्रोग्राम छठी से आठवीं कक्षा तक के लिए चलेगा। जबकि बीस स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस स्कूलों में मिडल ईयर प्रोग्राम नौवीं दसवीं कक्षा में और डिप्लोमा और करियर प्रोग्राम ग्यारवीं-बारहवीं कक्षा में चलेगा।
आईबी के विशेषज्ञों से 650 शिक्षकों को मिलेगी ट्रेनिंग
आईबी के विशेषज्ञ 650 शिक्षकों को वैश्विक स्तर की ट्रेनिंग देंगे। इन शिक्षकों में 400 शिक्षक सर्वोदय स्कूलों के और 250 शिक्षक स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस स्कूलों के होंगे। आईबी इनकेलिए प्रोफेशनल डेवलपमेंट वर्कशॉप कराएगा। इससे शिक्षकों की कैपिसिटी बिलंर्डग और कौशल को नणिखारा जाएगा।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बोर्ड के कई विकसित देशों की सरकारों के साथ समझौते हैं। इनमें अमेरिका, कनाडा, स्पेन, जापान और साउथ कोरिया शामिल है। अब इस सूची में दिल्ली का नाम भी शामिल हो गया है। पूरी दुनिया के अंदर इंटरनेशनल बैकलोरीएट आईबी के 5500 स्कूलों के साथ समझौते हैं। यह 159 देशों में काम करता है। दुनिया भर के और हमारे देश के भी जो बड़े-बड़े स्कूल हैं जहां अमीरों के बच्चे पढ़ते हैं उनका यह सपना रहता है कि हमें किसी भी तरह से इंटरनेशनल बोर्ड की शिक्षा मिलनी चाहिए। हमारे दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के तहत जितने भी स्कूल आएंगे उसमें प्राइवेट स्कूल भी होंगे। प्राइवेट स्कूल भी हमारे दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन संबद्ध हो सकते हैं। इसमें सभी सरकारी स्कूल होंगे। अभी 30 स्कूलों से इसको शुरू किया जा रहा है।
मूल्याकंन आईबी बोर्ड तय करेगा
बच्चों का मूल्यांकन कैसे होगा यह इंटरनेशनल बोर्ड तय करेगा। इनके विदेशों से विशेषज्ञ आएंगे, जो हर स्कूल के अंदर जाएंगे और हर स्कूल का निरीक्षण करेंगे। ये हर स्कूल का सत्यापन करेंगे और हर स्कूल का प्रमाणीकरण सर्टिफिकेशन करेंगे कि इस स्कूल के अंदर क्या-क्या कमियां हैं और उन कमियों को दूर किया जाएए ताकि यह स्कूल अंतरराष्ट्रीय स्तर का बन सके।