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दिल्ली: स्टेट जीएसटी विभाग ने किया 347 करोड़ रुपये के जाली बिल घोटाले का भंडाफोड़, एक गिरफ्तार

Sun, 02 Jan 2022 06:04 PM IST
अनुराग सक्सेना पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Sun, 02 Jan 2022 06:04 PM IST
सार

टैक्स चोरी के घोटाले में 11 कंपनियां संलिप्त हैं और इस मामले में एक कंपनी के मालिक मयंक जैन को गिरफ्तार किया गया है। जैन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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Delhi State GST Department busted the fraudulent bill scam of Rs 347 crore one arrested
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली सरकार के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने शनिवार को 347 करोड़ रुपये के 'जाली बिल घोटाले' का भंडाफोड़ किया है। इस मामले से 11 कंपनियां जुड़ी हैं। विभाग ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

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एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ये फर्म सर्कुलर ट्रेडिंग में संलिप्त थीं और टैक्स बचाने के लिए फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा करने वाले फर्जी बिल जारी कर रही थीं। इस पूरे घोटाले का सरगना माने जा रहे सुपर स्टील इंडिया लिमिटेड के मालिक मयंक जैन को गिरफ्तार कर लिया गया है। जैन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। कहा जा रहा है कि जांच के साथ-साथ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

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बिना आपूर्ति के बन रहे थे बिल

बयान के अनुसार कि फर्में माल की आपूर्ति के बिना और नकली चालान जारी कर बिल बनाने में संलिप्त थीं। वे लेन-देन का निपटान नकद में भी करते थे, जिसका कोई हिसाब-किताब नहीं था। पता चला है कि इनमें से कई कंपनियां सिर्फ एक व्यक्ति की हैं और संभावना है कि इन्हें टैक्स बचाने के लिए बनाया गया था।

चार कंपनियों ने एक ही आईपी एड्रेस से फाइल किया आईटीआर

अधिकारियों ने खुलासा किया कि इन 11 में से चार कंपनियों ने एक ही आईपी एड्रेस से टैक्स रिटर्न दाखिल किया था। साथ ही, छह कंपनियों के फोन नंबर एक थे और चार कंपनियां एक ही ईमेल-आईडी का उपयोग कर रही थीं।

अधिकारियों ने बयान में बताया कि शेष दो कंपनियों के पास भी एक ही बैंक अकाउंट नंबर था। विभाग द्वारा किए गए गोपनीय सत्यापन में 11 फर्मों में से कोई भी अपने पंजीकृत पते पर मौजूद नहीं मिली। इन फर्मों द्वारा प्राप्त आईटीसी के आधार पर कुल टैक्स चोरी 40 करोड़ रुपये के करीब होने की उम्मीद है। हालांकि पूछताछ बढ़ने के साथ-साथ इस आंकड़े के बढ़ने की भी संभावना है।

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