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दिल्ली : आज से खुल रहे हैं स्कूल, बच्चे ज्यादा हुए तो अपना सकते हैं ऑड-ईवन
Wed, 01 Sep 2021 05:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 01 Sep 2021 05:06 AM IST
सार
- जरूरत होने पर स्कूलों के मेडिकल रूम में होगा आइसोलेशन
- बच्चों को स्कूल भेजने के लिए 10-40 फीसदी अभिभावकों ने दी मंजूरी
- ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों माध्यम से चलती रहेंगी कक्षाएं
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बाद बंद हुए स्कूलों के दरवाजे नौवीं से बारहवीं तक के बच्चों के लिए फिर खुलने जा रहे हैं। कोरोना से बचाव के लिए स्कूलों ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। स्कूलों के मेडिकल रुम को आपातकालीन स्थिति केलिए आइसोलेशन रुम में बदल दिया दिया गया है। कुछ स्कूलों ने इनमें ऑक्सीजन सिलेंडर और कन्सेनटरेटर की व्यवस्था भी की है। वहीं जो बच्चे स्कूल नहीं आएंगे उनकेलिए पहले की तरह ऑनलाइन कक्षाएं चलती रहेंगी।
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स्कूल एक कक्षा में 9 से 12 बच्चों को ही बिठाएंगे। कक्षाओं में बच्चे अधिक आने पर स्कूल ऑड-ईवन सिस्टम भी अपना सकते हैं। हालांकि यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कितने अभिभावक बच्चों को स्कूल आने की अनुमति देंगे। बीते जनवरी में दसवीं-बारहवीं के लिए और फरवरी में नौवीं व ग्यारवीं के बच्चों के लिए स्कूल खोले गए थे। लेकिन कोरोना महामारी की दूसरी लहर को देखते हुए स्कूलों को फिर से बंद कर दिया गया था।
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अब एक सितंबर से एक साथ नौवीं व बारहवीं केबच्चों के लिए स्कूल खुल रहे हैं। स्कूल भी बच्चों का स्वागत करने के लिए तैयार है। स्कूलों की ओर से अभिभावकों से बच्चों को भेजने के लिए सहमति पत्र लिए गए हैं। फिलहाल 10 से 40 फीसदी अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने की मंजूरी दी है।
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विद्या बाल भवन प्रिंसिपल डॉ सतबीर शर्मा के अनुसार स्कूल को पूरी तरह से सेनिटाइज किया गया है। आपातकालीन स्थिति के मद्देनजर स्कूल के मेडिकल रुम को आइसोलेशन रुम बना दिया है। मेडिकल रुम केसाथ ही एक क्वांरटीन रुम भी तैयार किया गया है। यहां ऑक्सीजन सिलेंडर और कंसनटेरटर की व्यवस्था की गई है. कोरोना से बचाव के सभी सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। प्रत्येक कक्षा में 12 बच्चों के बिठाने की व्यवस्था की गई है। स्टॉफ को भी प्रशिक्षित किया गया है। अधिकतर स्टॉफ को वैक्सीन लग चुकी है जिन्हें नहीं लगी है वह घर से ही ऑनलाइन कक्षाएं लेंगे। स्कूल में अभी 20-22 फीसदी अभिभावकों ने बच्चों को भेजने की सहमति दी है। बच्चों की सुरक्षा व सेहत केसाथ कोई लापरवाही नहीं की जाएगी।
कक्षाओं में ऑड ईवन सिस्टम अपना सकते हैं
एसआर कैपिटल स्कूल के निदेशक लक्ष्य छाबडिय़ा ने बताया कि डीडीएमए की गाइडलाइंस तो आ गई हैं लेकिन अभी शिक्षा विभाग की गाइडलाइंस नहीं आई हैं। लेकिन हमने बच्चों को स्कूल बुलाने के लिए अभिभावकों की मंजूरी ले ली है। कोरोना महामारी के कारण स्कूल में 50 फीसदी से भी कम बच्चे आएंगे। स्कूलों में स्कूलों में जो बच्चे नहीं आएंगे उनकेलिए ऑनलाइन कक्षाएं चलती रहेंगी। एक कक्षा में अधिक बच्चे होने पर बच्चों के नाम के अक्षर के हिसाब से हम ऑड ईवन सिस्टम भी अपना सकते हैं। स्कूल में सफाई व सेनिटाइजेशन का काम पूरा कर लिया गया है। स्कूल परिसर में बच्चों के लिए सामाजिक दूरी का खास ख्याल रखा जाएगा। स्कूल गेट पर भीड़ ना होने पाए इसका भी ध्यान रखेंगे।
अभिभावकों का ओरिएंटेशन किया गया है
माउंट आबू स्कूल की प्रिंसिपल ज्योति अरोड़ा ने बताया कि मंगलवार को अभिभावकों के लिए ऑनलाइन ओरिएंटेशन प्रोग्राम किया है। इसमें उनके डर को दूर करने और बच्चे को क्या करना है क्या नहीं, यह बताया गया है। दो दिन पहले ही अभिभावकों को गाइडलाइंस भेज दी गई थी। मॉस्क पहनना, लंच व स्टेशनरी का अन्य सामान साझा ना करें, इस बात का ध्यान रखा जाएगा। कक्षाएं ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन मोड में चलेंगी। अभी स्कूल भेजने को लेकर काफी कम अभिभावकों ने अपनी सहमति दी है। उम्मीद है कि अगले सप्ताह तक यह चालीस फीसदी तक हो जाए। स्कूल में क्वांरटीन रुम भी बनाया गया है।
काफी स्कूल ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं देंगे
स्कूलों ने बच्चों को फिलहाल ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं देने का फैसला किया है। इस कारण से बच्चों को खुद ही स्कूल आना होगा। इस संबंध में अभिभावकों को बता दिया गया है। स्कूलों का कहना है कि बस में सामाजिक दूरी का पालन कराना मुश्किल हो जाएगा। वहीं कुछ ही अभिभावक बस या वैन से भेजना चाह रहे हैं तो एक दो बच्चे के लिए पूरी बस की व्यवस्था करना अभी मुश्किल होगा। ऐसे में अभिभावकों को खुद ही स्कूल भेजना होगा। स्कूलों का कहना है कि बच्चों की संख्या बढने पर ट्रांसपोर्ट उपलब्ध कराया जा सकता है। डीडीएमए की गाइडलाइंस में कहा गया है कि बस को सेनिटाइज करना होगा और ड्राइवर और सहायक को वैक्सीन लगा होना जरुरी है।