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बन रहा आजादी के 100वें साल की दिल्ली का खाका
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नई दिल्ली। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को एसोसिएटेड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसोचैम) की ओर से आयोजित ई-कॉन्क्लेव ‘दिल्ली की सोच-सस्टेनेबल डेवलेपमेंट फॉर दिल्ली मेगा सिटी : चैलेंजेज एंड इनोवेटिव सॉल्यूशंस’ में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के लिहाज से दूरदर्शी सोच के साथ आगे बढ़े तो जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं। आजादी के 75वें साल में सोचने की जरूरत है कि 25 साल बाद की दिल्ली कैसी होगी। सरकार इसका खाका तैयार कर रही है।
सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार जल्द ही अपनी स्टर्टअप पॉलिसी शुरू करने जा रही है। इससे युवा उद्यमियों को मदद मिलेगी। पिछले 40 वर्ष में जो हमने खोया है, उसे एकत्र कर भविष्य की तैयारी भी कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि बिजनेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम के तहत अब तक सरकारी स्कूलों के 3 लाख विद्यार्थियों ने 51,000 से अधिक स्टार्टअप की शुरुआत की। सीड मनी के तौर पर 60 करोड़ रुपये बांटे गए।
सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय देश के अन्य राज्यों से अधिक है। कोरोना काल में इसमें कमी आई। सरकार की ओर से कराए गए सर्वे में खुलासा हुआ कि दिल्ली में महिला श्रमशक्ति की हिस्सेदारी कम है। इसे देखते हुए आंगनबाड़ी को विकसित कर सहेली समन्वय केंद्रों की शुरुआत की जा रही है। इससे महिलाएं स्थानीय स्तर पर लघु उद्यम की शुरुआत कर सकेंगी।
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सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार जल्द ही अपनी स्टर्टअप पॉलिसी शुरू करने जा रही है। इससे युवा उद्यमियों को मदद मिलेगी। पिछले 40 वर्ष में जो हमने खोया है, उसे एकत्र कर भविष्य की तैयारी भी कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि बिजनेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम के तहत अब तक सरकारी स्कूलों के 3 लाख विद्यार्थियों ने 51,000 से अधिक स्टार्टअप की शुरुआत की। सीड मनी के तौर पर 60 करोड़ रुपये बांटे गए।
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सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय देश के अन्य राज्यों से अधिक है। कोरोना काल में इसमें कमी आई। सरकार की ओर से कराए गए सर्वे में खुलासा हुआ कि दिल्ली में महिला श्रमशक्ति की हिस्सेदारी कम है। इसे देखते हुए आंगनबाड़ी को विकसित कर सहेली समन्वय केंद्रों की शुरुआत की जा रही है। इससे महिलाएं स्थानीय स्तर पर लघु उद्यम की शुरुआत कर सकेंगी।
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