फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi riots Facebook should present the data of complaints for three months, Public Policy Director answered the questions

दिल्ली दंगा: तीन माह की शिकायतों का डाटा पेश करे फेसबुक, पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर ने दिया सवालों का जवाब

Fri, 19 Nov 2021 09:28 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 19 Nov 2021 09:28 AM IST
सार

दिल्ली दंगा मामले में पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर ने विधानसभा समिति के समक्ष पेश होकर सवालों का जवाब दिया है। बताया कि 40 हजार लोग सामग्री प्रबंधन में लगे हैं, इनमें से 15 हजार निगरानी करते हैं। 

विज्ञापन
Delhi riots Facebook should present the data of complaints for three months, Public Policy Director answered the questions
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली विधानसभा की समिति ने फेसबुक इंडिया को बृहस्पतिवार को निर्देश दिया कि वह फरवरी 2020 के उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों के एक माह पहले और दो माह के बाद का यूजर रिपोर्ट (शिकायत) डाटा पेश करे। शांति एवं सद्भाव समिति के अध्यक्ष राघव चड्ढा ने फेसबुक इंडिया के पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर शिवनाथ ठुकराल की ओर से पेश प्रतिवेदन पर विचार करते हुए उपरोक्त निर्देश दिया। 
विज्ञापन


चड्ढा ने इसके अलावा फेसबुक अधिकारी से संगठनात्मक ढांचे, शिकायतों के निपटारे, सामुदायिक मानकों और हेट स्पीच की परिभाषा के बारे में पूछा। समिति ने झूठी, भड़काऊ और दुर्भावनापूर्ण खबरों के प्रसार को रोकने में सोशल मीडिया की भूमिका के बारे में अपने विचार रखने के लिए फेसबुक अधिकारी को समन जारी कर तलब किया था। 
विज्ञापन


ठुकराल ने अपने शुरुआती बयान में कहा कि फेसबुक कोई कानून लागू करने वाली एजेंसी नहीं है लेकिन ऐसी एजेंसियों के साथ सहयोग करने का तंत्र उसके पास है। जब असल दुनिया में कुछ घटित होता है तो वह फेसबुक की आभासी दुनिया में भी दिखाई देता है। हम अपने प्लेटफार्म पर नफरत नहीं चाहते। कुछ गलत घटक हैं जिनपर काम करने की जरूरत है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


40 हजार लोग कर रहे सामग्री प्रबंधन
फेसबुक अधिकारी ने कहा कि उनके संगठन में 40 हजार लोग सामग्री प्रबंधन और इनमें 15 हजार केवल इस सामग्री पर निगरानी रखने का काम करते हैं। अगर कोई सामग्री सामुदायिक मानकों के विपरीत मिलता है जो उसे तुरंत हटा दिया जाता है। 

ठुकराल ने समिति के सदस्य द्वारा पूछे गए दिल्ली दंगों से जुड़े सवाल का जवाब का मामले में चल रही जांच और कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए इनकार कर दिया। उन्होंने जब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देेते हुए जवाब देने से इनकार किया तो राघव चड्ढा ने कहा कि वे सवालों का जवाब देने से इनकार नहीं कर सकते। 

चड्ढा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने समिति उन शक्तियों को मान्यता दी थी जिनके तहत वह सदस्यों, गैर सदस्यों और फेसबुक अधिकारियों को सुनवाई में पेश होने का निर्देश दे सकती है। 

ठुकराल ने बताया कि उनके पास तथ्यों की जांच करने वाली दस टीमें हैं जो 20 भाषाओं में से 11 में पोस्ट होने वाली सामग्री की जांच करती हैं। इसके अलावा मशीन टूल होने के साथ कई सामाजिक संस्थाएं भी हैं जो आपत्तिजनक सामग्री को रोकने और उस पर कार्रवाई में मदद करती हैं। 
 

संगठनात्मक ढांचे की मांगी जानकारी

समिति ने खास तौर से फेसबुक इंडिया के संगठनात्मक ढांचे, उसमें काम करने वाली टीमें और भर्ती से संबंधित प्रक्रिया की जानकारी मांगी। चड्ढा ने कहा कि मुश्किल सामाजिक हालातों निपटने और हिंसक हालातों को शांत करने में फेसबुक जैसे बड़े सोशल मीडिया संगठन की काफी अहम भूमिका हो सकती है।
 
ठुकराल ने बताया कि फेसबुक नफरत फैलाने वाली सामग्री से निपटता है। इंडस्ट्री के सबसे उत्तम प्रोग्राम ये कार्य करते हैं। इस कार्य के लिए 2016 से अब तक 13 बिलियन यूएस डॉलर निवेश किया जा चुका है। हमारे प्लेटफार्म पर लोग सुरक्षित रहें इसके लिए 40 हजार लोग लगातार काम करते हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed