फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi Riots: Charges framed against 11 accused in a case

दिल्ली दंगा : दलीलें दरकिनार, एक मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय

Fri, 04 Feb 2022 06:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 04 Feb 2022 06:30 AM IST
सार

अदालत ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में दिखाई न देना आरोपमुक्त करने का आधार नहीं बनाया जा सकता। दंगा करने, दंगे के दौरान हथियार का प्रयोग, घर में चोरी, नुकसान पहुंचाने, आगजनी व गैरकानूनी रूप से एकत्रित होने के अपराध में मुकदमा चलाने का निर्देश।
 

विज्ञापन
Delhi Riots: Charges framed against 11 accused in a case
demo pic... - फोटो : Social Media

विस्तार

अदालत ने उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों से संबंधित एक मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। अदालत ने कहा कि गवाहों के बयानों व साक्ष्यों के आधार  पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के पर्याप्त साक्ष्य है। अदालत ने आरोपियों के उस तर्क को खारिज कर दिया कि उन्हें सीसीटीवी फुटेज में नहीं देखा गया।  अदालत ने कहा इसे उनको आरोपमुक्त करने का आधार नहीं बनाया जा सकता। 

विज्ञापन


अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने आरोपी अंकित चौधरी उर्फ फौजी, सुमित बादशाह, पप्पू, विजय, आशीष कुमार, सौरभ कौशिक, भूपेंद्र, शक्ति सिंह, सचिन कुमार, राहुल और योगेश के खिलाफ आरोप तय किए। अदालत ने उनके खिलाफ दंगा करने, दंगे के दौरान हथियार का प्रयोग, घर में चोरी, नुकसान पहुंचाने, आगजनी व गैरकानूनी रूप से एकत्रित होने के अपराध में मुकदमा चलाने का निर्देश दिया है। मामला गोकलपुरी थाने का है।
विज्ञापन


अदालत ने कहा आरोपी सीसीटीवी फुटेज में दिखाई नहीं दे रहे हैं इस मामले में उनके आरोप मुक्त होने का आधार नहीं बनाया जा सकता है, क्योंकि उन्हें दो सार्वजनिक गवाहों और दो पुलिस गवाहों द्वारा स्पष्ट रूप से पहचाना गया है। आरोप है कि संबंधित सीसीटीवी फुटेज शिकायतकर्ता नसीम खान की दुकान के साथ इस मामले में शामिल घटना के स्थान से संबंधित है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्राथमिकी नसीम खान नामक व्यक्ति की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी जिसमें कहा गया था कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उसकी दुकान में प्रवेश किया और उसे लूटकर उसे आग लगा दी। हालांकि शिकायतकर्ता ने लिखित शिकायत में किसी हमलावर का नाम नहीं लिया था। जांच के दौरान दो सार्वजनिक गवाहों और दो पुलिस गवाहों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान हुई।

सार्वजनिक गवाहों ने कहा कि सभी आरोपी व्यक्ति गैरकानूनी सभा में शामिल थे और उन्होंने गोकलपुरी क्षेत्र में तोड़फोड़ और संपत्तियों को जला दिया। आरोपियों ने शिकायतकर्ता की दुकान को भी लूट लिया, क्षतिग्रस्त कर आग लगा दी। गवाहों ने विशेष रूप से सभी आरोपियों के नाम लेते हुए कहा कि वे उन्हें पहले से जानते है और घटना के समय दंगाइयों के बीच उनकी पहचान की। इसी तरह, पुलिस के गवाहों ने भी दंगाइयों में से आरोपियों की पहचान की, जिन्होंने क्षेत्र में अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने और जलाने के अलावा, शिकायतकर्ता की दुकान में तोड़फोड़ की और आग लगा दी थी।


अदालत ने कहा उनका मानना है कि घटना के संबंध में सीसीटीवी फुटेज की उपलब्धता एक पुष्ट साक्ष्य के रूप में काम करेगी, हालांकि, इसकी अनुपस्थिति किसी भी तरह से जमानत के स्तर पर अभियोजन मामले को खराब नहीं करती है। अदालत ने कहा इस घटना में उनकी संलिप्तता उपरोक्त नामित सार्वजनिक गवाहों, पुलिस गवाहों के बयानों के आधार पर और अधिक स्पष्ट हो गई है। इन गवाहों के बयानों को अभियुक्तों के खिलाफ आरोपों को तय करने के इस चरण में खारिज करना पूरी तरह से अनुचित होगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed