{"_id":"64f9df21ec4ad5e5eb0e40ab","slug":"delhi-riots-bail-to-khalid-accused-of-murder-of-head-constable-ashram-news-c-340-1-del1011-24012-2023-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली दंगा : हेड कांस्टेबल की हत्या के आरोपी खालिद को जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली दंगा : हेड कांस्टेबल की हत्या के आरोपी खालिद को जमानत
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अदालत ने 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान हेड कांस्टेबल रतन लाल की हत्या में शामिल आरोपी मोहम्मद खालिद को जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि मामले में अन्य सभी प्रमुख आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलत्स्य प्रमाचला की अदालत ने आरोपी मोहम्मद खालिद की जमानत 15 हजार रुपये के निजी मुचलके व एक अन्य जमानत राशि पर स्वीकार की है।
अदालत ने कहा कि उन्हें आरोपी मोहम्मद खालिद की भूमिका अन्य सह-आरोपियों की तुलना में खराब नहीं लगती। उन्होंने कहा कि इसी तरह के आरोप वाले अन्य व्यक्तियों को बिना किसी विशिष्ट भूमिका के उस भीड़ का हिस्सा होने के कारण इस मामले में जमानत दे दी गई है। अदालत ने यह भी कहा कि जिन लोगों पर सीसीटीवी कैमरों को नुकसान पहुंचाने जैसी विशिष्ट भूमिका का आरोप था, उन्हें भी दिल्ली उच्च न्यायालय ने जमानत प्रदान कर दी है।
आरोपी के वकील मोहम्मद हसन के मुताबिक, खालिद दिसंबर 2018 से देहरादून में रह रहा था। खालिद के बैंक लेनदेन से पता चलता है कि वह उक्त घटना की तारीख पर देहरादून में गैस स्टेशन पर मौजूद था। गौरतलब है कि इसी साल जुलाई में गिरफ्तार किया गया मोहम्मद खालिद हेड कांस्टेबल रतन लाल की हत्या के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक मोहम्मद अयाज का भाई है। अयाज़ को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इसी साल 21 जून को गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
नई दिल्ली। अदालत ने 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान हेड कांस्टेबल रतन लाल की हत्या में शामिल आरोपी मोहम्मद खालिद को जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि मामले में अन्य सभी प्रमुख आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलत्स्य प्रमाचला की अदालत ने आरोपी मोहम्मद खालिद की जमानत 15 हजार रुपये के निजी मुचलके व एक अन्य जमानत राशि पर स्वीकार की है।
अदालत ने कहा कि उन्हें आरोपी मोहम्मद खालिद की भूमिका अन्य सह-आरोपियों की तुलना में खराब नहीं लगती। उन्होंने कहा कि इसी तरह के आरोप वाले अन्य व्यक्तियों को बिना किसी विशिष्ट भूमिका के उस भीड़ का हिस्सा होने के कारण इस मामले में जमानत दे दी गई है। अदालत ने यह भी कहा कि जिन लोगों पर सीसीटीवी कैमरों को नुकसान पहुंचाने जैसी विशिष्ट भूमिका का आरोप था, उन्हें भी दिल्ली उच्च न्यायालय ने जमानत प्रदान कर दी है।
विज्ञापन
आरोपी के वकील मोहम्मद हसन के मुताबिक, खालिद दिसंबर 2018 से देहरादून में रह रहा था। खालिद के बैंक लेनदेन से पता चलता है कि वह उक्त घटना की तारीख पर देहरादून में गैस स्टेशन पर मौजूद था। गौरतलब है कि इसी साल जुलाई में गिरफ्तार किया गया मोहम्मद खालिद हेड कांस्टेबल रतन लाल की हत्या के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक मोहम्मद अयाज का भाई है। अयाज़ को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इसी साल 21 जून को गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन