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हो जाएं सावधान : यलो, अंबर और ऑरेंज अलर्ट तक पहुंची दिल्ली, अस्पताल खाली

Tue, 19 Apr 2022 04:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Tue, 19 Apr 2022 04:35 AM IST
सार

ग्रेप कानून के तहत बीते दो दिन से संक्रमण दर चार फीसदी पार। रेड जोन के करीब पहुंचने के बाद भी मृत्युदर अभी तक सबसे कम। 11 में से एक जिला रेड जोन में पहुंचा, दक्षिणी जिले में संक्रमण छह फीसदी पार।

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Delhi reaches Yellow, Amber and Orange alert, hospital empty
कोरोना जांच - फोटो : पीटीआई

विस्तार

कोरोना संक्रमण के कारण दिल्ली बीते तीन दिन में ही यलो, अंबर और अब ऑरेंज अलर्ट तक पहुंच गई। 11 में से एक दक्षिणी जिला रेड जोन में भी शामिल हो गया है, क्योंकि यहां 11 से 17 अप्रैल के बीच साप्ताहिक संक्रमण दर छह फीसदी से अधिक दर्ज की गई है। राहत यह भी है कि अस्पतालों में कोविड रोगियों के अधिकांश बिस्तर खाली हैं और मृत्यु दर भी सबसे कम है। शायद इसी के चलते अब तक ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) कानून को लेकर सरकार ने प्रतिबंधों पर कोई फैसला नहीं लिया है।

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हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने चिंता जताते हुए कोविड सतर्कता नियमों पर अधिक जोर देने की बात कही है। विभाग के अनुसार, मास्क लगाने, भीड़ से दूरी आदि को लेकर जिला वार अभियान चलाए जाएंगे, ताकि लोग लापरवाही न बरतें।
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कोरोना महामारी प्रबंधन को लेकर बीते वर्ष दिल्ली सरकार ने ग्रेप कानून लागू किया था। इसके तहत चार रंगों के आधार पर अलग-अलग स्थितियां तय की गईं, जिसके आधार पर व्यवस्थाएं और प्रतिबंधों को लागू करने का फैसला लिया गया था। दिल्ली की वर्तमान स्थिति को ग्रेप कानून से जोड़कर देखते हैं तो यह ऑरेंज से रेड अलर्ट की ओर बढ़ रही है। बीते दो दिन से संक्रमण दर चार से पांच फीसदी के बीच है, जो राजधानी में रेड अलर्ट का संकेत दे रही है। ग्रेप कानून के तहत रेड अलर्ट का मतलब दिल्ली में पूरी तरह से लॉकडाउन लागू होने से है। 

स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में इस समय दो स्थिति देखने को मिल रही हैं। एक स्थिति सीधे तौर पर संक्रमित मरीजों से जुड़ी है, जो राजधानी में छठीं लहर का संकेत दे रही है, जबकि दूसरी स्थिति अस्पताल और मृत्युदर से जुड़ी है, जो अभी भी नियंत्रित दिखाई दे रही है। ऐसे में ग्रेप कानून लागू होने के फैसले पर आगामी दिनों में दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में चर्चा हो सकती है।

क्या है ग्रेप कानून 
कोरोना महामारी को लेकर सरकार ने ग्रेप कानून बनाया। इसके तहत चार अलग-अलग स्थितियों को रंगों के साथ जोड़ा गया। जैसे लगातार दो दिन तक दैनिक संक्रमण दर 0.5 फीसदी रहने या सप्ताह में 1500 मामले या फिर अस्पतालों में 500 बिस्तर भरने पर येलो अलर्ट लागू होगा। इसी तरह अंबर अलर्ट तभी लागू हो सकता है जब दो दिन तक संक्रमण एक फीसदी से अधिक, सप्ताह में 3500 मामले या फिर अस्पतालों में 700 से अधिक बिस्तर भरें। ऑरेंज अलर्ट में संक्रमण दो फीसदी से अधिक रहने या फिर सप्ताह में 9000 मामले और 1000 बिस्तर भरने का नियम है। पांच फीसदी या उससे अधिक संक्रमण दर होने पर रेड अलर्ट माना जाता है। इन सभी स्थितियों में प्रतिबंध भी अलग-अलग हैं।


ये भी है शर्त
ग्रेप के अनुसार, अगर दैनिक संक्रमण दर के आधार पर देखें तो दिल्ली तीन दिन में ही येलो से अंबर हुई और फिर ऑरेंज अलर्ट तक जा पहुंची है। इस स्थिति में एक शर्त यह भी है कि अस्पतालों में 3000 बिस्तर भरे हों या फिर 16 हजार नए मामले सात दिन में आए हों। इन दोनों ही स्थिति में दिल्ली अभी नहीं है। बीते सात दिन में करीब 2000 से अधिक नए मामले सामने आए हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या नहीं बढ़ी है। 

हालात पर एक नजर
तारीख    केस    संक्रमण दर    बिस्तर भरे
13        299    2.49                43
14        325    2.39                48
15        366    3.95                51
16        461    5.33               59
17        517   4.21                 66
नोट : आंकड़े इस माह के हैं और संक्रमण दर फीसदी में है।

जिला वार संक्रमण की स्थिति
जिला  साप्ताहिक संक्रमण दर (फीसदी में) 

  • दक्षिणी    6.26
  • पश्चिमी    4.94
  • दक्षिण पश्चिम    4.47
  • पूर्वी    4.43
  • उत्तर पूर्वी    4.19 
  • मध्य    3.67
  • नई दिल्ली    2.92 
  • दक्षिण पूर्वी    2.82 
  • शाहदरा    1.88
  • उत्तर पूर्वी    0.96
  • उत्तरी    0.85


दिल्ली में कोरोना संक्रमण काफी बढ़ रहा है। हालांकि, हमारे यहां अभी 95 फीसदी तक कोविड बिस्तर खाली हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि लोग लापरवाही बरतें। अगर टीकाकरण कराने के साथ लोग एहतियात बरतें और नियमों का पालन करें तो संक्रमण को कम किया जा सकता है।
- डॉ. सुरेश कुमार, निदेशक, लोकनायक अस्पताल

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