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दिल्ली: यूथ कांग्रेस नेता गुरलाल सिंह हत्या मामले में पुलिस ने तीन लोगों को किया गिरफ्तार, कनाडा में रची गई थी साजिश
Sun, 21 Feb 2021 07:03 PM IST
सुशील कुमार कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Sun, 21 Feb 2021 07:03 PM IST
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डीसीपी स्पेशल सेल मनीषी चंद्रा।
- फोटो : ANI
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने फरीदकोट जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष और गोलेवाला पंजाब से जिला परिषद सदस्य गुरलाल सिंह भलवान की हत्या करने वाले मुख्य साजिशकर्ता समेत तीन आरोपियों को सराय काले खां दिल्ली से गिरफ्तार किया है। दूसरे गिरोह को समर्थन देने की आशंका व गैंगवार में हुई हत्या का बदला लेने के लिए उभरते युवा कांग्रेस नेता की 12 से ज्यादा गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी।
कांग्रेस नेता की हत्या की साजिश कनाड़ा में रची गई थी। दिल्ली पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी को लेकर पंजाब पुलिस को सूचना दे दी है। स्पेशल सेल डीसीपी मनीषी चंद्रा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिटी कोटकापूरा, फरीदकोर्ट पंजाब निवासी गुरविंदर उर्फ गोरा(32), गुरू नानक कॉलोनी फरीदकोट पंजाब निवासी सुखविंदर उर्फ सन्नी ढिल्लन (23) और मोहल्ला माहीखाना फरीदकोट पंजाब निवासी सौरभ वर्मा (21) के रूप में हुई।
गुरविंदर पाल मुख्य साजिशकर्ता है। मनीषी चंद्रा ने बताया कि फरीदकोट में जुबली चौक पर गुरलाल सिंह की 18 फरवरी को उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वह दोस्त की दुकान से अपने कार में बैठने जा रहे थे। स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलीजेंस यूनिट हत्या के इस मामले में लारेंस विश्नाई गिरोह के नेटवर्क को खंगाल रही थी।
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लारेंस विश्राई इस समय अजमेर, राजस्थान की हाईसिक्यूरिटी जेल में बंद है। ये पिछले छह-आठ महीनों से दिल्ली में पैठ बनाने की कोशिश कर रहा था। इसका नजदीकी साथी गैंगस्टर काला जठेडी फरीदाबाद पुलिस की कस्टडी से फरवरी, 20 में फरार हो गया था और उस पर सात लाख रुपये का इनाम है। इस यूनिट को मिली एक सूचना के बाद तीन बदमाशों को सराय काले खां इलाके से 20 व 21 फरवरी की रात गिरफ्तार कर लिया गया। ये तीनों उत्तर प्रदेश में पनाह लेने जा रहे थे। इनके पास से दो हथियार व आठ कारतूस बरामद किए गए।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि कांग्रेस नेता की हत्या की साजिश कनाडा में रह रहे व लारेंस विश्राई के साथी फरीदकोट, पंजाब के गोल्डी बरार ने कनाडा में रची थी। अपराधिक प्रवृति के गोल्डी पंजाब के व्यवसायियों से कनाडा से ही उगाही कर रहा था। लारेंस विश्रोई के संरक्षण में पल रहे स्टूडेंट आर्गेनाईजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी (एसओपीयू) के पूर्व राज्य अध्यक्ष गुरलाल बरार की लारेंस विश्राई व भाम्बिया गिरोह के बीच अक्तूबर, 20 में चंडीगढ़ में हुई गैंगवार में हत्या हो गई थी।
गुरलाल बरार गोल्डी का चचेरा भाई था और अब गिरफ्तार गुरविंदर इनका बहनोई है। अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए पहले तो इन्होंने मुक्तसर- मलौत राजमार्ग पर रणजीत सिंह उर्फ राणा सिद्धू की 15 गोलियां मारकर दिनदहाड़े हत्या की थी।
कांग्रेस नेता की हत्या ऐसे की गई थी
आरोपियों को संदेह था कि कांग्रेस नेता गुरलाल सिंह भलवान अपने राजनीतिक कैरियर के लिए भाम्बिया गिरोह को समर्थन दे रहा है। ऐसे में गोल्डी ने गुरविंदर पाल उर्फ गोरा उर्फ बाऊ को कांग्रेस नेता की हत्या करने के लिए कहा। सुखविंदर और सौरभ लारेंस विश्रोई गिरोह के है, जबकि फरार दो आरोपी काला जठेडी गिरोह के हैं। गुरविंदर ने सभी को चंडीगढ़ में ठहराया था।
फेसबुक पोस्ट से मूवमेंट का पता लगता रहा
कांग्रेस नेता फेसबुक पर अपना मूवमेंट डालता रहता था। इससे अरोपियों को उसके मूवमेंट की जानकारी मिलती रहती थी। गुरलाल ने पांच फरवरी को फेसबुक पर पोस्ट डाली थी कि वह नौ फरवरी को किसान आंदोलन में भाग लेने के लिए सिंघु बॉर्डर जा रहा है। ऐसे में गोल्डी ने सिंघु बॉर्डर पर गुरलाल की हत्या करने को कहा। गुरविंदर पाल ने दो साथियों के साथ उसका पीछा किया।
प्रदर्शनकारी किसानों की संख्या को देखते हुए वारदात को अंजाम नहीं दिया गया। ये गुरलाल के पीछे जंतर-मंतर पर बैठे कांग्रेसी नेताओं के घरनास्थल तक गया था। यहां पर गुरलाल ने कांग्रेसी नेताओं के साथ अपनी फोटो फेसबुक पर पोस्ट की थी। दिल्ली पुलिस की सुरक्षा के चलते यहां भी ये गुरलाल की हत्या नहीं कर सके। 18 फरवरी को फरीदकोट में इनको मौका मिल गया था। यहां से शूटरों को गुरविंदर पहले सालासर, राजस्थान व अगले दिन झज्जर ले गया। इनको यूपी जाते हुए दिल्ली पुलिस ने दबोच लिया।
मोबाइल से पंजाब के व्यवसायियों के नंबर मिले हैं
स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार गुरविंदर के मोबाइल से पंजाब व हरियाणा के व्यवसासियों के मोबाइल नंबर व अन्य जानकारी मिली है। लारेंस विश्रोई व काला जठेडी के कहने पर गोल्डी बरार ने व्यवसायियों के नंबर उपलब्ध कराए थे। इन व्यवसायियों से रंगदारी वसूलनी थी।
पंजाब के मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया था
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उभरते कांग्रेसी नेता गुरलाल की हत्या पर दुख व्यक्त करते हुए ट्वीट किया था। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा था कि ये बहुत ही चौकाने वाली घटना है। उन्होंने आरोपियों को तुरंत पकडने के पंजाब पुलिस के डीजीपी को आदेश दिया था। कांग्रेस नेता की हत्या की इस वारदात से पंजाब में सनसनी फैल गई थी। दूसरी तरफ लारेंस विश्रोई ने फेसबुक पर पोस्ट डालकर कांग्रेस नेता की हत्या की जिम्मेदारी ली थी और कहा था कि पंजाब पुलिस बेकसूर लोगों को परेशान न करें।
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कांग्रेस नेता की हत्या की साजिश कनाड़ा में रची गई थी। दिल्ली पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी को लेकर पंजाब पुलिस को सूचना दे दी है। स्पेशल सेल डीसीपी मनीषी चंद्रा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिटी कोटकापूरा, फरीदकोर्ट पंजाब निवासी गुरविंदर उर्फ गोरा(32), गुरू नानक कॉलोनी फरीदकोट पंजाब निवासी सुखविंदर उर्फ सन्नी ढिल्लन (23) और मोहल्ला माहीखाना फरीदकोट पंजाब निवासी सौरभ वर्मा (21) के रूप में हुई।
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गुरविंदर पाल मुख्य साजिशकर्ता है। मनीषी चंद्रा ने बताया कि फरीदकोट में जुबली चौक पर गुरलाल सिंह की 18 फरवरी को उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वह दोस्त की दुकान से अपने कार में बैठने जा रहे थे। स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलीजेंस यूनिट हत्या के इस मामले में लारेंस विश्नाई गिरोह के नेटवर्क को खंगाल रही थी।
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लारेंस विश्राई इस समय अजमेर, राजस्थान की हाईसिक्यूरिटी जेल में बंद है। ये पिछले छह-आठ महीनों से दिल्ली में पैठ बनाने की कोशिश कर रहा था। इसका नजदीकी साथी गैंगस्टर काला जठेडी फरीदाबाद पुलिस की कस्टडी से फरवरी, 20 में फरार हो गया था और उस पर सात लाख रुपये का इनाम है। इस यूनिट को मिली एक सूचना के बाद तीन बदमाशों को सराय काले खां इलाके से 20 व 21 फरवरी की रात गिरफ्तार कर लिया गया। ये तीनों उत्तर प्रदेश में पनाह लेने जा रहे थे। इनके पास से दो हथियार व आठ कारतूस बरामद किए गए।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि कांग्रेस नेता की हत्या की साजिश कनाडा में रह रहे व लारेंस विश्राई के साथी फरीदकोट, पंजाब के गोल्डी बरार ने कनाडा में रची थी। अपराधिक प्रवृति के गोल्डी पंजाब के व्यवसायियों से कनाडा से ही उगाही कर रहा था। लारेंस विश्रोई के संरक्षण में पल रहे स्टूडेंट आर्गेनाईजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी (एसओपीयू) के पूर्व राज्य अध्यक्ष गुरलाल बरार की लारेंस विश्राई व भाम्बिया गिरोह के बीच अक्तूबर, 20 में चंडीगढ़ में हुई गैंगवार में हत्या हो गई थी।
गुरलाल बरार गोल्डी का चचेरा भाई था और अब गिरफ्तार गुरविंदर इनका बहनोई है। अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए पहले तो इन्होंने मुक्तसर- मलौत राजमार्ग पर रणजीत सिंह उर्फ राणा सिद्धू की 15 गोलियां मारकर दिनदहाड़े हत्या की थी।
कांग्रेस नेता की हत्या ऐसे की गई थी
आरोपियों को संदेह था कि कांग्रेस नेता गुरलाल सिंह भलवान अपने राजनीतिक कैरियर के लिए भाम्बिया गिरोह को समर्थन दे रहा है। ऐसे में गोल्डी ने गुरविंदर पाल उर्फ गोरा उर्फ बाऊ को कांग्रेस नेता की हत्या करने के लिए कहा। सुखविंदर और सौरभ लारेंस विश्रोई गिरोह के है, जबकि फरार दो आरोपी काला जठेडी गिरोह के हैं। गुरविंदर ने सभी को चंडीगढ़ में ठहराया था।
फेसबुक पोस्ट से मूवमेंट का पता लगता रहा
कांग्रेस नेता फेसबुक पर अपना मूवमेंट डालता रहता था। इससे अरोपियों को उसके मूवमेंट की जानकारी मिलती रहती थी। गुरलाल ने पांच फरवरी को फेसबुक पर पोस्ट डाली थी कि वह नौ फरवरी को किसान आंदोलन में भाग लेने के लिए सिंघु बॉर्डर जा रहा है। ऐसे में गोल्डी ने सिंघु बॉर्डर पर गुरलाल की हत्या करने को कहा। गुरविंदर पाल ने दो साथियों के साथ उसका पीछा किया।
प्रदर्शनकारी किसानों की संख्या को देखते हुए वारदात को अंजाम नहीं दिया गया। ये गुरलाल के पीछे जंतर-मंतर पर बैठे कांग्रेसी नेताओं के घरनास्थल तक गया था। यहां पर गुरलाल ने कांग्रेसी नेताओं के साथ अपनी फोटो फेसबुक पर पोस्ट की थी। दिल्ली पुलिस की सुरक्षा के चलते यहां भी ये गुरलाल की हत्या नहीं कर सके। 18 फरवरी को फरीदकोट में इनको मौका मिल गया था। यहां से शूटरों को गुरविंदर पहले सालासर, राजस्थान व अगले दिन झज्जर ले गया। इनको यूपी जाते हुए दिल्ली पुलिस ने दबोच लिया।
मोबाइल से पंजाब के व्यवसायियों के नंबर मिले हैं
स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार गुरविंदर के मोबाइल से पंजाब व हरियाणा के व्यवसासियों के मोबाइल नंबर व अन्य जानकारी मिली है। लारेंस विश्रोई व काला जठेडी के कहने पर गोल्डी बरार ने व्यवसायियों के नंबर उपलब्ध कराए थे। इन व्यवसायियों से रंगदारी वसूलनी थी।
पंजाब के मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया था
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उभरते कांग्रेसी नेता गुरलाल की हत्या पर दुख व्यक्त करते हुए ट्वीट किया था। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा था कि ये बहुत ही चौकाने वाली घटना है। उन्होंने आरोपियों को तुरंत पकडने के पंजाब पुलिस के डीजीपी को आदेश दिया था। कांग्रेस नेता की हत्या की इस वारदात से पंजाब में सनसनी फैल गई थी। दूसरी तरफ लारेंस विश्रोई ने फेसबुक पर पोस्ट डालकर कांग्रेस नेता की हत्या की जिम्मेदारी ली थी और कहा था कि पंजाब पुलिस बेकसूर लोगों को परेशान न करें।