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उड़िया भाषा की मदद से किशोर को परिवार से मिलवाया
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नई दिल्ली। ओडिशा के रहने वाले 14 वर्षीय किशोर को दक्षिणी-पूर्वी जिले की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने उसके परिवारवालों से मिलवाया। जिले के पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि एक आश्रय गृह से यह किशोर मिला था। किशोर को कमला मार्केट थाने से लगभग चार सप्ताह पहले आश्रय गृह भेजा गया था।
वह उड़िया के अलावा कोई भाषा न आने के कारण कुछ बता नहीं पा रहा था। पुलिस ने फिर एक उड़िया भाषा के जानकार से उसकी बातचीत करवाई गई। उसने बताया कि वह बरगढ़ कुर्ला, नूनिया जांपली का रहने वाला है। तब गूगल की मदद से उस इलाके के बारे में पता किया गया।
पुलिस ने बरगढ़ थाने के एसएचओ से संपर्क किया। वहां से नूनिया जांपली गांव के प्रधान की मदद से किशोर के माता-पिता का मोबाइल नंबर लिया। 28 अगस्त को उसके माता-पिता से संपर्क किया गया। वीडियो कॉलिंग के माध्यम से उन्होंने बच्चे की पहचान की। इसके बाद माता-पिता को बुलाकर उसे उनके हवाले कर दिया गया।
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वह उड़िया के अलावा कोई भाषा न आने के कारण कुछ बता नहीं पा रहा था। पुलिस ने फिर एक उड़िया भाषा के जानकार से उसकी बातचीत करवाई गई। उसने बताया कि वह बरगढ़ कुर्ला, नूनिया जांपली का रहने वाला है। तब गूगल की मदद से उस इलाके के बारे में पता किया गया।
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पुलिस ने बरगढ़ थाने के एसएचओ से संपर्क किया। वहां से नूनिया जांपली गांव के प्रधान की मदद से किशोर के माता-पिता का मोबाइल नंबर लिया। 28 अगस्त को उसके माता-पिता से संपर्क किया गया। वीडियो कॉलिंग के माध्यम से उन्होंने बच्चे की पहचान की। इसके बाद माता-पिता को बुलाकर उसे उनके हवाले कर दिया गया।
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