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छवि बदलने की जद्दोजहद : दिल्ली पुलिस ने 11 थानों को बनाया बाल-मित्र, खेल के साथ होगी पढ़ाई
Sun, 25 Jul 2021 05:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 25 Jul 2021 05:44 AM IST
सार
- सभी थानों में बनाया गया चाइल्ड फ्रेंडली कॉर्नर
- उत्तर पश्चिम जिला ने 11 थानों को बनाया चाइल्ड फ्रेंडली
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ऐसा ही एक थाना...
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी में बच्चे अब बिना डरे पुलिस अंकल के साथ बातचीत कर सकेंगे। उत्तर पश्चिम जिला पुलिस ने जिले के सभी थानों को चाइल्ड फ्रेंडली बना दिया है। जिले के सभी 11 थानों में चाइल्ड फ्रेंडली कॉर्नर बनाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इसका मकसद छोटे बच्चों को घर जैसा माहौल देना है। उन्हें थाने में तैनात महिला सिपाही से मां जैसा लाड़ प्यार मिलेगा और वह उन्हें बेहतर जीवन की सीख भी देंगी।
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परिक्षेत्र के संयुक्त आयुक्त एसएस यादव ने उत्तर पश्चिम जिले की इस अनोखी चाइल्ड फ्रेंडली कॉनर का उद्घाटन किया और जिले की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे छोटे बच्चों में पुलिस की प्रति डर हटेगा और उनका भरोसा भी बढ़ेगा। बच्चे पुलिसकर्मियों के साथ खेल सकते हैं, सीख सकते हैं और अपनी बातों को उनके साथ साझा कर सकते हैं।
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पुलिस आयुक्त ने जिला की पुलिस उपायुक्त उषा रंगनानी, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त डॉक्टर गुरिकबल सिंह सिद्धु और आलाप पटेल सहित इस पहल में शामिल सभी पुलिसकर्मियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तर पश्चिम जिला पुलिस ने इस दिशा में अलग पहचान बनाई है।
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जिला पुलिस उपायुक्त उषा रंगनानी ने कहा कि चाइल्ड फ्रेंडली कॉनर में बच्चों के खेलने का सामान, किताब, नोटबुक , रंग भरने वाली किताबें, खिलौना, पीने का पानी और खाने का सामान की व्यवस्था है। बच्चों की देखभाल के लिए अलग से महिला सिपाही की तैनाती की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से जारी दिशा निर्देशों के हिसाब से है और यह क्रेच के मकसद को भी पूरा करेगा। पुलिस थानों में कार्यरत महिला सिपाही अपने बच्चों को यहां छोड़कर अपनी ड्यूटी भी कर सकेंगी।