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दिल्ली पुलिस कमिश्नर बोले- इंटेलिजेंस फेलियर नहीं थी 26 जनवरी की हिंसा, किसानों ने किया विश्वासघात

Fri, 19 Feb 2021 08:03 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Fri, 19 Feb 2021 08:03 PM IST
सार

- दूसरी टूलकिट के जरिए ट्विटर स्टॉर्म लाने की थी साजिश 
- कुछ किसान नेताओं ने नोटिस का जवाब दिया है 
- लालकिले पर झंडा फहराना दिल्ली पुलिस का फेलियर नहीं है

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delhi police commissioner says republic day violence was not intelligence failure but farmers betrayed us in feb start big conspiracy was done in delhi
एसएन श्रीवास्तव, पुलिस कमिश्नर, दिल्ली - फोटो : ANI

विस्तार

26 जनवरी को पुलिस की ओर से कड़ा कदम नहीं उठाने पर पहली टूलकिट की साजिश फेल हो गई तो दूसरी टूलकिट तैयार की गई। इसके बाद दूसरी टूलकिट के जरिए चार व पांच फरवरी को ट्विटर स्टॉर्म लाने की साजिश रची गई थी।

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ट्विटर स्टॉर्म के जरिए चार व पांच फरवरी को स्थिति किसी भी हद तक जा सकती थी और हालत बहुत ज्यादा खराब हो सकते थे। ये बातें दिल्ली पुलिस आयुक्त ने सलाना प्रेसवार्ता के दौरान एक सवाल के जवाब में कहीं। पुलिस आयुक्त ने कहा कि चार-पांच फरवरी को दिल्ली का माहौल बहुत ज्यादा खराब हो सकता था। 
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एसएन श्रीवास्तव ने कहा कि दूसरी टूलकिट के जरिए अफवाह फैलाने की साजिश रची गई थी। टूलकिट के विदेशी फंडिंग के मुद्दे पर पुलिस आयुक्त ने कहा कि अभी मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही इस बारे में खुलासा किया जाएगा।
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उन्होंने ने कहा है कि टूलकिट मामले में जो विदेशी आरोपी है कि उनके खिलाफ भी कानून है और कानून के तहत ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आयुक्त मानते है कि लालकिले हिंसा मामले में खुफिया विभाग का फेलियर नहीं है।

पुलिस को कुछ होने का अंदेशा जरूर था। इस कारण आरोपी किसाननों को बेरीकेड्स लगाकर रोका गया था। किसानों को टैक्टर रैली निकालने की अनुमति कुछ शर्तों पर दी थी। उनका रूट तय किया गया था।

पुलिस आयुक्त का कहना है कि किसानों ने घोर विश्वासघात किया है। किसानों ने शर्तों को न मानकर हिंसा की। उन्होंने बताया कि कुछ किसान नेताओं ने पुलिस के नोटिस का जवाब किया है। इस मुद्दे पर पुलिस आयुक्त ज्यादा नहीं मिले।


पुलिस आयुक्त ने बताया कि लॉकहाउन के दौरान निजामुद्दीन स्थिति मरकज में आए तबलीगी जमात में 952 विदेशी आए थे। इनमें से 908 ने अपनी गलती मान ली और वह अपने देश चले गए। 44 विदेशी अपनी ट्रायल भुगत रहे थे। ये अभी चल रहे हैं।

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