ग्राउंड रिपोर्ट : जानकारी के अभाव में टीकाकरण केंद्रों से वापस लौट रहे युवा, स्टॉक की भी किल्लत
- 18 से 44 आयु वर्ग के लिए सीधे केंद्र पर आकर वैक्सीन लगवाने की सुविधा हो चुकी है शुरू
- प्रत्येक केंद्र पर कुल वैक्सीन के स्टॉक का 50 फीसदी ही इस व्यवस्था के तहत लगाया जा रहा
- बगैर जानकारी किसी भी समय ऑन द स्पॉट टीकाकरण के लिए पहुंच रहे हैं लोग
विस्तार
राजधानी में तीन दिन पहले 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों के लिए सीधे केंद्र पर जाकर वैक्सीन लगवाने की सुविधा (वॉक इन वैक्सीनेशन) शुरू हो चुकी है। व्यवस्था शुरू होने के बाद टीकाकरण केंद्रों पर भीड़ भी बढ़ने लगी है। केंद्रों पर वैक्सीन लगाने के काफी अच्छे इंतजाम है, लेकिन टीकाकरण के नए नियमों की जानकारी के अभाव में कुछ युवा मायूस भी लौट रहे हैं। कुछ केंद्रों पर काफी जल्दी ही स्टॉक खत्म हो रहा है। इससे दोपहर बाद आने वाले लोगों को वैक्सीन नहीं लग रही है। विभिन्न केंद्रों से पेश है संवाददाता अभिषेक पांचाल की रिपोर्ट -
लोकनायक अस्पताल : यहां काफी भीड़, बेहतर इंतजाम
दिल्ली सरकार के लोकनायक अस्पताल में टीकाकरण के लिए काफी बेहतर इंतजाम हैं। यहां वैक्सीन लगवाने आए लोगों की काफी संख्या थी। अस्पताल की नई इमारत का पूरा एक तल वैक्सीनेशन के लिए आरक्षित रखा गया है। चार केंद्रों पर टीका लगाया जा रहा है। यहां वॉक इन वैक्सीनेशन और ऑनलाइन पंजीकरण दोनों प्रकार की व्यवस्था है। जो लोग सीधा केंद्र पर आकर टीका लेने आए थे उनको टोकन वितरित किए गए। यहां सिविल डिफेंस के कई कर्मचारी पूरी प्रक्रिया संभाल रहे हैं। लोग एक-एक करके आते रहे और उनका पंजीकरण करके टीका लगता रहा।
केंद्र पर तैनात एक नर्सिंग अधिकारी ने बताया कि 18 से 44 आयु वर्ग के लिए टोकन वितरित किए गए थे। टोकन पर लिखे समय के अनुसार लोगों को बुलाया जा रहा है। टीका लगने का नंबर आने के बाद आधार कार्ड या अन्य दस्तावेज की जांच कर सीधा केंद्र पर ही पंजीकरण किया जा रहा है। इसके बाद वैक्सीन लगाई जा रही है। ऑनलाइन पंजीकरण वालो के लिए भी अलग से केंद्र बना हुआ है। इनका पहले की व्यवस्था के तहत टीकाकरण हो रहा है। अधिकारी ने बताया कि वॉक इन वैक्सीनेशन की सुविधा के बाद रोजाना काफी संख्या में लोग आ रहे हैं। इनमें करीब 90 फीसदी युवा है। 45 साल से अधिक उम्र के काफी कम लोग ही अब वैक्सीन लगवाने आ रहे हैं।
अटल बाल विद्यालय, मंदिर मार्ग :ऑनलाइन पंजीकरण वालों को ही टीका
मंदिर मार्ग के अटल बाल विद्यालय को भी टीकाकरण केंद्र बनाया गया है। यहां भी दोनों प्रकार से टीका लगाया जा रहा है (ऑनलाइन और सीधा केंद्र पर पंजीकरण)। इस स्कूल में दो टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। एक में ऑनलाइन पंजीकरण वालों के लिए व्यवस्था की गई है और दूसरे में सीधा केंद्र पर आकर वैक्सीन लेने वालों के लिए है। इस केंद्र पर कुछ ही लोग मौजूद हैं, उनमें से भी अधिकतर बिना ऑनलाइन पंजीकरण वाले हैं। जिनको यहां से वापस भेजा जा रहा है। इस स्कूल में दोपहर के समय में ही वॉक इन वैक्सीनेशन बंद कर दिया गया था, लेकिन यहां काफी युवा ऐसे आ रहे थे जिन्होंने ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कराया था और वह सीधा इस केंद्र पर आकर वैक्सीन लगवाना चाहते थे। इन सभी को टीका का स्टॉक खत्म होने का हवाला देकर वापस भेजा दिया गया, जो लोग ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से आ रहे थे सिर्फ उन्हें ही वैक्सीन लगाई गई।
स्कूल में टीकाकरण की व्यवस्था देख रहे एक डॉक्टर ने बताया कि सरकार के नियम के मुताबिक, सेंटर पर मौजूद कुल वैक्सीन के स्टॉक का 50 फीसदी ही ऑफलाइन पंजीकरण के तहत लगाया जाएगा। इसके लिए टोकन दिए जाएंगे और जो लोग पहले आएंगे उनको यह सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि सुबह के समय में ही वॉक इन टीकाकरण वालों के लिए निर्धारित 50 फीसदी स्टॉक खत्म हो गया था। ऐसे में जो लोग इस समय आ रहे है, उन्हें इस सुविधा के तहत वैक्सीन नहीं लगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि अब अधिकतर युवा ही वैक्सीन लगवाने आ रहे हैं। 45 से अधिक वालों की संख्या काफी कम है।
आरएमएल अस्पताल : यहां केवल कोवाक्सिन, उसकी भी केवल दूसकी खुराक
केंद्र सरकार के राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) के वैक्सीन केंद्र पर टीका लगवाने वाले सिर्फ चार से पांच लोग ही मौजूद मिले। इसके अलावा यहां सिविल डिफेंस के कर्मचारी और डॉक्टर हैं। यहां कोवाक्सिन की दूसरी डोज ही लगाई जा रही है। केंद्र पर तीन लोगों ने वैक्सीन लगवाई है और वह निरीक्षण कक्ष में बैठे। कुछ युवा भी वैक्सीन लगवाने आए थे, जिन्हें वापस भेजा गया।
टीकाकरण केंद्र पर मौजूद एक डॉक्टर ने बताया कि अस्पताल में शुरू से ही सिर्फ कोवाक्सिन लगाई जा रही है। फिलहाल वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक नहीं है। इसलिए सिर्फ दूसरी खुराक वालों को ही ऑनलाइन पंजीकरण के माध्मय से स्लॉट दिया जा रहा है। यहां अभी वॉक इन वैक्सीनेशन की सुविधा नहीं है। केंद्र पर टीका लगाने आए करोग बाग निवासी प्रवीण ने बताया कि उन्हे यह जानकारी थी कि 21 जून से दिल्ली के अस्पतालों में सीधा वैक्सीन केंद्र पर जाकर पंजीकरण कराने के बाद टीका लगवा सकते हैं। इसलिए ही वह यहां आए थे, लेकिन जब उन्होंने टीका लगवाने के विषय में जानकारी ली तो उनसे कहा गया कि यहां सिर्फ कोवाक्सिन की दूसरी डोज लगाई जा रही है।
25 फीसदी युवाओं को लग चुकी है वैक्सीन
टीकाकरण के नए नियमों के बाद दिल्ली में काफी तेज गति से वैक्सीनेशन हो रहा है। पिछले 24 घंटे में 1 लाख से ज्यादा वैक्सीन लगाई गई है। अब तक करीब 69 लाख लोगों का टीकाकरण हो चुका है। इनमें 25 फीसदी युवा है। दिल्ली में पिछले एक सप्ताह में 6 लाख टीके लगाए जा चुके हैं।
राजधानी में अभी तक कुल आबादी में से 34 प्रतिशत यानी, 69 लाख लोगों को वैक्सीन लगी है। इनमें 51,77,601 को पहली और 16,27,998 को दूसरी खुराक लगी है। पहली और दूसरी खुराक लेने वालों में सबसे अधिक संख्या 45 से अधिक आयुवर्ग के लोगों की है। इसके बाद युवाओं और अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मचारियों का नंबर है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 1,09,655 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। इनमें 98,295 ने पहली खुराक ली और 11,360 को दूसरी खुराक दी गई। पहली खुराक लेने वालों में अधिकतर युवा रहे।
टीकाकरण के पात्र लोगों में इतनों को लग चुकी है वैक्सीन
18 से 44 आयुवर्ग- 25 फीसदी
45 से अधिक उम्र के- 47 फीसदी
स्वास्थ्य कर्मचारी- 83 प्रतिशक
अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मचारी-73 प्रतिशत