कोरोना काल में ठगी : 1000 से अधिक लोगों से दो करोड़ ऐंठे, दो विदेशी गिरफ्तार, झारखंड का गिरोह भी पकड़ा
- ऑक्सीजन सिलिंडर के बदले लोगों को बना रहे थे निशाना
- मूल रूप से घाना व नाईजीरिया निवासी हैं आरोपी
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने देशभर में एक हजार से अधिक लोगों के साथ ठगी करने वाले दो विदेशी नागरिकों को दबोचा है। आरोपी अब तक दो करोड़ रुपये की ठगी कर चुके हैं। दोनों पहले विदेश से पार्सल के जरिए दवाइयां भेजने के नाम पर ठगी करते थे। बाद में माहमारी का फायदा उठाने के लिए आरोपियों ने ऑक्सजीन सिलिंडर व दवाइयों के बदले ठगना शुरू कर दिया था। पुलिस ने आरोपियों से 22 मोबाइल फोन, 165 सिमकार्ड, पांच लैपटॉप, दो वाईफाई डोंगल बरामद किए हैं।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शिबेश सिंह के अनुसार आरोपी मूल रूप से घाना व नाईजीरिया निवासी हैं। आरोपियों की पहचान जोनाथन कोजो (44) व चीका बेनेथ (42) के रूप में हुई। एक पीड़ित को रिश्तेदार की तबीयत खराब होने पर ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत थी। इस बीच सोशल मीडिया पर पीड़ित ने एक मोबाइल नंबर देखा, जिसमें सिलिंडर मुहैया करवाने का दावा था। पीड़ित की ओर से पूछने पर सिलिंडर देने की बात हो गई। इसके एवज में आरोपियों ने 16 हजार रुपये सिलिंडर की कीमत बता चार हजार रुपये भाड़ा बताया। पीड़ित ने बताए गए खाते में ऑनलाइन रुपये भेज दिए, लेकिन सिलिंडर नहीं मिला। वहीं, आरोपियों ने पीड़ित का मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया।
इसके बाद पीड़ित ने गत पांच मई को ज्योति नगर थाने में केस दर्ज करा दिया। जांच के दौरान पाया कि इसी प्रकार के कई मामलों में एक ही मोबाइल नंबर का इस्तेमाल हुआ है। वहीं, बीते एक साल में अलग-अलग मोबाइल फोन से आरोपी दो सौ से ज्यादा सिम कार्ड का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं। जांच के दौरान पुलिस को डाटा मिला कि खिड़की गांव, जामिया नगर, मालवीय नगर, संगम विहार, हौजरानी गांव व खिड़की एक्सटेंशन आदि इलाकों में विदेशी नागरिक लोगों से धोखाधड़ी कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने पंचशील विहार खिड़की निवासी चीका बेनेथ को ग्रीन पार्क इलाके से दबोच लिया। आरोपी की निशानदेही पर 15 मई को जोनाथन कोजो को भी पंचशील विहार से दबोच लिया।
ऐसे करते थे ठगी
आरोपियों ने बताया कि वे पहले विदेश से गिफ्ट पार्सल, दवाइयां आदि भेजने के नाम पर लोगों को ठगा करते थे। बाद में कोरोना संकट में उन्होंने सिलिंडर की कमी को देख ठगी का तरीका बदला। इसके लिए ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम व व्हाट्सएप आदि पर मोबाइल नंबर की जानकारी साझा करते थे। वहीं, सोशल मीडिया से ही जरूरतमंद लोगों को नंबर हासिल कर लेते थे। लोगों द्वारा संपर्क करने पर वे वॉलेट अकाउंट व यूपीआई आईडी से खाते में रकम ले लेते थे। इसके बाद नंबर ब्लॉक कर देते थे। दूसरी ओर, बंगलुरु में बैठा आरोपियों का एक साथी रकम के लिए बैंक अकाउंट मुहैया करवाता था।
100 से ज्यादा लोगों से ठगी, झारखंड के गिरोह का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड को दबोचा
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने ऑक्सीजन सिलिंडर व कन्संट्रेटर के नाम पर ठगी करने वाले झारखंड के एक गिरोह का पर्दाफाश कर मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। आरोपी को झारखंड के चतरा जिले से दबोचा। गिरोह के लोग पूरे देश में ठगी कर रहे थे और अब तक 100 से ज्यादा लोगों से मोटी रकम हड़प चुके हैं। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल व एक चेक बुक बरामद की है।
अपराध शाखा के डीसीपी राजेश देव के अनुसार कोरोना महामारी के दौरान ऑक्सीजन सिलिंडर के नाम पर ठगी की शिकायतें आ रही थीं। इनको देखते हुए एसीपी मनोज दीक्षित की देखरेख में एसआई चंदन कुमार, एसआई कृष्ण कुमार व एसआई उदयवीर की टीम ने जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस टीम को चतरा, झारखंड स्थित एचडीएफसी बैंक का एक खाता नंबर मिला। ठगी की रकम इस खाते में जमा करवाई जा रही थी। यह खाता अप्रैल में खोला गया था। ऑक्सीजन सिलिंडर के नाम पर ठगी की करीब 25 से ज्यादा बार रकम इस खाते में जमा कराई गई थी। एसआई चंदन कुमार की टीम ने चतरा में दबिश देकर अनिल गंझू (24) को गिरफ्तार कर लिया। ठगी के पांच मामले आरोपी से लिंक हो रहे हैं। आरोपी ने बैंक खाता अपने नाम से खुलवा रखा था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह बिहार व झारखंड निवासी साथी विकास, चंदन व अन्य के साथ मिलकर ऑक्सीजन सिलिंडर के नाम पर लोगों को ठगने में लगा हुआ था। उसके साथी नालंदा, बिहार निवासी विकास ने उसको बैंक खाता नंबर देने को कहा था। इसके अलावा अनिल ने विकास को और भी खाता नंबर दिए थे।
उधर, रोहिणी सेक्टर-19 निवासी नवनीत के साथ घर पर ऑक्सीजन सिलिंडर के नाम पर ठगी होने का मामला सामने आया है। नवनीत के अनुसार उन्होंने 14 मई को पत्नी को सांस लेने में दिक्कत होने पर अपने जानकारों से ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए संपर्क साधा। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट हो रहा मोबाइल नंबर 8850828823 उनको दिया। इस नंबर पर बात करने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह ऑक्सीजन का तो चार्ज नहीं ले रहे, लेकिन सिलिंडर की सिक्योरिटी के नाम पर पांच हजार रुपये देने होंगे। नवनीत ने एडवांस के तौर उनको 15 सौ रुपये पेटीएम कर दिए, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बावजूद ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं पहुंचाया गया है और न ही 15 सौ रुपये लौटाए जा रहे हैं।
सिलिंडर के नाम पर ठगी का आरोपी धरा
सीमापुरी थाना पुलिस की साइबर सेल ने 10 से अधिक लोगों से ठगी के आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जहांगीरपुरी निवासी जयकिशन (23) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित के ससुर को गत 27 अप्रैल को कोरोना हुआ था। हालत बिगड़ने पर उन्हें ऑक्सीजन सिलिंडर की आवश्यकता थी। इस बीच व्हाट्सएप पर उन्होंने ऑक्सीजन सिलिंडर का विज्ञापन देखा और संबंधित व्यक्ति को फोन किया। व्यक्ति ने एडवांस राशि के तहत दो सिलेंडर के लिए 50 हजार की राशि जमा कराने के लिए कहा। इसके बाद पीड़ित ने आरोपी के खाते में बैंक राशि को जमा करा दिया, लेकिन सिलिंडर नहीं मिलने पर जब पीड़ित को शक हुआ तो उन्होंने आरोपी को फोन किया, लेकिन आरोपी ने पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर दिया। इसके बाद पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज करा दी।