ऑक्सीजन सप्लाई के लिए सेठ एयर ने खड़े किए हाथ, कहा- न हमारे पास स्टाफ है और न फंड
- अवकाश प्राप्त डॉक्टरों व नर्सों को बुलाने पर जताई नाराजगी
- हाईकोर्ट ने हाल ही में दिल्ली सरकार को इसी कंपनी को टेकओवर करने के लिए कहा था
विस्तार
राजधानी व अन्य राज्यों में ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली पलवल स्थित कंपनी सेठ एयर ने राजधानी में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए हाथ खड़े कर दिए। कंपनी ने कहा कि वह पहले राजधानी के अस्पतालों को 16 मीट्रिक टन ऑक्सीजन सप्लाई कर रही थी लेकिन दे अब 37 मी.टन के लिए कहा जा रहा है, उसने कहा कि उसके पास न तो स्टाफ है न ही फंड। हाईकोर्ट ने हाल ही में दिल्ली सरकार को इसी कंपनी को टेकओवर करने के लिए कहा था।
न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान सेठ एयर सप्लायर्स ने कहा कि वह अधिक मात्रा में ऑक्सीजन सप्लाई करने में असमर्थ है। उसे दिल्ली के अस्पतालों के अलावा हरियाणा व यूपी में भी सप्लाई करनी है। कुछ मात्रा बढ़ाई जा सकती है लेकिन 16 से 37 एमटी नहीं कर सकते।
सुनवाई के दौरान छोटे नर्सिम होम का भी मुद्दा उठा। अदालत को बताया गया कि ऑक्सीजन सप्लाई सूची में इनका नाम नहीं है। अदालत की सहायता के लिए नियुक्त न्यायमित्र ने इस बात पर ध्यान आकर्षित किया।
अवकाश प्राप्त डॉक्टरों व नर्सों को बुलाने पर जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान अवकाश प्राप्त डॉक्टरों व नर्सों को मदद के लिए बुलाने के मामले में जारी विज्ञापन पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि आपको नहीं पता कि उनकी आयु के अनुसार वे इस वक्त कोरोना की चपेट में आने वाले ग्रुप में आते हैं। हजारों ऐसे लोग हैं जिन्होंने अभी एमबीबीएस कंप्लीट किया है और वे पोस्ट ग्रैजुएशन के लिए जा रहे है, उनके बारे में सोचा जा सकता है।
राजीव गांधी अस्पताल में आक्सीजन की किल्लत
ताहिरपुर के राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में शुक्रवार को आक्सीजन की किल्लत हो गई है। आक्सीजन की आपूर्ति कम होने के कारण आइसीयू में भर्ती मरीजों के लिए परेशानी हो रही है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक , ऑक्सीजन की कमी के चलते आईसीयू में भर्ती मरीजों को उस दबाव के साथ आक्सीजन नहीं दिया जा रहा है, जिसकी जरूरत है। हर दिन आक्सीजन के लिए इंतजार करना पड़ता है। सिलेंडर रीफिल कराने में भी काफी दिक्कत आ रही है।
अस्पताल के निदेशक डा.बी एल शेरवाल ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन 13 टन आक्सीजन की जरूरत है। लेकिन , आपूर्ति करीब पांच टन की हो रही है। पहले मोदीनगर से आक्सीजन आ रहा था। अब छत्तीसगढ़ की वक कंपनी से आ रहा है। टैंकर को आने में छह से सातघंटे लग जाते हैं। ऐसे में हमारे पास कुछ स्टाक भी होना चाहिए। लेकिन यह संभव नहीं हो पा रहा है।अस्पताल में 350 आइसीयू बेड हैं और ये सभी भरे हुए हैं।
बृहस्पतिवार रात 3 बजे से आक्सीजन की कमी हो गई। इसे देखते हुए कंझावला के रीफिलिंग स्टेशन पर सिलेंडर भरने के लिए भेजे गए, लेकिन वहां भी नकदी की मांग की जा रही है जो अस्पताल के लिए देना संभव नहीं हो पा रहा है। इसके चलते ऑक्सीजन की समस्या हो रही है।