दिल्ली नगर निगम : अब मोबाइल से जमा कर सकेंगे संपत्ति कर और ट्रेड लाइसेंस शुल्क
- दिल्ली नगर निगम में छह नए ऑनलाइन एप शुरू
- पूर्वी निगम में क्यूआर कोड स्कैन कर उठवा सकेंगे कूड़ा
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दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की ओर से डिजिटल इंडिया के तहत ऑनलाइन एप्लीकेशन की शुरुआत की गई है। इस कड़ी में तीनों नगर निगमों के लिए संपत्ति कर, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण, जनरल ट्रेड लाइसेंस, फैक्ट्री ट्रेड लाइसेंस, हेल्थ लाइसेंस व मोबाइल अटेंडेंस एप्लीकेशन को बनाया गया है।
दरअसल, तीनों नगर निगमों में दक्षिणी निगम ई- गवर्नेंस परियोजना की नोडल एजेंसी है। संपत्ति के एप्लीकेशन के माध्यम से बकाया संपत्ति कर के भुगतान के लिए भुगतान विकल्प की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
नए संपत्ति कर एप्लीकेशन में करदाता के साथ-साथ संपत्ति से संबंधित संपूर्ण सूचना का डाटा उपलब्ध है। इससे संपत्तिकर जमा कराने में सहायता मिलेगी। वहीं, जन्म पंजीकरण की नई- एप्लीकेशन के तहत मानवीय हस्तक्षेप कम होगा व काम जल्दी हो सकेगा। इसके साथ ही दक्षिणी निगम के सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को उनके एंड्रॉयड और आईओएस मोबाइल फोन पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के लिए निगम स्मार्ट एप्लीकेशन तैयार की किया गया है। इसमें कर्मचारियों की लोकेशन, फोटोग्राफ के साथ वास्तविकता व समय की उपस्थिति भी रिकॉर्ड हो सकेगी।
क्यूआर कोड स्कैन कर उठवा सकेंगे कूड़ा
पूर्वी निगम क्षेत्र निवासी आने वाले दिनों में अपने नजदीकी ढलाव घरों से क्यूआर कोड स्कैन कर कूड़ा उठवा सकेंगे। इसके लिए उन्हें निगम को फीडबैक देना होगा। इस पर निगम कार्रवाई करेगा। साथ ही सार्वजनिक शौचालयों को लेकर भी नागरिक अपना सुझाव दे सकते हैं।
इस कड़ी में पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने एक कदम बढ़ाते हुए क्यूआर कोड के माध्यम से सार्वजनिक शौचालय और ढलाव घरों के संबंध में क्यूआर कोड से फीडबैक देने की व्यवस्था तैयार की है। पूर्वी निगम के महापौर निर्मल जैन ने बताया कि क्यूआर कोड सभी सार्वजनिक शौचालय, सामुदायिक शौचालय एवं ढलाव घरों पर लगाए जाएंगे। शौचालय में बिजली, पानी की आपूर्ति, साबुन की उपलब्धता, साफ-सफाई, टॉयलेट सीट की सफाई संबंधी फीडबैक क्यूआर कोड के माध्यम से दर्ज कराया जा सकता है। वहीं, कूड़ा न उठने पर भी फीडबैक दर्ज हो सकता है।
पूर्वी निगम के आयुक्त विकास आनंद ने कहा कि क्यूआर कोड के माध्यम से स्थानीय लोग स्मार्टफोन पर आसानी से फीडबैक दर्ज करवा सकेंगे। इस अनूठे तरीके से नागरिकों की समस्याओं के बारे में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि क्यूआर कोड को स्कैन करने के बाद पांच विकल्प आएंगे। इसमें बिजली, पानी, साबुन की उपलब्धता, शौचालय परिसर में टॉयलेट सीट की साफ- सफाई संबंधी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।