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ट्रैक्टर रैली हिंसाः अब पुलिस को आरोपियों तक पहुंचाएगा लाइसेंस, रूट बनाकर पहचान
Fri, 05 Feb 2021 05:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 05 Feb 2021 05:18 AM IST
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दिल्ली : प्रदर्शन करते किसान।
- फोटो : PTI
दिल्ली पुलिस गणतंत्र दिवस वाले दिन हुई हिंसा के आरोपियों का ड्राइविंग लाइसेंस से पता कर रही है। दिल्ली पुलिस फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) से आरोपियों का चेहरा पता कर रही है। इसके अलावा रूट बनाकर आरोपियों को पहचाना जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने तीन रूट बनाए हैं और इन रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की पड़ताल की जा रही है। इसके अलावा सोशल मीडिया व लोगों के द्वारा दी गई वीडियो व फोटो से आरोपियों की पहचान की जा रही है।
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शिबेश सिंह ने बताया कि प्रदर्शनकारी किसान जिन रास्तों से हिंसा वाली जगहों पर पहुंचे थे उनके रूट बनाए गए हैं। इन रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा स्पेशल सेल व अपराध शाखा की साइबर सेल ने सोशल मीडिया से हिंसा की वीडियो व फोटो उठाए हैं। साथ ही लोगों ने दिल्ली पुलिस को वीडियो भेजी हैं। इन सभी का डाटा एकत्रित किया जा रहा है। इन वीडियो व फोटो को एफआरएस सिस्टम में डाला जाएगा। दिल्ली पुलिस गुजरात फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की मदद से जांच कर रही है। यूनिवर्सिटी की पांच-पांच सदस्यों की टीमें दिल्ली पहुंच चुकी हैं।
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ये टीमें केन्द्रीय परिवहन मंत्रालय से हरियाणा, यूपी, पंजाब, दिल्ली व राजस्थान के लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस का डाटा ले रही हैं। एफआरएस से वीडियो व फोटों को ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो से मिलाया जाएगा। इससे आरोपी की पहचान हो सकेगी। इसके अलावा एफआरएस से ये भी पता लग सकेगा कि एक आरोपी कितनी जगह पर और कब-कब हिंसा में शामिल रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस सिस्टम से कुछ आरोपियों का पता लगा है। कुछ चेहरो का पता लगाया जा रहा है।
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पुलिस ने ये बनाए हैं रूट-
पहला गाजीपुर रूट-
. पुलिस ने गाजीपुर से आईटीओ व लालकिले तक का रूट बनाया है। इस रूट पर 250 से 300 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इन सभी कैमरों की फुटेज ले ली है। इसमें सिंघु बॉर्डर का रूट भी शामिल हैं।
दूसरा नजफगढ़ रूट-
नजफगढ़ से उत्तम नगर तक का रूट बनाया गया है। इस रूट पर 50 से 60 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं।
तीसरा टीकरी रूट-
टीकरी से नांगलोई व पीरागढ़ी होते हुए नजफगढ़ का रूट बनाया गया है। इस रूट पर 300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं।
कहां से कितने वीडियो मिले-
रूट-तीन रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरों से 500 से ज्यादा फुटेज मिली है। रूटों पर लगे हुए कुछ कैमरे काम कर रहे थे और कुछ कैमरे काम नहीं कर रहे थे।
सोशल मीडिया- सोशल मीडिया से दिल्ली पुलिस को अभी तक 1500 से ज्यादा वीडियो व फोटो मिल चुके हैं।
अपील- दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की थी। लोगों ने 1000 से ज्यादा वीडियो मिली हैं।
दिल्ली पुलिस ने कहा..
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शिबेश सिंह का कहना है कि दिल्ली पुलिस को अभी तक 50 टीवी कैमरों की फीड मिल चुकी हैं। दिल्ली पुलिस इन वीडियो का विश्लेषण कर रही है।