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शिकंजे में पहलवान : सुशील कुमार पर साढ़े चार साल में भी चार्जशीट नहीं, पुख्ता गवाहों का टोटा
Mon, 31 May 2021 05:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा
पुरूषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरूषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 31 May 2021 05:01 AM IST
सार
- अपराध शाखा ने मध्य जिला पुलिस से केस की जानकारी मांगी
- सुशील के खिलाफ पुख्ता गवाह खड़े नहीं कर पाई है पुलिस
- सुशील को अपने किए पर नहीं पछतावा
- वारदात के बाद सुशील ने अपना मोबाइल तोड़ दिया था
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sushil kumar
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सुशील के खिलाफ दर्ज एक मामले को साढ़े चार वष हो गए हैं, मगर अभी तक चार्जशीट नहीं हुई है। सागर हत्याकांड मामले की जांच कर रही अपराध शाखा ने मध्य जिला पुलिस से इस मामले की जानकारी मांगी है। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस अभी तक सुशील के खिलाफ एक पुख्ता गवाह तैयार तक नहीं कर पाई है। चार पीड़ित ही गवाह हैं और उनके कोर्ट में मुकर जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा सुशील कुमार को अपने किए पर कोई पछवाता नहीं है।
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अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि सुशील के खिलाफ आईपी एस्टेट थाने में मारपीट व रास्ता रोकने का मामला दर्ज है। सुशील के खिलाफ ये मामला वर्ष 2017 में दर्ज हुआ था। आईपी एस्टेट थाना इलाके में स्थित एक स्टेडियम में सुशील ने दूसरे पहलवान के साथ मारपीट की थी। इस मामले में मध्य जिला पुलिस ने अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की है। ये केस साढ़े चार वर्ष बाद भी पेंडिंग चल रहा है।
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अपराध शाखा ने आईपी एस्टेट थाने से सुशील के खिलाफ दर्ज इस केस की पूरी जानकारी मांगी है। ताकि सागर हत्याकांड के केस को और मजबूत बनाया जा सके। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस सुशील के खिलाफ अभी तक कोई पुख्ता गवाह खड़ा नहीं कर पाई है। ऐसे में दिल्ली पुलिस की जांच पर सवाल उठ रहे हैं। सुशील व उसके साथियों ने जिन चार लोग सोनू महाल, भगतू, रविन्द्र भिंडा, अमित खागड़ पीटा था वहीं चार ही गवाह हैं।
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अपराध शाखा ने दो दिन पहले इन सब को बुलाकर फिर से इनके बयान लिए है। सोनू महाल व अन्य काला जठेड़ी के खास हैं और सुशील कुमार व काला जठेड़ी के बीच समझौता हो चुका है। ऐसे में माना जा रहा है कि ये चारों गवाह कभी भी अपनी गवाही से मुकर सकते हैं। सुशील वारदात के बाद से ही ये कोशिश कर रहा था कि सोनू महाल उसके खिलाफ गवाही न दें। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वह अपने मंसूबों में कामयाब हो गया है।
सुशील कुमार को अपने किए पर नहीं है पछतावा
अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों के अनुसार सुशील कुमार को अपने किए पर पछतावा नहीं है। सुशील इस बात से आश्वत दिखता है कि सब-कुछ छह-सात महीने में ठीक हो जाएगा। वह अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों से यहीं कहता है। पुलिस को ये विश्वास है कि अभी तक उसके जितने भी पंगे हुए हैं वह कुछ ही महीने में ठीक हो गए थे। इस कारण उसे लगता है कि ये मामला भी सुलट जाएगा। सुशील पर आरोप है कि उसने कई पहलवानों के कैरियर के साथ खिलवाड़ किया है।
सुशील ने अपने मोबाइल को तोड़ दिया था
दिल्ली पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी नाकामयाबी ये भी है कि अपराध शाखा इतने दिन बाद भी सुशील के मोबाइल को बरामद नहीं कर पाई है। सुशील ने पुलिस अधिकारियों को बताया है कि उसने वारदात के बाद मोबाइल को तोड़ दिया था और रास्ते में फेंक दिया था। सुशील पुलिस को ज्यादा कुछ नहीं बता रहा है। वह पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा है।
ठीक से खाना खा रहा है सुशील
अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों के अनुसार सुशील को अपराध शाखा के कार्यालय में बनना वाला खाना दिया जा रहा है। सुशील ठीक से खाना खा रहा है। उसके चेहरे पर किसी तरह मलाल नहीं दिखाई दे रहा है।