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नर्सरी दाखिलाः स्कूलों पर नजर रखेगा मॉनिटरिंग सेल, शिकायतों का जल्द होगा समाधान
Wed, 17 Feb 2021 05:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 17 Feb 2021 05:45 AM IST
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नर्सरी एडमिशन
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली में मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में नर्सरी दाखिले की दौड़ 18 फरवरी से शुरू होने जा रही है। दाखिला प्रक्रिया में स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए शिक्षा निदेशालय ने प्रत्येक जिले में मॉनटरिंग सेल गठित करने का फैसला किया है। जिला उपशिक्षा निदेशक के नेतृत्व में गठित होने वाले यह सेल यह देखेंगे कि स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन करें।
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सेल यह देखेगा कि निजी स्कूल अपने मानक और अंक शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर अपलोड करें। सेल को इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि जिन मानकों को निदेशालय की ओर से पहले रद्द किया गया है, उनको स्कूल अपने मानकों में शामिल न करें। सेल में अभिभावक मनमानी फीस बढ़ोतरी, डोनेशन लेने, सही मानक नहीं होने की शिकायत कर सकेंगे। इन शिकायतों का जल्द ही समाधान निकाला जाएगा।
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सेल यह देखेगा कि स्कूल निदेशालय के ऑनलाइन मॉड्यूल पर प्वाइंट वाइज अपने मानकों को अपलोड करें। जैसे कि स्कूल ने किस दाखिला मानक(सिबलिंग एल्युमिनी, नेबरहुड, एकल कन्या, पहला बच्चा) के लिए कितने अंक तय किए हैं। इसके साथ ही स्कूलों को निदेशालय की वेबसाइट पर इस बात की जानकारी भी अपलोड करनी होगी कि ओपन सीट पर कितने बच्चों ने दाखिला लिया और किस बच्चे को किस मानक के तहत कितने अंक दिए गए। इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि दाखिले में पूरी तरह से पारदर्शिता हो।
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बच्चों में पढ़ने की आदत को बढ़ा रहा सीबीएसई
केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बच्चों में पढ़ने की आदत को बढ़ाने के लिए रीडिंग चैलेंज के दायरे को बढ़ा दिया है। इस साल से यह रीडिंग चैलेंज हिंदी भाषा में भी होगा। बीते साल पहली बार बोर्ड ने इस चैलेंज की शुरुआत अंग्रेजी भाषा से की थी। पहले की तरह इसमें आठवीं से दसवीं तक के छात्र हिस्सा ले सकते हैं। बोर्ड ने दीक्षा प्लेटफॉर्म पर 15 फरवरी से इसे उपलब्ध करा दिया है। इसमें 15 मार्च तक हिस्सा लिया जा सकता है।
सीबीएसई का कहना है कि पढ़ने की आदत बच्चों के लिए एक नींव है। यह भविष्य में भी सफल भागीदारी के लिए जरूरी है। बोर्ड इस चैलेंज के माध्यम से बच्चे की पढने की सटीकता, पढने की क्षमता, वे कितना समझे, इसको परखेगा। इस चैलेंज के तहत कोर्स व क्विज को सफलतापूर्वक पूरा करने पर डिजिटल प्रमाणपत्र दिया जाएगा। रीडिंग चैलेंज के लिंक पर कोर्स ज्वाइन करते ही छात्रों को तीन अलग-अलग मॉड्यूल मिलेंगे। पहले मॉड्यूल में रीडिंग चैलेंज का संक्षिप्त विवरण होगा, दूसरे मॉड्यूल में छात्रों को प्रैक्टिस के लिए कुछ प्रश्न मिलेंगे। तीसरा मॉड्यूल रीडिंग चैलेंज का होगा।
सीबीएसई का कहना है कि पढ़ने की आदत बच्चों के लिए एक नींव है। यह भविष्य में भी सफल भागीदारी के लिए जरूरी है। बोर्ड इस चैलेंज के माध्यम से बच्चे की पढने की सटीकता, पढने की क्षमता, वे कितना समझे, इसको परखेगा। इस चैलेंज के तहत कोर्स व क्विज को सफलतापूर्वक पूरा करने पर डिजिटल प्रमाणपत्र दिया जाएगा। रीडिंग चैलेंज के लिंक पर कोर्स ज्वाइन करते ही छात्रों को तीन अलग-अलग मॉड्यूल मिलेंगे। पहले मॉड्यूल में रीडिंग चैलेंज का संक्षिप्त विवरण होगा, दूसरे मॉड्यूल में छात्रों को प्रैक्टिस के लिए कुछ प्रश्न मिलेंगे। तीसरा मॉड्यूल रीडिंग चैलेंज का होगा।