पाकिस्तान जासूसी मामला : 12 विदेशी नंबरों से गुप्त सूचनाएं भेज रहा था हरपाल
- पाकिस्तान में भारतीय नंबर इसी ने भेजे थे
- सेना व बीएसएफ के चार बॉर्ड की भेजा चुका है गुप्त सूचनाएं
- स्पेशल सेल ने आरोपी को दस दिन के रिमांड पर ले रखा है
विस्तार
हरपाल सिंह (35) पिछले करीब तीन वर्ष से पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई को भारतीय सेना व बीएसएफ की गुप्त सूचनाएं भेज रहा था। वह भारत में विदेशी नंबर चलाकर गुप्ता सूचनाएं भेजता रहा। गुप्ता सूचनाएं भेजने के लिए उसने अब तक करीब 12 विदेशी नंबरों को इस्तेमाल किया है। इनमें दो मोबाइल नंबर ओमान, चार पाकिस्तान और दो बांग्लादेश समेत अन्य देशों के हैं। हरपाल ने भारत में इन नंबर पर व्हाट्सएप व मैसेंजर चलाता और वाट्सएप कॉल करता था। देश की सुरक्षा एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि विदेशी नंबर से भारतीय सूचनाएं भेजकर वह सुरक्षा एजेंसियों से बचना चहाता था। विदेशी नंबर को लोकेट करना मुश्किल होता है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी हरपाल को दस दिन के पुलिस रिमांड पर ले रखा है।
वह पाकिस्तान में बैठे अपने आईएसआई के हैंडलर जसपाल को भारतीय नंबरों पर गुप्त सूचनाएं भेजता था। पाकिस्तान में जसपाल भारतीय नंबर चला रहा है। ये भारतीय नंबर हरपाल ने ही जसपाल तक पहुंचाए थे। हरपाल ने इनमें एक सिम कनॉटक, एक पश्चिमी बंगाल और दो पंजाब के नंबर हैं। ये नंबर पाकिस्तान में काफी समय से चल रहे हैं। स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हरपाल के कब्जे से 12 विदेशी नंबर जब्त कर लिए है। हालांकि एक विदेशी नंबर से कुछ समय तक गुप्त सूचनाएं भेजने के बाद वह उसे बंद कर देता था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार उसके मोबाइलों से काफी संवेदनशील गुप्त सूचनाएं व वीडियों मिली हैं। स्पेशल सेल इसके मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट मंगवा रही है।
आईएसआई ने उसे ओमान में पकड़ा था-
स्पेशल सेल के अधिकारियों के अनुसार पेशे से मजदूर हरपाल सोशल मीडिया पर बहुत ही सक्रिय था। वह अपने घर व खेतों को गिरवी रखकर जून, 2019 में ओमान गया था। उसके बाद दो वर्ष से ज्यादा का वीजा था। मगर ये तीन महीने में ही ओमान से वापस आ गया था। तब से सुरक्षा एजेंसियां इस पर नजर रख रही थीं। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि ओमान में इसे जसपाल या उसका कोई आदमी मिला। ओमान में उसे आईएसआई के लिए काम करने के लिए तैयार किया गया। इसके लिए उसे मोटी रकम का लालच का दिया गया।
दुबई का बैंक खाता दे रखा था
आरोपी हरपाल को गुप्त सूचनाएं देता था उसके बदले मोटी रकम मिलती थी। उसे एक सूचना देने के 15 से 20 हजार रुपये मिलते थे। ये रकम उसे हवाला के जरिए मिलती थी। हालांकि उसे गांव मेहंदीपुर, तरनतारन पंजाब का लड़का दुबई में रहता है। उसने अपने हैंडलर को दुबई में रहने वाले गांव के लड़के का बैंक खाता दे रहा था। गांव का ये लड़का उसे पैसे भेजता था। इस दुबई के लड़के के बैंक खाते की डिटेल खंगाल रही है।
मजदूर बनकर गुप्त सूचनाएं निकालता था
स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी का मेहंदीपुर गांव पाकिस्तान-भारत बॉर्डर पर है। ये भारत के चार बॉर्डरों की सूचनाएं आईएसआई हैंडलर जसपाल को दी हैं। ये खेमकरण, अटारी, अमृतसर बीएसएफ कैंप समेत चार बॉर्डरों की गुप्त सूचनाएं आईएसआई को दे चुका है। वैसे ये मजूदर बनकर गुप्त सूचनाएं निकलाता था। वैसे ये आमतौर पर नेता बनकर रहता था। नेताओं जैसे इसके हाव-भाव थे।
सेना के किसी अधिकारी व कर्मचारी की भूमिका सामने आ सकती है...
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बहुत ही गुप्त सूचनाएं दे चुका है। इसने ऐसी-ऐसी गुप्त सूचनाएं दी हैं जो देश के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में मजदूर बनकर ये गुप्त सूचनाएं नहीं निकाल सकता। माना जा रहा है कि सेना का कोई अधिकारी या कर्मचारी इससे मिला हुआ है। इसके मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट से पता चलेगा कि ये किस-किस के संपर्क में था।