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सिसौली गांव के कई घरों में खाना नहीं बना था उस रात...
Sat, 30 Jan 2021 04:32 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अभिषेक पांचाल, नई दिल्ली
अभिषेक पांचाल, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 30 Jan 2021 04:32 AM IST
सार
- रात में ही गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे टिकैत के गांव वाले
- बोले, वह अपने नेता को रोता हुआ नहीं देख सकते
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भावुक हालात में राकेश टिकैत...
- फोटो : Twitter
विस्तार
गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन ने शुक्रवार रात ही एक नया रूप ले लिया था। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के भावुक होने का वीडियो वायरल होने के चंद मिनटों में ही उनके गांव और उसके आसपास के जिलों में रहने वाले समर्थकों की सहानुभूति उन्हें मिलने लग गई थी। आलम यह था कि टिकैत के गांव में कई घरों में रात को खाना तक नहीं बना था। वहां रहने वाले लोग तुरंत ही एकजुट हो गए और गाजीपुर बॉर्डर की ओर कूच करने लग गए थे।
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शुक्रवार दोपहर गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचे सिसौली निवासी रामवीर प्रधान ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम वह गाजीपुर बॉर्डर की खबरें टीवी पर देख रहे थे। इस दौरान राकेश टिकैत के भावुक होने का वीडियो भी तो वे और उनका पूरा परिवार काफी दुखी हुआ।
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उस रात घर में खाना तक नहीं बना। परिवार के प्रमुख सदस्यों ने ठाना कि संकट की इस घड़ी में वह अपने नेता का साथ देंगे और उनके समर्थन के लिए गाजीपुर बॉर्डर का रुख करेंगे। आसपास के जिलों में रहने वाले अपने परिवार के सदस्यों से भी उन्होंने संपर्क किया और रात को ही आठ गाड़ियों में अपने 30 साथियों के साथ गाजीपुर बॉर्डर की ओर रवाना हो गए।
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बॉर्डर पर बृहस्पतिवार शाम तक 800 लोग भी नहीं थे। टिकैत के भावुक होने के बाद से शुक्रवार सुबह 6 बजे तक ही एक हजार से ज्यादा किसान बॉर्डर पर पहुंच चुके थे। शामली से आए किसान विजय भान ने कहा कि वह अपने नेता को रोता हुआ नहीं देख सके थे और काफी भावुक हो गए थे उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अब अस्मिता का प्रश्न बन गया है जब तक सरकार कानूनों को वापस नहीं ले लेती। तब तक यहां से नहीं जाएंगे। अब बॉर्डरों पर कई हजार किसान डटे हुए हैं।