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चेक बाउंस का मामला : पांच साल पुरानी अपील का आठ सुनवाई में फैसला
Sun, 04 Apr 2021 05:51 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 04 Apr 2021 05:51 AM IST
सार
- करीब डेढ़ माह में लगातार 8 सुनवाई में निपटारा
- निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दायर अपील वर्ष 2016 से हाईकोर्ट में लंबित थी
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दिल्ली उच्च न्यायालय
- फोटो : ANI
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विस्तार
हाईकोर्ट ने 9 साल पुराने चेक बाउंस के एक मामले का करीब डेढ़ माह में लगातार 8 सुनवाई में निपटारा कर दिया। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अपीलकर्ता ने पीड़ित पक्ष को बकाया 45 लाख रुपये देने का समझौता कर लिया। अदालत ने इस तथ्य के ध्यानार्थ याचिका का निपटारा कर दिया। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दायर अपील वर्ष 2016 से हाईकोर्ट में लंबित थी।
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न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने 8 फरवरी से 26 मार्च के बीच लगातार 8 सुनवाई कीं। मामला नोएडा सेक्टर-30 निवासी सूरज खन्ना की हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की नाहन तहसील स्थित हिमालयन पाइन गोल्ड रेजिन एंड केमिकल कंपनी से जुड़ा है। इसका एक कार्यालय दिल्ली के दरियागंज में भी है। यह कंपनी मूल रूप से रेजिन (राल) का उत्पादन करती है।
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पाइन गोल्ड ने ओम प्रकाश दुजोडवाला कंपनी को वर्ष 2010 में माल सप्लाई किया था। इसके बदले दुजोडवाला कंपनी ने पाइन गोल्ड को पांच-पांच लाख रुपये के पांच चेक दिए थे, लेकिन वह बाउंस हो गए।
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तब सूरज खन्ना ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में वर्ष 2012 में याचिका दायर की। अदालत ने वर्ष 2015 में सूरज खन्ना के हक में फैसला सुनाते हुए दुजोडवाला कंपनी पर 15 लाख रुपये व इसके दो निदेशकों ओम प्रकाश व उनके बेटे विनीत दुजोडवाला पर 15-15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। साथ ही दोनों को तीन-तीन माह के कारावास की सजा भी सुनाई थी।
पटियाला हाउस के सत्र न्यायाधीश ने उनकी अपील खारिज कर सजा को बरकरार रखते हुए कहा था कि कंपनी की गतिविधियां बंद हो चुकी हैं, ऐसे में निदेशकों पर लगाया गया 15-15 लाख का जुर्माना बढ़ाकर 25-25 लाख रुपये किया जाता है। सत्र न्यायाधीश के आदेश पर अपीलकर्ता ने पीड़ित पक्ष को पांच लाख रुपये का भुगतान किया था।
आरोपी-पीड़ित दोनों की हो चुकी है मृत्यु
सत्र न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ आरोपी निदेशक ओम प्रकाश दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे। जुर्माना जमा करने के हाईकोर्ट के 16 दिसंबर 2016 के आदेश पर ओम प्रकाश व अन्य ने बकाया 45 लाख रुपये की धनराशि दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के पास जमा करा दी। इस बीच सूरज खन्ना और ओम प्रकाश की मृत्यु हो गई। जिसके बाद सूरज खन्ना के बेटे मोहित खन्ना ने 45 लाख रुपये की धनराशि रिलीज करने का आदेश देने के संबंध में आवेदन दाखिल किया था।