गोरखधंधा : फर्जी चेकों से सांसद साक्षी महाराज के बैंक खाते में सेंध, दो आरोपी बिहार से गिरफ्तार
- ठगों ने 97500 रुपये निकाले, बिहार से दो आरोपी गिरफ्तार
- 1000 से ज्यादा लोगों से कर चुके हैं करोड़ों की ठगी
विस्तार
जालसाजों ने उन्नाव, यूपी से लोकसभा के भाजपा सांसद साक्षी महाराज के बैंक खाते में सेंध लगा दी। जालसाजों ने दो फर्जी चेक के जरिए सांसद के बैंक खाते से 97500 रुपये निकाल लिए। तीसरे चेक से वह पैसे नहीं निकाल पाए। मामला हाईप्रोफाइल था तो पुलिस तुरंत हरकत में आई।
नई दिल्ली जिला डीसीपी दीपक यादव ने बताया कि निहाल सिंहा और दिनेश राय को नामक जालसाजों को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। निहाल सिंहा बीएससी डिग्री होल्डर है। आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह एक हजार से ज्यादा लोगों के बैंक खाते से करोड़ों रुपये निकाल चुके हैं।
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार सांसद साक्षी महाराज ने संसद मार्ग थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा था कि किसी ने दो फर्जी चेक से उनके एसबीआई बैंक खाते से 97500 रुपये निकाल लिए हैं। जिन चेक से रुपये निकाले हैं वह उनके पास हैं।
मामला दर्जकर संसद मार्ग थानाध्यक्ष अजय शर्मा की देखरेख में बोट क्लब चौकी प्रभारी राजकिरण, पीएसआई सुखवीर, सिपाही अमरदेव, राजेश व दिनेश की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने एसबीआई बैंक ने डिटेल निकाली तो पता लगा कि आरोपियों ने सांसद के बैंक खाते से तीन फर्जी चेक लगाए थे।
उनके बैंक खाते से एक बैंक खाते में गए और फिर यूपीआई से तीन बैंक खाते में पैसे डाले गए हैं। इसके बाद एटीएम से पैसे निकाल लिए गए। जांच के बाद एसआई राजकिरण की टीम ने पटना, बिहार से निहाल सिंह(27) को गिरफ्तार कर लिया।
दिल्ली पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर निहाल को दिल्ली लेकर आई और फिर रिमांड पर लेकर पूछताछ की। निहाल से पूछताछ के बाद छपरा से दिनेश राय को गिरफ्तार कर लिया। बीएससी डिग्री होल्डर निहाल को दिनेश राय फर्जी चेक देता था।
वह इन चेक को विभिन्न बैंकों में जमाकर पैसे ट्रांसफर करता था। इस काम के लिए उसे ठगी की रकम में से 30 फीसदी कमीशन मिलता था। दिनेश राय ने बताया है कि वह फर्जी चेक छपवाता था और फिर बैंकों में जमा करवाता था। पुलिस दिनेश राय को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
50 हजार से कम का चेक ही लगाते थे
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी बैंकों में 50 हजार से कम का ही चेक लगाते थे। 50 हजार व उससे ज्यादा का चेक लगाने पर बैंक संबंधित ग्राहक को सूचना देती है, जबकि 50 से कम का चेक लगाने पर बैंक संबंधित ग्राहक को सूचना नहीं देती है। सांसद के बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए इन्होंने तीन चेक लगाए थे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी फर्जी चेक खुद छापते थे या फिर किसी से छपवाते थे।
बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आ रही है-
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी पूरे देश में ठगी करते थे। जांच में बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आ रही है। ये पीड़ित का चेक नंबर, खाता नंबर व हस्ताक्षर बैंक कर्मचारियों से ही लेते थे। ऐसे में पुलिस आरोपी बैंक कर्मचारियों की तलाश कर रही है।