फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi news: Despite the strike 864 TB patients reported in four days

दिल्लीः हड़ताल के बावजूद चार दिन में 864 टीबी रोगी आए सामने

Mon, 25 Jan 2021 06:25 AM IST
दुष्यंत शर्मा परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 25 Jan 2021 06:25 AM IST
विज्ञापन
Delhi news: Despite the strike 864 TB patients reported in four days
demo pic...

टीबी मरीजों के उपचार में हड़ताल और कोरोना महामारी की अड़चन सामने आने के बाद दिल्ली के सभी टीबी केंद्र सक्रिय भूमिका में नजर आने लगे हैं। बीते चार दिन में राजधानी के 25 सरकारी केंद्रों पर 834 नए मरीज पंजीकृत हो चुके हैं। टीबी केंद्रों को सक्रिय करने के अलावा राजधानी में सबसे सुस्त एक केंद्र को सूची से हटा भी लिया है। 

विज्ञापन


गौर करने वाली बात है कि दक्षिणी नगर निगम के जिस नेहरु केंद्र को लेकर टीबी मरीजों के उपचार की चुनौतियों के बारे में बताया गया था, अब यहां 200 से अधिक नए मरीजों की पहचान करने में सफलता हासिल हुई है। बीते 19 जनवरी को अमर उजाला ने टीबी मरीजों के उपचार को लेकर प्रकाशित की खबर में निगम की पांच हड़ताल और कोरोना महामारी की वजह से मरीजों को आने वाली दिक्कतों के बारे में पाठकों को बताया था। 
विज्ञापन


साथ ही टीबी के अलग अलग केंद्रों की तुलना करते हुए जानकारी दी थी कि झंडेवालान, लोकनायक, हेडगेवार, सीडी चेस्ट और जीटीबी स्थित टीबी केंद्रों पर सबसे कम  कार्य किया गया है। इन पांचों केंद्रों की रिपोर्टिंग पिछले वर्ष की तुलना में जीरो से भी कम थी। इस खबर के बाद सभी केंद्रों पर एकसाथ टीबी को लेकर तेजी देखने को मिली है। 20 से 24  जनवरी के बीच ही राजधानी में एक केंद्र कम हुआ है और 834 नए मरीज सामने आए हैं। अब राजधानी के हर केंद्र पर कम से कम 31 रोगियों की पहचान की जा चुकी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके अलावा दो केंद्र बीएसए चेस्ट क्लीनिक और लोक राज संगठन अस्पताल छाती क्लीनिक में सर्वाधिक 836 और 863 नए रोगी मिल चुके हैं। फिलहाल दिल्ली टीबी नियंत्रण शाखा के अनुसार एक से 24 जनवरी के बीच दिल्ली में 4589 टीबी मरीज मिल चुके हैं जिनमें 1621 मरीज निजी क्षेत्र में मिले हैं। दिल्ली के 11 में से उत्तर पश्चिम जिला एकमात्र है जहां के बीएसए चेस्ट क्लीनिक में  सर्वाधिक 738 रोगियों की पहचान निजी अस्पतालों के जरिए हुई है। 

राज्य टीबी अधिकारी डॉ. अश्विनी खन्ना का कहना है कि टीबी उपचार को लेकर सेवाओं को फिर से बेहतर स्थिति में लाने का प्रयास किया जा रहा है। अगले कुछ समय बाद स्थिति में और भी बदलाव आएगा। दरअसल निक्षय रिपोर्ट के मुताबिक साल 2020 में 1.10 लाख टीबी रोगियों की पहचान करने का लक्ष्य  रखा गया था लेकिन पूरे साल में 79 फीसदी यानि 86547 मरीजों की पहचान हो पाई थी।


यह कोरोना वायरस के प्रभाव का परिणाम था। जबकि निगम के अधीन टीबी केंद्रों पर हड़ताल के  चलते उपचार में बड़ी बाधा है। बीते छह माह में यह पांचवीं बार है जब निगम के कर्मचारी काम छोड़कर हड़ताल पर बैठे हैं। दिल्ली में 26 केंद्र हैं लेकिन साल 2020 में किसी ने भी अपना लक्ष्य पूरा नहीं किया था।   

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed