दिल्ली में बर्ड फ्लू की आशंकाओं के बीच 50 और पक्षियों की मौत, संजय झील में संक्रमण का डर
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दिल्ली में बर्ड फ्लू का बढ़ते खतरे के बीच मंगलवार को पशुपालन विभाग ने 18 से ज्यादा सेंपल जांच के लिए भेजे हैं। वहीं, अलग-अलग इलाकों से करीब 50 पक्षियों की मौत भी हुई है। इसके साथ दिल्ली सरकार के हेल्पलाइन नंबर पर करीब बीते तीन दिनों में 300 से ज्यादा कॉल लोगों ने मदद के लिए की है।
उधर, दिल्ली के मुख्य सचिव विजय ने मौजूदा हालात पर चर्चा करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्य सचिव ने प्रोटोकाल के तहत सख्ती से काम करने का निर्देश अधिकारियों का दिया है।
मंगलवार देर शाम तक पंजाब की लैब में भेजे गए पक्षियों के सेंपल की रिपोर्ट दिल्ली सरकार को नहीं मिली है। जबकि दिल्ली में पक्षियों की मौत होती रहीं।मंगलवार को दिल्ली में 50 से अधिक पक्षियों की मौत हुई है। हालात को नियंत्रित रखने के लिए सरकार ने जलाशय वाले पार्कों में निगरानी बढ़ा दी है। पशुपालन विभाग की रिस्पांस टीम ने हौजखास, राजघाट, शांतिवन, भलस्वा झील, समेत जैव विविधता पार्कों का दौरा किया।
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी तक पंजाब की लैब में भेजे गए सेंपल की रिपोर्ट नहीं आई है। जिन इलाकों में बर्ड फ्लू फैला है, वहां विभागीय टीमें सेनिटाइज कर रही हैं। जिन इलाकों में मृत पक्षी मिल रहे हैं, वहां से सेंपल लिए जा रहे हैं। मंगलवार को भी दिल्ली के अलग-अलग इलाको में पक्षियों की मौतें हुई हैं। हालांकि, ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। विभाग इस वक्त हाई अलर्ट मोड में है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों के साथ की बैठक
मुख्य सचिव विजय देव ने मंगलवार को वेटेरनरी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर मौजूदा हालात पर चर्चा की। मुख्य सचिव ने जलाशय युक्त पार्कों की निगरानी बढ़ाने का निर्देश अधिकारियों का दिया है। साथ ही मृत पक्षियों की ज्यादा से ज्यादा सेंपलिंग करने का कहा गया है। मुख्य सचिव की अधिकारियों को सलाह है कि वह हालात को पैनिक न होने दें। केंद्र की तरफ से जारी बर्ड फ्लू के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए हालात को नियंत्रित करने का प्रयास करें।
तीन दिन में प्राप्त हुई 332 कॉल
दिल्ली सरकार द्वारा बर्ड फ्लू को लेकर जारी हेल्पलाइन लाइन नंबर पर मंगलवार तक करीब 332 कॉल प्राप्त हुईं। इनमें अधिकतर कॉल लोगों ने अपनी कॉलोनियों में कबूतर, कौवे व बत्तखों के मृत होने के संबंध में दीं। बता दें कि दिल्ली सरकार ने लोगों को अपने क्षेत्रों में पक्षियों के मौत के मामले में हेल्पलाइन नंबर 011-23890318 पर जानकारी देने की शुरुआत की है।
संजय झील में बतख मौजूद, संक्रमण का डर
बर्ड फ्लू को देखते हुए एक दिन पहले संजय झील में पक्षियों को मारने के बाद भी बत्तख बची हुई है। इससे पार्क में अभी भी बर्ड फ्लू का डर बना हुआ है। वहीं, पार्क बंद होने के बाद भी लोगों का प्रवेश थम नहीं रहा है।
दरअसल, सोमवार को पशुपालन विभाग ने बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए करीब 391 पक्षियों को मार दिया था। इनमें 371 बत्तख और 20 मुर्गे शामिल थे। अधिकारियों का कहना था कि तीन से चार दिन में सभी बत्तखें भी बर्ड फ्लू से मर जाती। वहीं, संक्रमण का भी खतरा था।
मंगलवार को अमर उजाला ने पार्क में पहुंचकर जायजा लिया तो देखा कि यहां झील में अभी भी एक बत्तख बची हुई है। हालांकि, अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि बत्तख बीमार है। बताया जा रहा है कि बची हुई बत्तख को भी अधिकारियों ने सोमवार को निकालने की कोशिश की थी, लेकिन इसके बाद भी बत्तख नहीं निकल सकी। ऐसे में संजय झील में अभी भी बर्ड फ्लू का संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।
गौरतलब है कि सोमवार को बत्तखों को मारने के बाद प्रोटोकॉल के मुताबिक पार्क में ही गहरा गड्ढा कर दफनाया दिया था। वहीं, संजय झील को अलर्ट जोन घोषित किया था।
संजय झील पार्क जबरदस्ती प्रवेश कर रहे लोग
बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने संजय झील को आगामी तीन सप्ताह के लिए आम जनता के लिए बंद कर दिया है। साथ ही इसे अलर्ट जोन भी घोषित किया है, लेकिन इसके बाद भी लोग पार्क में प्रवेश कर रहे हैं।
स्थानीय चौकीदार के मुताबिक, एक जगह से पार्क की दीवार टूटी होने की वजह से लोग पार्क में प्रवेश कर धूप का आनंद ले रहे हैं। जब उन्हें बर्ड फ्लू के खतरे की आशंका को देखते हुए मना किया जाता है तो वह जोर-जबर्दस्ती पर उतर आते हैं। इस वजह से बर्ड फ्लू का खतरा भी फैलने का डर बना हुआ है। एक अन्य कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कुछ लोग बत्तखों के दफनाने के स्थान पर भी पहुंचने की कोशिश करते हैं।