#LadengeCoronaSe : दिल्ली में दो सप्ताह में 4 फीसदी बढ़ी रिकवरी दर, संक्रमण में भी कमी
- 94 फीसदी तक पहुंची रिकवरी दर
- संक्रमित से ज्यादा अब स्वस्थ हो रहे लोग
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राजधानी में संक्रमितों की संख्या कम होने के साथ-साथ कोरोना से रिकवरी दर भी बढ़ती जा रही है। पिछले दो सप्ताह में रिकवरी दर में 4 फीसदी का इजाफा हुआ है। अब संक्रमितों के मुकाबले अधिक लोग स्वस्थ हो रहे हैं। इससे यह दर लगातार बढ़ती जा रही है। दूसरी तरफ संक्रमण में भी तेजी से कमी आ रही है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, दिल्ली में इस समय संक्रमण के कुल 13,87,411 में से 12,99,872 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। इस हिसाब से फिलहाल रिकवरी दर करीब 94 फीसदी है, जबकि एक मई को 89.90 फीसदी थी। इस लिहाज से देखे को दो सप्ताह में रिकवरी दर में चार प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इससे पहले पिछले माह 20 अप्रैल में यह दर घटकर 88 फीसदी तक पहुंच गई थी, लेकिन अब बीते एक सप्ताह से संक्रमितों के मुकाबले अधिक लोग स्वस्थ हो रहे हैं। इससे यह संख्या बढ़ रही है।
एम्स के डॉक्टर विक्रम का कहना है कि मरीजों का तेजी से स्वस्थ होना एक अच्छा संकेत हैं। यह दर्शाता है कि संक्रमण अब कमजोर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कोरोना की चौथी लहर का पीक अब बीत चुका है। ऐसे में आने वाले समय में रिकवरी दर और भी बढ़ेगी। हालांकि अभी यह भी जरूरी है कि घर पर इलाज करा रहे सभी मरीज एहतियात बरते और इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न करे।
ऐसे बढ़ी रिकवरी दर
तारीख- रिकवरी दर
1मई-89.90
3 -90.74
6- 91.32
9- 92.12
12 92.95
15- 94
स्वस्थ होने वालों की संख्या में इजाफा
तारीख- संक्रमित - स्वस्थ हुए
15मई- 6430-11592
14- 8506-14140
13-10489-15189
12-13287-14071
11-12481-13587
10-12651-13306
9-1336-14738
नोट- आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं और दर फीसदी में है
टीका लगवा चुके 98 फीसदी स्वास्थ्यकर्मी संक्रमण से सुरक्षित
कोरोना संक्रमण को काबू करने में टीकाकरण अभियान काफी महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। टीका लगवा चुके 98 फीसदी स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रमण नहीं हुआ है। शेष 2 फीसदी कर्मचारी संक्रमित हुए भी तो उनमें काफी हल्के लक्षण मिले हैं। अपोलो अस्पताल कि ओर से किए गए अध्ययन में यह बात सामने आई है।
अपोलो अस्पताल के समूह चिकित्सा निदेशक डॉक्टर अनुपम सिब्बल ने बताया कि पिछले कई महीनों में ऐसे मामले दर्ज किए गए हैं, जहां टीका लगने के बाद भी मरीजों को संक्रमण हुआ है। इसे ‘ब्रेक थ्रू इन्फेक्शन’ कहा जाता है। कुछ लोगों में पहली डोज और कुछ में पूर्ण टीकाकरण के बाद भी संक्रमण हुआ है। अस्पताल की ओर से किए गए अध्ययन में पता चला है कि टीकाकरण के बाद 97.38 फीसदी मामलों में मरीज कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रहे।
टीकाकरण के बाद जिन कर्मचारियों को संक्रमण हुआ भी है तो उनमें काफी हल्के लक्षण मिले। डॉ.सिब्बल के मुताबिक, इस अध्ययन में टीकाकरण करा चुके 3235 स्वास्थ्यकर्मियों को शामिल किया गया। जो संक्रमित हुए, उनमें से एक फीसदी को भी अस्पाताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी। इस अध्ययन से पता चलता है कि टीकाकरण कितना जरूरी है।