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वैश्विक सफर के लिए दिल्ली मेट्रो ने कसी कमर
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नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो ने दुनिया भर में सफर के लिए कमर कस ली है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) पहली बार इस्रायल, फिलीपींस समेत दूसरी मेट्रो परियोजनाओं के लिए संभावनाएं तलाश रही है। वैश्विक स्तर के प्रोजेक्ट में डीएमआरसी का फोकस प्रशिक्षण से लेकर परिचालन तक की सभी गतिविधियां शामिल हैं। नई रणनीति से मेट्रो की वैश्विक पहचान बनने के साथ वित्तीय संकट से उबरने में भी मदद मिलेगी। दूसरी तरफ दिल्ली में दिवाली के बाद पिंक लाइन चालक रहित होगी। जबकि अगले साल दिसंबर तक मेट्रो की सभी लाइनों पर नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) को अमलीजामा पहना दिया जाएगा। भविष्य की योजनाओं और चुनौतियों पर डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. मंगूूूूूू सिंह से अमर उजाला संवाददाता सर्वेश कुमार से विस्तार से बातचीत की। पेश हैं प्रमुख अंश....
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इस्रायल में डाले टेंडर, फिलीपींस के प्रतिस्पर्धा में, ढाका के मेट्रो कर्मियों को दिया प्रशिक्षण
दिल्ली मेट्रो ने पहली बार देश से बाहर कदम बढ़ाया है। शुरुआती परियोजनाओं में दूसरी कंपनियों के साथ हम साझेदारी कर रहे हैं। पहली कोशिश इस्रायल की एक मेट्रो परियोजना में शामिल होने की है। इस प्रोजेक्ट के लिए हमने एक सहयोगी कंपनी के साथ टेंडर भी डाला है। निविदा का आवंटन आखिरी चरण में है। अगर डीएमआरसी को काम करने का मौका मिलता है तो सिविल वर्क के साथ नेटवर्क विस्तार की सभी गतिविधियों में शामिल होने की हम कोशिश करेंगे।
जहां तक दूसरे देशों का सवाल है, फिलीपींस की राजधानी मनीला में विकसित होने वाली मेट्रो परियोजना की प्रतिस्पर्धा में हम शामिल हैं। इसके लिए भी एक कंपनी के साथ समझौता किया है। जल्द ही इसके लिए टेंडर डाला जाएगा। दूसरी तरफ ढाका मेट्रो पर जापानी कंपनी पहले ही काम कर रही है। उनकी सिफारिश के बाद मेट्रो कर्मियों को डीएमआरसी ने ट्रेनिंग दी है।
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डीएमआरसी की घाटे से उबरने की कोशिश
कोविड काल में चुनौतियों के बीच मेट्रो के बढ़ते कदम पर कहा कि पिछले दो वित्तीय वर्ष के दौरान दिल्ली मेट्रो को करीब 3200-3300 करोड़ के नुकसान का आकलन है। महामारी के दौरान 2020-21 में साढ़े पांच महीने मेट्रो सेवाएं बंद रहीं। इस दौरान 1700 करोड़ जबकि चालू वित्त वर्ष में करीब 1500 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान होने का आकलन है। डीएमआरसी ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अलावा केंद्र सरकार को पत्र भेजा है ताकि वित्तीय संकट से उबारने में आर्थिक मदद मिल सके। दिल्ली मेट्रो की तरफ से मुंबई मेट्रो, पटना मेट्रो पर भी काम चल रहा है। फिलहाल ढाका मेट्रो के अधिकारियों और कर्मियों को दिल्ली मेट्रो रेल अकादमी में ट्रेनिंग दी जा रही है। इससे भी डीएमआरसी को आय होगी। मुंबई और पटना मेट्रो पर भी काम चल रहा है ताकि इसे अमलीजामा पहनाया जा सके।
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अगले साल से एनसीएमसी की सुविधा
दिल्ली मेट्रो की सभी लाइन पर वर्ष 2022 तक नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) की सुविधा देने के लिए कदम बढ़ाए गए हैं। इसके लिए सभी स्टेशन के नेटवर्क को भी बदलने की राह में कई चुनौतियां भी हैं। रात के वक्त मेट्रो सेवाएं बंद होने पर इस दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। एनसीएमसी के लिए टेंडर किया गया है और दिसंबर तक इस पर अंतिम निर्णय लेने के बाद अगले एक साल में इसे पूरा करने का लक्ष्य है। इससे पहले सभी लाइनों पर वाई फाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि यात्रियों के लिए मेट्रो में सफर करना और भी आसान बन सके।
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दुनिया में सर्वाधिक लंबा हो जाएगा चालक रहित नेटवर्क
डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. मंगू सिंह ने कहा कि पिंक लाइन को ड्राइवरलेस बनाने के लिए सभी तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। मजेंटा के बाद पिंक लाइन को अगले महीने ड्राइवरलेस कर दिया जाएगा। दिल्ली मेट्रो के दोनों कॉरिडोर पर 92 किलोमीटर से अधिक दायरे में मेट्रो का नेटवर्क ड्राइवरलेस हो जाएगा। यह दुनिया का सर्वाधिक लंबा चालक रहित कॉरिडोर होगा।
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फेज-4 के तीन कॉरिडोर पर कैबिनेट की मुहर का इंतजार
दिल्ली मेट्रो फेज-4 के प्रस्तावित तीन कॉरिडोर पर कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है। बदलाव के बाद इसे दिल्ली सरकार को दोबारा भेजा गया है। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही अमलीजामा पहनाने की दिशा में कदम बढ़ेंगे। इनमें से रिठाला-नरेला कॉरिडोर मेट्रो लाइट जबकि शेष दो कॉरिडोर इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ और लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक पर होंगे। मेट्रो फेज-4 के तीनों शेष कॉरिडोर पर मंजूूरी मिलने के बाद इन पर भी काम शुरू किया जाएगा।
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आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ रहे हैं मेट्रो के कदम
डॉ. मंगू सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कोरोना काल के दौरान आत्मनिर्भर भारत की तरफ भी डीएमआरसी ने कदम बढ़ाया है। 90 फीसदी से अधिक सिविल जबकि 70-80 फीसदी रोलिंग स्टॉक भी देश की कंपनियां मुहैया कर रही है। इसके लिए सिग्नलिंग, आईटी सहित अन्य क्षेत्रों में भी स्वदेशी को बढ़ावा दिया जा रहा है। कोविड काल में चीन से आने वाले उपकरणों में कमी से थोड़ी बहुत सेवाएं प्रभावित हुई हैं। लेकिन इसका व्यापक असर नहीं पड़ा है।
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इस्रायल में डाले टेंडर, फिलीपींस के प्रतिस्पर्धा में, ढाका के मेट्रो कर्मियों को दिया प्रशिक्षण
दिल्ली मेट्रो ने पहली बार देश से बाहर कदम बढ़ाया है। शुरुआती परियोजनाओं में दूसरी कंपनियों के साथ हम साझेदारी कर रहे हैं। पहली कोशिश इस्रायल की एक मेट्रो परियोजना में शामिल होने की है। इस प्रोजेक्ट के लिए हमने एक सहयोगी कंपनी के साथ टेंडर भी डाला है। निविदा का आवंटन आखिरी चरण में है। अगर डीएमआरसी को काम करने का मौका मिलता है तो सिविल वर्क के साथ नेटवर्क विस्तार की सभी गतिविधियों में शामिल होने की हम कोशिश करेंगे।
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जहां तक दूसरे देशों का सवाल है, फिलीपींस की राजधानी मनीला में विकसित होने वाली मेट्रो परियोजना की प्रतिस्पर्धा में हम शामिल हैं। इसके लिए भी एक कंपनी के साथ समझौता किया है। जल्द ही इसके लिए टेंडर डाला जाएगा। दूसरी तरफ ढाका मेट्रो पर जापानी कंपनी पहले ही काम कर रही है। उनकी सिफारिश के बाद मेट्रो कर्मियों को डीएमआरसी ने ट्रेनिंग दी है।
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डीएमआरसी की घाटे से उबरने की कोशिश
कोविड काल में चुनौतियों के बीच मेट्रो के बढ़ते कदम पर कहा कि पिछले दो वित्तीय वर्ष के दौरान दिल्ली मेट्रो को करीब 3200-3300 करोड़ के नुकसान का आकलन है। महामारी के दौरान 2020-21 में साढ़े पांच महीने मेट्रो सेवाएं बंद रहीं। इस दौरान 1700 करोड़ जबकि चालू वित्त वर्ष में करीब 1500 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान होने का आकलन है। डीएमआरसी ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अलावा केंद्र सरकार को पत्र भेजा है ताकि वित्तीय संकट से उबारने में आर्थिक मदद मिल सके। दिल्ली मेट्रो की तरफ से मुंबई मेट्रो, पटना मेट्रो पर भी काम चल रहा है। फिलहाल ढाका मेट्रो के अधिकारियों और कर्मियों को दिल्ली मेट्रो रेल अकादमी में ट्रेनिंग दी जा रही है। इससे भी डीएमआरसी को आय होगी। मुंबई और पटना मेट्रो पर भी काम चल रहा है ताकि इसे अमलीजामा पहनाया जा सके।
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अगले साल से एनसीएमसी की सुविधा
दिल्ली मेट्रो की सभी लाइन पर वर्ष 2022 तक नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) की सुविधा देने के लिए कदम बढ़ाए गए हैं। इसके लिए सभी स्टेशन के नेटवर्क को भी बदलने की राह में कई चुनौतियां भी हैं। रात के वक्त मेट्रो सेवाएं बंद होने पर इस दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। एनसीएमसी के लिए टेंडर किया गया है और दिसंबर तक इस पर अंतिम निर्णय लेने के बाद अगले एक साल में इसे पूरा करने का लक्ष्य है। इससे पहले सभी लाइनों पर वाई फाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि यात्रियों के लिए मेट्रो में सफर करना और भी आसान बन सके।
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दुनिया में सर्वाधिक लंबा हो जाएगा चालक रहित नेटवर्क
डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. मंगू सिंह ने कहा कि पिंक लाइन को ड्राइवरलेस बनाने के लिए सभी तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। मजेंटा के बाद पिंक लाइन को अगले महीने ड्राइवरलेस कर दिया जाएगा। दिल्ली मेट्रो के दोनों कॉरिडोर पर 92 किलोमीटर से अधिक दायरे में मेट्रो का नेटवर्क ड्राइवरलेस हो जाएगा। यह दुनिया का सर्वाधिक लंबा चालक रहित कॉरिडोर होगा।
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फेज-4 के तीन कॉरिडोर पर कैबिनेट की मुहर का इंतजार
दिल्ली मेट्रो फेज-4 के प्रस्तावित तीन कॉरिडोर पर कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है। बदलाव के बाद इसे दिल्ली सरकार को दोबारा भेजा गया है। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही अमलीजामा पहनाने की दिशा में कदम बढ़ेंगे। इनमें से रिठाला-नरेला कॉरिडोर मेट्रो लाइट जबकि शेष दो कॉरिडोर इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ और लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक पर होंगे। मेट्रो फेज-4 के तीनों शेष कॉरिडोर पर मंजूूरी मिलने के बाद इन पर भी काम शुरू किया जाएगा।
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आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ रहे हैं मेट्रो के कदम
डॉ. मंगू सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कोरोना काल के दौरान आत्मनिर्भर भारत की तरफ भी डीएमआरसी ने कदम बढ़ाया है। 90 फीसदी से अधिक सिविल जबकि 70-80 फीसदी रोलिंग स्टॉक भी देश की कंपनियां मुहैया कर रही है। इसके लिए सिग्नलिंग, आईटी सहित अन्य क्षेत्रों में भी स्वदेशी को बढ़ावा दिया जा रहा है। कोविड काल में चीन से आने वाले उपकरणों में कमी से थोड़ी बहुत सेवाएं प्रभावित हुई हैं। लेकिन इसका व्यापक असर नहीं पड़ा है।