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दिल्ली: ओमिक्रॉन वैरिएंट के इलाज के लिए लोकनायक अस्पताल आरक्षित, सरकार ने कोविड वार्डों को लेकर दिए निर्देश

Tue, 30 Nov 2021 07:38 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Tue, 30 Nov 2021 07:38 PM IST
सार

लोक नायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल में पहले से कोविड वार्ड बने हुए हैं जिन्हें अब कोरोना के नए वैरिएंट से संक्रमित होने वाले मरीजों के लिए खोल दिया है। हालांकि दिल्ली में अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है लेकिन दिल्ली सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोरोना वायरस को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

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Delhi: Loknayak Hospital reserved for the treatment of Omicron variant, the government gave instructions regarding Kovid wards
एलएनजेपी के एमडी डॉ. सुरेश कुमार - फोटो : एएनआई

विस्तार

कोरोना वायरस के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर दिल्ली सरकार ने लोकनायक अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने का फैसला लिया है। सरकार ने अस्पताल प्रबंधन को तत्काल इस दिशा में तैयारियां पूरी करने के लिए भी कहा है।

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लोक नायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल में पहले से कोविड वार्ड बने हुए हैं जिन्हें अब कोरोना के नए वैरिएंट से संक्रमित होने वाले मरीजों के लिए खोल दिया है। हालांकि दिल्ली में अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है लेकिन दिल्ली सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोरोना वायरस को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
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अस्पतालों से लेकर निगरानी, जांच और टीकाकरण तक के लिए सभी जिलों को एकसाथ काम करने के लिए भी कहा गया है। इनके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना टीकाकरण को लेकर घर-घर जाकर जांच करने का अभियान आगे भी जारी रखने के निर्देश भी दिए हैं।

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लोकनायक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि उनके यहां कोविड वार्ड को लेकर तैयारियां पूरी हैं। अस्पताल में ही जीनोम सीक्वेसिंग की सुविधा है। ऐसे में अगर कोई संदिग्ध या कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती होता है तो उसके सैंपल की सीक्वेसिंग भी यही होगी और कोरोना के वेरिएंट का पता भी चल पाएगा।

डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण की पहचान आरटी पीसीआर या फिर रैपिड जांच में हो जाती है लेकिन मरीज के अंदर कौन सा वैरिएंट है? यह जानने के लिए जीनोम सीक्वेसिंग की जाती है। यही कारण है कि नए वेरिएंट की वजह से जीनोम सीक्वेसिंग को प्राथमिकता देने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने बताया कि आईसीयू, सामान्य बिस्तर और ऑक्सीजन इत्यादि की व्यवस्था उनके यहां है। साथ ही स्टाफ को भी अलर्ट पर रखा गया है।

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