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Holi 2023: होली के लिए हाई अलर्ट में दिल्ली के अस्पताल, इमरजेंसी में डॉक्टर रहेंगे तैनात
Wed, 08 Mar 2023 01:23 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 08 Mar 2023 01:23 AM IST
सार
होली को लेकर लोकनायक, डीडीयू, सफदरजंग, आरएमएल, एम्स, लेडी हार्डिंग, अंबेडकर, बाबू जगजीवन राम, संजय गांधी, जीटीबी सहित तमाम बड़े अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही ट्रामा सेंटर सेवाओं को भी सक्रिय रहने की सलाह दी गई है।
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लोकनायक अस्पताल
- फोटो : social media
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विस्तार
होली को लेकर दिल्ली के सभी अस्पताल हाई अलर्ट पर रहेंगे। इस दिन सड़क दुर्घटना के अलावा रंगों से एलर्जी व अन्य मामले बढ़ जाते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि होली की एक रात पहले से अस्पताल के आपातकालीन विभाग में आने वाले मरीजों की संख्या में 15 से 50 फीसदी तक बढ़त हो जाती है।
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इसे लेकर लोकनायक, डीडीयू, सफदरजंग, आरएमएल, एम्स, लेडी हार्डिंग, अंबेडकर, बाबू जगजीवन राम, संजय गांधी, जीटीबी सहित तमाम बड़े अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही ट्रामा सेंटर सेवाओं को भी सक्रिय रहने की सलाह दी गई है। पूर्वी दिल्ली में चाचा नेहरू अस्पताल और जीटीबी अस्पताल में होली को देखते हुए आपातकालीन वार्ड में बच्चों के लिए भी अलग से व्यवस्था की गई है।
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लोकनायक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार ने कहा कि होली को देखते हुए अस्पताल का आपातकालीन विभाग अलर्ट पर रहेगा, अतिरिक्त बेड की व्यवस्था रहेगी। उन्होंने कहा कि होली के दौरान सड़क दुर्घटनाओं के मामले बढ़ जाते हैं। इसके अलावा रंगों से एलर्जी व अन्य के मामले भी काफी आते हैं। वहीं डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के इमरजेंसी विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि होली के अवसर पर मरीजों की संख्या डेढ़ तक बढ़ जाती है। अक्सर ये यह लोग नशे में धुत होते हैं और अस्पताल में आकर भी खूब हुड़दंग मचाते हैं। डॉक्टरों को ठीक ढंग से इलाज तक नहीं करने देते। ऐसे में इनका इलाज करना बेहद मुश्किल हो जाता है।
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उनका कहना है कि होली से एक रात पहले से अस्पतालों में आने वाले दुर्घटना के मामले 75 फीसदी शराब के कारण होते हैं। इसके अलावा पानी के गुब्बारे मारने के कारण होने वाली दुर्घटना, आंखों में रंग जाने के मामले भी आते हैं।
खेलेंगे सुरक्षित होती तो नहीं होगी समस्या
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में त्वचा विभाग के प्रमुख डॉ. करीब सरदाना ने कहा कि यदि सुरक्षित तरीके से होली खेलेंगे तो किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी। केमिकल रंगों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे त्वचा रोग की समस्या हो सकती है। प्रकृति रंगों से होली खेलने से पहले नारियल तेल जरूर लगा लें। इससे रंग शरीर पर नहीं चढ़ेगा। साथ ही एलर्जी की समस्या भी नहीं होगी। जिन लोगों को अस्थमा या रंगों से एलर्जी है, उन्हें रंगों से परहेज करना चाहिए। यदि होली खेलते भी हैं तो कम समय के लिए खेलना चाहिए।
90 फीसदी तक आते हैं आंखों के मामले
होली के दिन रंगों के गलत इस्तेमाल के कारण ज्यादातर मामले आंखों से जुड़े आते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि लोगों को होली खेलने से पहले बिना पावर का चश्मा पहन लेना चाहिए जिससे रंग आंखों में न जा पाए। यदि कोई दिक्कत होती है तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।