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दिल्ली: स्वामी चक्रपाणि की जेड सुरक्षा कवर को बहाल करने की मांग वाली याचिका पर जल्द सुनवाई का निर्णय

Tue, 12 Oct 2021 09:26 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: प्राची प्रियम Updated Tue, 12 Oct 2021 09:26 PM IST
सार

चक्रपाणि ने आरोप लगाया कि उन्हें मिली धमकियों के आलोक में दिल्ली पुलिस व अन्य संबंधित अथॉरिटी ने जेड प्लस सुरक्षा कवर बनाए रखने के उनके आवेदन पर कोई कदम नहीं उठाया।

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Delhi Highcourt to soon hear Swami Chakrapani plea asking Z plus security to be restored
Swami Chakrapani - फोटो : Social Media

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने हिंदू संत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि द्वारा अपनी जेड सुरक्षा कवर को बहाल करने की मांग वाली याचिका पर जल्द सुनवाई का निर्णय दिया है। अदालत ने दिल्ली पुलिस को इस मुद्दे पर संबंधित अथॉरिटी से जवाब लेकर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।
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स्वामी चक्रपाणि ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि उसे दाऊद इब्राहिम के सहयोगियों छोटा शकील और अन्य असामाजिक और राष्ट्र विरोधी तत्वों के हमले का खतरा है। न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने स्वामी के जल्द सुनवाई के आग्रह को स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई 22 अक्तूबर तय कर दी है।
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चक्रपाणि ने आरोप लगाया कि उन्हें मिली धमकियों के आलोक में दिल्ली पुलिस व अन्य संबंधित अथारिटी ने जेड प्लस सुरक्षा कवर बनाए रखने के उनके आवेदन पर कोई कदम नहीं उठाया। याचिका में कहा गया था कि 23 सितंबर 2021 को उनकी जेड सुरक्षा को वापस लेने संबंधी केंद्र और पुलिस का निर्णय मनमाना है। उन्होंने कहा कि जेड सुरक्षा को एक्स सुरक्षा में डाउनग्रेड करने का निर्णय कुछ राजनीतिक प्रतिशोध के कारण राजनीति से प्रेरित हो सकता है, क्योंकि याचिकाकर्ता बड़े पैमाने पर समाज और विशेष रूप से हिंदू धर्म के विभिन्न मुद्दों पर मुखर रहा है।
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याचिका में यह भी कहा गया कि जेड सुरक्षा वापस लेने के कारण याचिकाकर्ता के अनुच्छेद 19 का उल्लंघन किया गया, क्योंकि उन्हें बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और भारत के पूरे क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से घूमने की स्वतंत्रता से वंचित किया गया। साथ ही वह आतंकवादी हमले के लिए आसान शिकार बन गए हैं।

याचिका में आगे कहा गया है कि केंद्र व पुलिस के आचरण से यह स्पष्ट है कि वे चाहते हैं कि याचिकाकर्ता को वैश्विक आतंकवादियों दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील और उनके गुर्गे और अन्य राष्ट्र-विरोधी और असामाजिक तत्वों के हाथों समाप्त कर दिया जाए।


याचिकाकर्ता को भाषण और आंदोलन की स्वतंत्रता के साथ-साथ भारत के संविधान में निहित जीवन और स्वतंत्रता के अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करने से रोकता है।
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