फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi High Court said Title of Sholay cannot be used arbitrarily it is an iconic film that has attracted Indians

Delhi High Court: शोले शीर्षक का मनमर्जी से उपयोग नहीं किया जा सकता, कोर्ट ने कहा- यह वो प्रतिष्ठित फिल्म है, जिसने भारतीयों को आकर्षित किया है

Fri, 27 May 2022 05:29 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Fri, 27 May 2022 05:29 AM IST
सार

अदालत ने अपना व्यवसाय चलाने के लिए लोकप्रिय फिल्म के शीर्षक का उपयोग करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दायर करने वाले फिल्म निर्माताओं, शोले मीडिया एंड एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड और सिप्पी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड को 25 लाख रुपये का हर्जाना दिए जाने का भी निर्देश दिया है।  

विज्ञापन
Delhi High Court said Title of Sholay cannot be used arbitrarily it is an iconic film that has attracted Indians
दिल्ली हाईकोर्ट। - फोटो : ANI

विस्तार

उच्च न्यायालय ने कहा है कि ‘शोले’ एक प्रतिष्ठित फिल्म का शीर्षक है, जिसका एक प्रतीक के रूप में मनमर्जी से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। अदालत ने इस फिल्म के शीर्षक का इस्तेमाल करने पर रोक लगाने के साथ ही प्रतिवादी पर 25 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने एक ट्रेडमार्क मुकदमे का निपटारा करते हुए अपने आदेश में कहा कि कोई एक ऐसी फिल्म है, जिसने भारतीयों को पीढ़ी दर पीढ़ी आकर्षित किया है तो वह शोले है। अदालत ने अपना व्यवसाय चलाने के लिए लोकप्रिय फिल्म के शीर्षक का उपयोग करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दायर करने वाले फिल्म निर्माताओं, शोले मीडिया एंड एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड और सिप्पी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड को 25 लाख रुपये का हर्जाना दिए जाने का भी निर्देश दिया है।  
विज्ञापन


अदालत ने कहा कि शीर्षक और फिल्में ट्रेडमार्क कानून के तहत मान्यता प्राप्त करने में सक्षम हैं। अदालत ने 23 मई को जारी अपने आदेश में कहा प्रतिवादी, निदेशक, साझेदार, मालिक और उनकी ओर से काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी सामान और सेवाओं के संबंध में शोले नाम का उपयोग करने पर रोक है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वादी की ओर से वकील प्रवीण आनंद और लॉ फर्म आनंद एंड आनंद के ध्रुव आनंद ने प्रतिवादी के खिलाफ कई उल्लंघनकारी गतिविधियों में शामिल होने के लिए मुकदमा दायर किया था। प्रतिवादी शोले नाम का इस्तेमाल कर एक डोमेने पंजीकृत करना चाहते थे और एक पत्रिका को भी प्रकाशित करना था, जिसमें फिल्म के दृश्यों और नामों का उपयोग किया गया था। याचिका में कहा गया कि प्रतिवादियों का इरादा अमेरिका में पंजीकृत  http://www.sholay.com"\nwww.sholay.com" नामक वेबसाइट बनाकर उनके मुवक्किलों से पैसे वसूल करना था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed