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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi High Court said Balance between Fundamental rights and fair investigation is necessary

Delhi High Court: मूल अधिकारों व निष्पक्ष जांच में संतुलन जरूरी, दुष्कर्म के आरोपी वकील को अग्रिम जमानत देते हुए की टिप्पणी

Sun, 29 May 2022 06:25 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Sun, 29 May 2022 06:25 AM IST
सार

अदालत ने बहन के साथ सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी एक वकील को जमानत देते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील रिश्ते पर सचेत रहना होगा।

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Delhi High Court said Balance between Fundamental rights and fair investigation is necessary
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

उच्च न्यायालय ने कहा कि किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े मामलों से सावधानी से निपटा जाना चाहिए व उसके मौलिक अधिकारों के सम्मान और निष्पक्ष जांच के बीच भी संतुलन बनाना जरूरी है। अदालत ने बहन के साथ सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी एक वकील को जमानत देते हुए यह टिप्पणी की।

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जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने सुनवाई के दौरान पीड़िता द्वारा घटना के तीन वर्ष बाद अपने दो भाइयों व याची की पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज करवाने पर सवाल उठाया। अदालत ने कहा कि यह शिकायतकर्ता और याचिकाकर्ता के बीच सगी बहन-भाई का मामला है। कथित घटना मार्च 2019 में हुई, जबकि प्राथमिकी अप्रैल 22 में दर्ज करवाई गई। अदालत ने शिकायतकर्ता के वकील से एफआईआर में देरी का कारण पूछा, तो उन्होंने कहा कि यह एक संवेदनशील रिश्ता था। इसलिए पिता के कहने पर तत्काल शिकायत दर्ज नहीं कराई। पिता ने कहा था कि परिवार की प्रतिष्ठा सर्वोपरि है। पिता के निधन के बाद पीड़िता ने अपने पति की सलाह के बाद प्राथमिकी 2022 में दर्ज करवाई।
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संवेदनशील रिश्ते पर रहना होगा सचेत
अदालत का विचार था कि उसे इस मामले में सचेत रहना होगा और ध्यान रखना होगा कि इसमें दो भाइयों द्वारा सगी बहन के यौन उत्पीड़न का मामला है। याचिकाकर्ता की पत्नी भी मामले में संलिप्त थी। वह घटना के वक्त कमरे के बाहर पहरा दे रही थी।
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देश न छोड़ने का भरोसा देने पर मिली जमानत
याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि वह पेशे से वकील हैं और जमानत मिलने की स्थिति में उनके देश छोड़ने या अदालत द्वारा लगाई गई किसी भी शर्त का पालन नहीं करने का कोई सवाल ही नहीं है। इसके बाद सभी तथ्यों को देखने के बाद कोर्ट ने जमानत दे दी।

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