दिल्ली हाईकोर्ट: भड़काऊ भाषण मामले में शरजील इमाम की जमानत याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस
इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शरजील इमाम को शनिवार को जमानत दी थी। उस मामले में सोमवार को विस्तृत आदेश आया है, जिसमें हाईकोर्ट ने देशद्रोह के एक मामले में शरजील को जमानत देते हुए कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में शरजील इमाम के भाषण ने न तो किसी को हथियार उठाने का आह्वान किया और न ही उसके भाषण से कोई हिंसा भड़की।
विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने भड़काऊ भाषण मामले में शरजील इमाम की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। शरजील इमाम पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 11 फरवरी 2022 को तय की है। शरजील इमाम पर नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) विरोधी प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ भाषण देने का आरोप है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट दे चुका जमानत
इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शरजील इमाम को शनिवार को जमानत दी थी। उस मामले में सोमवार को विस्तृत आदेश आया है, जिसमें हाईकोर्ट ने देशद्रोह के एक मामले में शरजील को जमानत देते हुए कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में शरजील इमाम के भाषण ने न तो किसी को हथियार उठाने का आह्वान किया और न ही उसके भाषण से कोई हिंसा भड़की। न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह ने शनिवार को इमाम को जमानत दे दी, जिन पर उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 124 ए, 153 ए, 153 बी और 505 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पहले सीएए-एनआरसी के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान भड़काऊ भाषण देने के आरोप में जेल में बंद जेएनयू छात्र शरजील इमाम की जमानत याचिका को दिल्ली की साकेत कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
सुनवाई में शरजील ने कहा था- वह कोई आतंकी नहीं है
देशद्रोह और अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोपी जेएनयू छात्र शरजील इमाम ने कहा था कि वह कोई आतंकी नहीं है और उसके खिलाफ मुकदमा स्थापित कानून के अनुरूप नहीं, बल्कि किसी सम्राट के चाबुक की तरह है। यह तर्क शरजील ने मामले में जमानत देने और आरोपमुक्त किए जाने की मांग करते हुए रखा था।
जनवरी 2020 में किया था गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने शरजील इमाम को सीएए-एनआरसी के विरोध के दौरान कथित भड़काऊ भाषण देने के आरोप में जनवरी 2020 में गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल हो चुका है। आरोप है कि उसने 2019 में अपने भाषणों में कथित रूप से असम और पूर्वोत्तर के अन्य हिस्सों को देश से अलग करने की धमकी दी थी। ये कथित भाषण उसने जामिया में 13 दिसंबर 2019 और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 16 दिसंबर 2019 को दिए थे। वह जनवरी 2020 से न्यायिक हिरासत में है।