{"_id":"61f961874cba7b50fb6802bf","slug":"delhi-high-court-issues-notice-to-centre-google-on-youtuber-plea-challenging-termination-of-channels","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली हाई कोर्ट: गूगल के खिलाफ दायर याचिका पर केंद्र को नोटिस, 30 मार्च को होगी अगली सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली हाई कोर्ट: गूगल के खिलाफ दायर याचिका पर केंद्र को नोटिस, 30 मार्च को होगी अगली सुनवाई
Tue, 01 Feb 2022 10:06 PM IST
शाहरुख खान
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 01 Feb 2022 10:06 PM IST
सार
याचिकाकर्ता रचित कौशिक ने उसके यूट्यूब चैनल को बंद किए जाने के कंपनी के फैसले को अदालत में चुनौती दी है। इस मामले पर अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी।
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने गूगल द्वारा नये आईटी कानून का उल्लंघन करने के आरोप में दायर याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता ने अदालत से गूगल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जस्टिस वी कामेश्वर राव ने इसके साथ ही गूगल को भी नोटिस जारी कर उसका पक्ष रखने को कहा है।
दरअसल, याचिकाकर्ता रचित कौशिक ने उसके यूट्यूब चैनल को बंद किए जाने के कंपनी के फैसले को अदालत में चुनौती दी है। इस मामले पर अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एन हुडा ने कहा, गूगल के पास यूट्यूब का मालिकाना हक है।
उसने बिना सुनवाई का मौका दिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से याचिकाकर्ता का अकाउंट और उसकी सामग्री सोशल मीडिया से हटा दी। उन्होंने कहा कि गूगल सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के जरिये प्रतिक्रिया देता है। ऐसे में याचिकाकर्ता के मौलिक अधिकारों को सुरक्षा मिलनी चाहिए।
विज्ञापन
वहीं, गूगल की ओर से पेश वकील ममता झा ने अदालत से कहा, याचिकाकर्ता की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन नहीं किया गया है बल्कि नफरती पोस्ट के जरिये सामुदायिक दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के लिए कार्रवाई की गई है।
उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता को उनके आपत्तिजनक सामग्री के लिए सूचित किया गया था मगर उन्होंने दूसरा चैनल खोलकर फिर से आपत्तिजनक सामग्री अपलोड कर दी। केंद्र की ओर से पेश वकील ने इस पर केंद्र का पक्ष रखने के लिए कुछ समय मांगा।
विज्ञापन
दरअसल, याचिकाकर्ता रचित कौशिक ने उसके यूट्यूब चैनल को बंद किए जाने के कंपनी के फैसले को अदालत में चुनौती दी है। इस मामले पर अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एन हुडा ने कहा, गूगल के पास यूट्यूब का मालिकाना हक है।
विज्ञापन
उसने बिना सुनवाई का मौका दिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से याचिकाकर्ता का अकाउंट और उसकी सामग्री सोशल मीडिया से हटा दी। उन्होंने कहा कि गूगल सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के जरिये प्रतिक्रिया देता है। ऐसे में याचिकाकर्ता के मौलिक अधिकारों को सुरक्षा मिलनी चाहिए।
विज्ञापन
वहीं, गूगल की ओर से पेश वकील ममता झा ने अदालत से कहा, याचिकाकर्ता की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन नहीं किया गया है बल्कि नफरती पोस्ट के जरिये सामुदायिक दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के लिए कार्रवाई की गई है।
उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता को उनके आपत्तिजनक सामग्री के लिए सूचित किया गया था मगर उन्होंने दूसरा चैनल खोलकर फिर से आपत्तिजनक सामग्री अपलोड कर दी। केंद्र की ओर से पेश वकील ने इस पर केंद्र का पक्ष रखने के लिए कुछ समय मांगा।