दिल्ली: मजार और मीना बाजार के आसपास पार्क में अतिक्रमण पर हाईकोर्ट नाराज, एनडीएमसी एवं डीयूएसआईबी को दिया निर्देश
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ ने दोनों एजेंसियों को इस संबंध में उठाए गए कदमों की जानकारी हलफनामा के जरिए देने का निर्देश देते हुए सुनवाई 14 जुलाई तय की है।
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हाईकोर्ट ने जामा मस्जिद इलाके के मौलाना अब्दुल कलाम आजाद मजार एवं मीना बाजार के आसपास पार्क में अतिक्रमण को गंभीरता से लिया है। अदालत ने इस मामले में उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) एवं दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) को सभी अतिक्रमण हटाकर इन इलाकों को साफ सुथरा रखने का निर्देश दिया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ ने दोनों एजेंसियों को इस संबंध में उठाए गए कदमों की जानकारी हलफनामा के जरिए देने का निर्देश देते हुए सुनवाई 14 जुलाई तय की है। पीठ ने इस मामले में दिल्ली वक्फ बोर्ड को भी प्रतिवादी बनाया है, जो पार्क के सभी गेटों की जवाबदेही रखता है।
मजार एवं मीना बाजार स्थित पार्क से अतिक्रमण हटाने की मांग करते हुए मोहम्मद अरसालन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। उन्होंने कहा कि पिछली बार निकायों ने कहा था कि पूरी तरह अतिक्रमण हटवा देंगे। इसके बावजूद कोई कदम नहीं उठाया है। इस वजह से ही फिर से याचिका दाखिल करनी पड़ी है।
निगम के वकील ने कहा कि इन इलाकों से अतिक्रमण हटाने के लिए आदेश पारित कर दिया है। इस पर पीठ ने कहा कि क्या आपने सिर्फ कागजी आदेश पारित किया है या कुछ किया भी है। आप इसके बारे में रिपोर्ट दाखिल करें। याचिकाकर्ता ने पार्क से रैन बसेरा भी हटाने की मांग की है।