{"_id":"68b83e787291e18c4b038d07","slug":"delhi-government-should-immediately-release-electric-vehicle-subsidy-ashram-news-c-340-1-del1011-103464-2025-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi News: दिल्ली सरकार तुरंत जारी करे इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi News: दिल्ली सरकार तुरंत जारी करे इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जन सेवा वेलफेयर सोसाइटी की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने दिया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार को इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खरीदने वाले ग्राहकों को वादा की गई सब्सिडी तुरंत देने का निर्देश दिया। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने जन सेवा वेलफेयर सोसाइटी की ओर से दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई के दौरान दिया।
कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार इस तथ्य के पीछे नहीं छिप सकती कि दिल्ली ईवी नीति 2020 में सब्सिडी वितरण के लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं दी गई है। खंडपीठ ने टिप्पणी की, सरकार यह आधार नहीं ले सकती कि दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति में सब्सिडी वितरण के लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं है। हमारी राय में, सरकार के लिए ऐसा कोई आधार उपलब्ध नहीं है। कोर्ट को सूचित किया गया कि सरकार के पास धन उपलब्ध है, लेकिन प्रक्रियात्मक देरी के कारण सब्सिडी का वितरण रुका हुआ है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग को तत्काल एक बैंक खाता स्थापित करने का आदेश दिया, ताकि सब्सिडी राशि का वितरण तेजी से किया जा सके।
याचिका में उठाए गए मुद्दों के अनुसार, दिल्ली में कई लोग जिन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे हैं, उन्हें अभी तक सब्सिडी राशि प्राप्त नहीं हुई है। कोर्ट को बताया गया कि जब कोई व्यक्ति ईवी खरीदता है, तो वह डीलर को पूरी राशि का भुगतान करता है, लेकिन सब्सिडी बाद में खरीदार को प्रतिपूर्ति की जाती है। याचिकाकर्ता ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत दिल्ली सरकार द्वारा प्रदान किए गए आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 48 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी अभी भी वितरित नहीं की गई है। दिल्ली सरकार के वकील ने खंडपीठ को सूचित किया कि 78,000 से अधिक लाभार्थियों को 179 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी दी जा चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार को इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खरीदने वाले ग्राहकों को वादा की गई सब्सिडी तुरंत देने का निर्देश दिया। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने जन सेवा वेलफेयर सोसाइटी की ओर से दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई के दौरान दिया।
कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार इस तथ्य के पीछे नहीं छिप सकती कि दिल्ली ईवी नीति 2020 में सब्सिडी वितरण के लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं दी गई है। खंडपीठ ने टिप्पणी की, सरकार यह आधार नहीं ले सकती कि दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति में सब्सिडी वितरण के लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं है। हमारी राय में, सरकार के लिए ऐसा कोई आधार उपलब्ध नहीं है। कोर्ट को सूचित किया गया कि सरकार के पास धन उपलब्ध है, लेकिन प्रक्रियात्मक देरी के कारण सब्सिडी का वितरण रुका हुआ है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग को तत्काल एक बैंक खाता स्थापित करने का आदेश दिया, ताकि सब्सिडी राशि का वितरण तेजी से किया जा सके।
विज्ञापन
याचिका में उठाए गए मुद्दों के अनुसार, दिल्ली में कई लोग जिन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे हैं, उन्हें अभी तक सब्सिडी राशि प्राप्त नहीं हुई है। कोर्ट को बताया गया कि जब कोई व्यक्ति ईवी खरीदता है, तो वह डीलर को पूरी राशि का भुगतान करता है, लेकिन सब्सिडी बाद में खरीदार को प्रतिपूर्ति की जाती है। याचिकाकर्ता ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत दिल्ली सरकार द्वारा प्रदान किए गए आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 48 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी अभी भी वितरित नहीं की गई है। दिल्ली सरकार के वकील ने खंडपीठ को सूचित किया कि 78,000 से अधिक लाभार्थियों को 179 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी दी जा चुकी है।
विज्ञापन