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नुकसान के आंकलन के लिए सर्वे कराए दिल्ली सरकार : कांग्रेस
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दुकानदारों, व्यापारियों और किसानों को राहत देने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदेश कांग्रेस ने सोमवार को बाढ़ के मामले में दिल्ली सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारा। प्रदेश अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार ने पूर्व मंत्री नरेंद्र नाथ व कई पूर्व विधायकों के साथ आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की दिल्ली के प्रति बेरुखी और राजनीतिक अकांक्षाओं की पूर्ति की एकतरफा सोच ने दिल्ली को बाढ़ के संकट में धकेल दिया है। उन्होंने मांग की कि दिल्ली सरकार बाढ़ से हुए नुकसान के आंकलन के लिए सर्वे कराए और दुकानदारों, व्यापारियों और किसानों को राहत दे।
चौ. अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली सरकार की ओर से समय रहते सूचना दी जाती तो इतना अधिक नुकसान नहीं झेलना पड़ता। किसानों, बड़े व्यापारियों व छोटे कारोबारियों सहित मजनू का टीला से बदरपुर तक सड़कों व रेहड़ी पटरी लगाने वाले लोगों का भी बड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार की ओर से 10 हजार रुपये राहत की घोषणा को नाकाफी करार दिया। उन्होंने मांग की कि मानसून में मरने वाले लोगों के आश्रितों को दिल्ली सरकार एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा दे। इस दौरान पूर्व विधायक जय किशन, कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन एवं पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज, पूर्व विधायक हरी शंकर गुप्ता, बूथ मैनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन राजेश गर्ग, कम्युनिकेशन विभाग के वाइस चेयरमैन अनुज आत्रेय और विक्रम लोहिया भी मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदेश कांग्रेस ने सोमवार को बाढ़ के मामले में दिल्ली सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारा। प्रदेश अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार ने पूर्व मंत्री नरेंद्र नाथ व कई पूर्व विधायकों के साथ आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की दिल्ली के प्रति बेरुखी और राजनीतिक अकांक्षाओं की पूर्ति की एकतरफा सोच ने दिल्ली को बाढ़ के संकट में धकेल दिया है। उन्होंने मांग की कि दिल्ली सरकार बाढ़ से हुए नुकसान के आंकलन के लिए सर्वे कराए और दुकानदारों, व्यापारियों और किसानों को राहत दे।
चौ. अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली सरकार की ओर से समय रहते सूचना दी जाती तो इतना अधिक नुकसान नहीं झेलना पड़ता। किसानों, बड़े व्यापारियों व छोटे कारोबारियों सहित मजनू का टीला से बदरपुर तक सड़कों व रेहड़ी पटरी लगाने वाले लोगों का भी बड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार की ओर से 10 हजार रुपये राहत की घोषणा को नाकाफी करार दिया। उन्होंने मांग की कि मानसून में मरने वाले लोगों के आश्रितों को दिल्ली सरकार एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा दे। इस दौरान पूर्व विधायक जय किशन, कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन एवं पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज, पूर्व विधायक हरी शंकर गुप्ता, बूथ मैनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन राजेश गर्ग, कम्युनिकेशन विभाग के वाइस चेयरमैन अनुज आत्रेय और विक्रम लोहिया भी मौजूद थे।
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