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राहत: संक्रमण से मुक्त हुआ दिल्ली का सबसे बड़ा कोविड केंद्र, मार्च 2020 के बाद पहली बार कोरोना का एक भी मरीज भर्ती नहीं
Thu, 17 Mar 2022 09:58 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 17 Mar 2022 09:58 PM IST
सार
लोकनायक अस्पताल में पिछले दो साल में यह पहला ऐसा मौका है जब यहां कोरोना के एक भी मरीज भर्ती नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने लिखा कि तीसरी लहर के सभी कोविड संक्रमितों को लोकनायक अस्पताल से सफलतापूर्वक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। मार्च 2020 के बाद पहली बार अस्पताल में कोविड के एक भी मरीज भर्ती नहीं है।
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एलएनजेपी अस्पताल
- फोटो : सोशल नेटवर्क
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विस्तार
एक ओर दिल्ली सहित देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार कमी देखने को मिल रही है। वहीं दूसरी ओर होली पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने राहत की खबर दी है। स्वास्थ्य मंत्री ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर बताया कि दिल्ली का सबसे बड़ा कोविड-19 केंद्र संक्रमण से मुक्त हुआ है। दिल्ली गेट स्थित लोकनायक अस्पताल में फिलहाल एक भी मरीज कोरोना संक्रमित नहीं है। बीते दिन एक मरीज को छुट्टी मिलने के बाद यहां कोरोना के वार्ड पूरी तरह से खाली हो चुके हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि लोकनायक अस्पताल में पिछले दो साल में यह पहला ऐसा मौका है जब यहां कोरोना के एक भी मरीज भर्ती नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने लिखा, ‘‘तीसरी लहर के सभी कोविड संक्रमितों को लोकनायक अस्पताल से सफलतापूर्वक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। मार्च 2020 के बाद पहली बार अस्पताल में कोविड के एक भी मरीज भर्ती नहीं है। पूरी चिकित्सा बिरादरी को उनकी समर्पित सेवा के लिए सलाम करता हूं।’’
हाल ही में लोकनायक अस्पताल के समीप रामलीला मैदान पर बने अस्थायी कोविड केंद्र को संक्रमण मुक्त घोषित करते हुए बंद किया गया था। वहीं अब लोकनायक अस्पताल के सभी कोरोना बिस्तर खाली पड़े हैं। अस्पताल के निदेशक डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि उनके यहां अभी 250 बिस्तर कोविड वार्ड में हैं और सभी बिस्तर खाली पड़े हैं। इसी तरह ऑक्सीजन, आईसीयू और वेंटिलेटर भी पूरी तरह से खाली हुए हैं।
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उन्होंने बताया कि दिल्ली के इस सबसे बड़े कोविड केंद्र पर अब तक 20 हजार से भी ज्यादा लोगों को ठीक करके वापस घर भेजा गया है। डॉ. सुरेश कुमार ने कहा कि बीते दो वर्षों में पहली बार यह स्थिति देखने को मिल रही है। इसे भविष्य में बरकरार रखने के लिए उन्होंने दिल्ली के लोगों से अपील करते हुए कोविड सतर्कता व्यवहार अपनाने और टीकाकरण पूरा करने की सलाह भी दी है।
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स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि लोकनायक अस्पताल में पिछले दो साल में यह पहला ऐसा मौका है जब यहां कोरोना के एक भी मरीज भर्ती नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने लिखा, ‘‘तीसरी लहर के सभी कोविड संक्रमितों को लोकनायक अस्पताल से सफलतापूर्वक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। मार्च 2020 के बाद पहली बार अस्पताल में कोविड के एक भी मरीज भर्ती नहीं है। पूरी चिकित्सा बिरादरी को उनकी समर्पित सेवा के लिए सलाम करता हूं।’’
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हाल ही में लोकनायक अस्पताल के समीप रामलीला मैदान पर बने अस्थायी कोविड केंद्र को संक्रमण मुक्त घोषित करते हुए बंद किया गया था। वहीं अब लोकनायक अस्पताल के सभी कोरोना बिस्तर खाली पड़े हैं। अस्पताल के निदेशक डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि उनके यहां अभी 250 बिस्तर कोविड वार्ड में हैं और सभी बिस्तर खाली पड़े हैं। इसी तरह ऑक्सीजन, आईसीयू और वेंटिलेटर भी पूरी तरह से खाली हुए हैं।
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उन्होंने बताया कि दिल्ली के इस सबसे बड़े कोविड केंद्र पर अब तक 20 हजार से भी ज्यादा लोगों को ठीक करके वापस घर भेजा गया है। डॉ. सुरेश कुमार ने कहा कि बीते दो वर्षों में पहली बार यह स्थिति देखने को मिल रही है। इसे भविष्य में बरकरार रखने के लिए उन्होंने दिल्ली के लोगों से अपील करते हुए कोविड सतर्कता व्यवहार अपनाने और टीकाकरण पूरा करने की सलाह भी दी है।
डॉ. सुरेश ने बताया कि साल 2020 से अब तक उनके यहां 24084 मरीजों को भर्ती किया गया जिनमें 23356 व्यस्क और 728 बच्चे शामिल थे। इनके अलावा 763 गर्भवती कोरोना संक्रमित महिलाओं की प्रसूति भी अस्पताल में हुई। इसी तरह अस्पताल में दिल्ली एयरपोर्ट से 413 ओमिक्रॉन संक्रमित रोगी पहुंचे, इनमें से एक भी रोगी की मौत दर्ज नहीं हुई।