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Delhi : दिल्ली में हर घंटे काटे जाते हैं पांच पेड़, हाईकोर्ट ने वन विभाग से पूछे कुछ सवाल
Sun, 26 Mar 2023 03:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 26 Mar 2023 03:56 AM IST
सार
अदालत के संज्ञान में लाया गया था कि दिल्ली में हर घंटे पांच पेड़ों को वन विभाग की पूर्व अनुमति से काटा जा रहा है। न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने कहा कि वृक्षों के नुकसान और क्षति को दूर करने के लिए संभवतः प्रत्येक पूर्ण रूप से विकसित पेड़ के लिए और 20 साल लग सकते हैं।
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दिल्ली उच्च न्यायालय
- फोटो : ANI
विस्तार
दिल्ली उच्च न्यायालय ने वन विभाग से सवाल किया है कि वर्ष 2019, 2020 और 2021 में राजधानी में पेड़ो को किस आधार पर काटा गया है। दरअसल अदालत के संज्ञान में लाया गया था कि दिल्ली में हर घंटे पांच पेड़ों को वन विभाग की पूर्व अनुमति से काटा जा रहा है। न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने कहा कि वृक्षों के नुकसान और क्षति को दूर करने के लिए संभवतः प्रत्येक पूर्ण रूप से विकसित पेड़ के लिए और 20 साल लग सकते हैं।
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अदालत ने कहा कि 13 जुलाई 2022 को अदालत के पिछले रिकॉर्ड के बाद से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में काटे जा रहे पेड़ों की संख्या दोगुनी हो गई है। अदालत एनसीटी दिल्ली में पेड़ों के संरक्षण के संबंध में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के खिलाफ अवमानना मामले की सुनवाई कर रही है।
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अदालत को बताया गया कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने एसएफआरसी रेलिंग के साथ एक ठोस पथ का निर्माण किया था, जिसके परिणामस्वरूप पिछले छह महीनों में लगाए गए और 12 से 14 फीट लंबे पेड़ों की पंक्तियों को हटा दिया गया। अदालत ने कहा कि यह प्रथम दृष्टया अदालत की अवमानना है।
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शहर में बड़ी संख्या में बिना अनुमति के काटे जा रहे पेड़ों के कारण अदालत ने वन विभाग और सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे शहर की हरियाली के पूर्ण नुकसान को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करें। अदालत ने प्रतिवादियों को दो सप्ताह के भीतर एक त्वरित कार्य योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, जिसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए।