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कांग्रेस का आरोप, अरविंद केजरीवाल सरकार ने ध्वस्त की दिल्ली की परिवहन व्यवस्था!
Wed, 15 Jan 2020 07:04 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Wed, 15 Jan 2020 07:04 PM IST
सार
- कांग्रेस का आरोप- दिल्ली सरकार ने घटाया दिल्ली की परिवहन व्यवस्था का बजट
- डीटीसी बसों, रूट्स और यात्रियों की संख्या में रिकॉर्ड गिरावट
- परिवहन व्यवस्था खराब होने से लोग निजी वाहनों के उपयोग को हुए मजबूर, बढ़ा प्रदूषण
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Ajay Makan and Shubhash Chopra
- फोटो : Social Media
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विस्तार
कांग्रेस नेता सुभाष चोपड़ा ने अरविंद केजरीवाल सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने राजधानी की परिवहन व्यवस्था को सुधारने के लिए अपने पूरे पांच साल के कार्यकाल में कोई काम नहीं किया। शीला दीक्षित की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार ने दिल्ली के परिवहन व्यवस्था में रिकॉर्ड सुधार किया और मेट्रो चलाकर दिल्ली की हवा को प्रदूषण से मुक्त कराया।
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कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार ने बसों की संख्या बढ़ाकर साढ़े छह हजार से भी अधिक कर दिया था, लेकिन आप सरकार ने डीटीसी बसों का बेड़ा तीन हजार तक कम कर दिया है। इससे एक तरफ तो दिल्ली की परिवहन व्यवस्था खराब हुई है, दूसरी तरफ प्रदूषण में भी बढ़ोतरी हुई और लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो गया है।
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सुभाष चोपड़ा ने बुधवार को परिवहन व्यवस्था पर एक रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को 551 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 4300 करोड़ रुपये कर दिया था। जबकि आम आदमी पार्टी सरकार ने बजट बढ़ाने की बजाय कम कर दिया।
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कांग्रेस का आरोप है कि बजट घटाकर 4268 करोड़ (वर्ष 2018 में) कर दिया। इस प्रकार परिवहन के बजट में 7.5 फीसदी कम कर दिया गया। वर्ष 2011 में दिल्ली में डीटीसी बसों की संख्या 6200 थी, जबकि अब यह केवल 3800 ही रह गई है।
कांग्रेस का कहना है कि उसके समय में डीटीसी की बसें दिल्ली में रोजाना 9.68 लाख किलोमीटर प्रतिदिन चलती थीं। लेकिन अब यह दूरी घटकर 6.32 लाख किलोमीटर रह गई है। दिल्ली सरकार के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2013 में डीटीसी बसों के रोजाना यात्रियों की संख्या 45.77 लाख हुआ करती थी, जो अब घटकर 20 लाख के लगभग रह गई है।
इस तरह लगभग 26 लाख डीटीसी बस यात्रा करने वालों ने इसका उपयोग करना छोड़ दिया। इससे एक तरफ तो लोग व्यक्तिगत वाहन का उपयोग ज्यादा करने लगे जिससे प्रदूषण में भी बढ़ोतरी आई।
वर्ष 2013 में डीटीसी बसें 590 रूटों पर चलती थीं, जबकि अब ये केवल 438 रूटों पर ही चलती हैं। 152 डीटीसी बस रूट्स को खत्म कर दिया गया। कांग्रेस का कहना है कि जिन रूटों पर बसें बंद की गई हैं, वे सभी ग्रामीण इलाकों वाली हैं। इससे ग्रामीण लोगों को यात्रा करने में परेशानी बढ़ी है।
इस समय दिल्ली की डीटीसी बसों में 99 फीसदी से अधिक आठ साल से ज्यादा पुरानी हैं। इससे साबित होता है कि बसों की हालत खराब हो रही है और इस दौरान सरकार ने बसों की कोई खरीद नहीं की है। आरोप है कि आप सरकार ने किसी नए इंटरस्टेट बस डिपो का निर्माण नहीं कराया है जबकि इसके लिए उसके पास जमीन उपलब्ध है।
कांग्रेस ने कहा है कि उसने दिल्ली के मेट्रो का शानदार विस्तार किया, जिससे राजधानी की परिवहन व्यवस्था में शानदार सुधार हुआ जबकि आप सरकार ने मेट्रो को आगे बढ़ाने की बजाय उसमें बाधा पैदा की है। कांग्रेस ने कहा कि आप सरकार ने रोड की दूरी बढ़ाने में भी कोई काम नहीं किया, जबकि कांग्रेस ने दिल्ली के सड़कों की दूरी 5271 किलोमीटर तक बढ़ा दी थी।