फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi : Doctors control Parkinson's by implanting a pacemaker in the brain

Delhi : डॉक्टरों ने की दुर्लभ सर्जरी- दिमाग में पेसमेकर लगाकर पार्किंसंस को किया नियंत्रित

Fri, 02 Jun 2023 05:48 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 02 Jun 2023 05:48 AM IST
सार

यह विशेष रूप से पार्किंसंस रोग, कंपकंपी, डायस्टोनिया जैसी बीमारियों में उपयोगी है।

विज्ञापन
Delhi : Doctors control Parkinson's by implanting a pacemaker in the brain
Parkinson's disease demo

विस्तार

पार्किंसंस रोग से पीड़ित 51 वर्षीय सावित्री देवी बीते 9 साल से दवाओं के बिना ठीक से चल पाती और न ही करवट ले सकती थी। वह अपने हाथ और पैरों को नियंत्रित भी नहीं कर पाती थी। स्थिति गंभीर होने के बाद मरीज को गंगाराम अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग में लाया गया। महिला में यह रोग शुरुआत में कंपकंपी और ब्रैडकिनेसिया (चलने-फिरने में कठिनाई) से हुई और बाद में गंभीर हो गई। दवा लेने के बावजूद उसके लक्षण बिगड़ते गए। साथ ही दवा से साइड इफेक्ट विकसित होने लगे। ऐसे में जांच के बाद डीप ब्रेन स्टिमुलेशन का फैसला लिया गया।

विज्ञापन


इस बारे में न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉ. श्रेय जैन ने कहा कि डीप ब्रेन स्टिमुलेशन एक नई सर्जरी है, जिसमें मस्तिष्क के विशेष क्षेत्रों को उत्तेजित करते हैं। यह दिमाग के पेसमेकर की तरह ही काम करता है। इस मामले में मस्तिष्क के सबथैलेमिक न्यूक्लियस को उत्तेजित करने की योजना बनाई। सर्जरी का उद्देश्य बीमारी को नियंत्रित करने और रोगी की जीवनशैली में सुधार करने में मदद करना है। यह विशेष रूप से पार्किंसंस रोग, कंपकंपी, डायस्टोनिया जैसी बीमारियों में उपयोगी है। इसका मूल्यांकन करने पर अवसाद और उन्माद जैसी मानसिक स्थितियों के लिए सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए।
विज्ञापन


जांच और ब्रेन इलेक्ट्रिक करंट रिकॉर्ड कर लोकेशन की पुष्टि
डॉ. जैन ने कहा कि मिनिमली इनवेसिव सर्जरी में खोपड़ी में दो छोटे छिद्रों के माध्यम से गहरे मस्तिष्क में इलेक्ट्रोड को द्विपक्षीय रूप से पारित किया जाता है। सर्जरी के दौरान मरीज की लगातार जांच और ब्रेन इलेक्ट्रिक करंट रिकॉर्ड कर लोकेशन की पुष्टि की गई। सर्जरी के दौरान उसके बातचीत, आंखों की गति और अंगों की शक्ति पर नजर रखी जा रही थी और यह देखा जा रहा था कि उसके लक्षणों में कैसे सुधार हो रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सर्जरी का प्रभाव कम से कम जटिलताओं के साथ अधिकतम हो।
विज्ञापन
विज्ञापन


सर्जरी के दौरान, उसने एक बिंदु पर बोलना बंद कर दिया, इसलिए इलेक्ट्रोड को बदल दिया गया और मरीज की बोलने की शक्ति वापस आ गई। इलेक्ट्रोड सही स्थिति में हैं यह सुनिश्चित करने के लिए सर्जरी के बाद सीटी स्कैन भी किया गया था। बाद में पेसमेकर की तरह छाती की दीवार में बैटरी डाली गई।


सर्जरी के बाद यह मरीज काफी हद तक ठीक हो गया है और दवाओं के किसी भी दुष्प्रभाव के बिना सामान्य जीवन जीने में सक्षम है। दवाओं की खुराक कम हो गई है और उनके दुष्प्रभाव कम से कम हैं। उसके हाथ-पैर कांपने के लक्षणों में काफी सुधार हुआ है। वह अब चीजों को ठीक से पकड़ सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed