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दिल्ली: करोड़ों की ठगी में कंपनी की महिला निदेशक गुजरात से गिरफ्तार, सात सौ लोगों को लगाया था चार करोड़ का चूना

Sun, 27 Feb 2022 01:08 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Sun, 27 Feb 2022 01:08 PM IST
सार

वसुंधरा समूह के खिलाफ शिकायत थी कि समूह और उसके निदेशकों चंद्र प्रकाश सैनी, उसकी पत्नी सुनीता सैनी और अन्य ने निवेशकों के खाते खोले, प्रमाण पत्र और पासबुक जारी किए। करीब 700 लोगों से रुपये जमा करवाए और निवेश किए गए चार करोड़ रुपये लेकर भाग गए।

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Delhi: Company's female director arrested from Gujarat in cheating of crores, seven hundred people had been duped of four crores
गिरफ्तार - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने चार साल के लिए निवेश कर पैसे को दोगुना करने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाली एक कंपनी की महिला निदेशक को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया है। महिला सात सौ निवेशकों से ठगी को अंजाम देकर पिछले छह माह से फरार थी। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर ठगी में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।

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शाखा की संयुक्त आयुक्त छाया शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुजरात के सूरत स्थित ग्रीन सिटी निवासी सुनीता सैनी (48) के रूप में हुई है। सुनीता वित्तीय संस्थान वसुंधरा ग्रुप की निदेशक थी, जिसका कार्यालय दिल्ली के आजादपुर स्थित कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में था। वर्ष 2021 में प्रेमवती और पांच अन्य शिकायतकर्ता ने शाखा में ठगी की शिकायत की।

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शिकायतकर्ताओं ने वसुंधरा समूह के खिलाफ आरोप लगाया कि समूह और उसके निदेशकों चंद्र प्रकाश सैनी, उसकी पत्नी सुनीता सैनी और अन्य ने लोगों को दैनिक बचत खाता, सावधि जमा खाता और अन्य आकर्षक निवेश योजनाओं को खोलने के लिए आकर्षित किया। आरोपियों ने निवेशकों के खाते खोले, प्रमाण पत्र और पासबुक जारी किए। करीब 700 लोगों से रुपये जमा करवाए गए। उसके बाद आरोपी निवेश किए गए चार करोड़ रुपये लेकर भाग गए।

आरोपी कंपनियों ने बिना पंजीकरण एनबीएफसी के रूप में किया काम

शाखा ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच से पता चला कि वसुंधरा फिनटेक लिमिटेड और अनाकाया निधि लिमिटेड (आरोपी कंपनियां) और उसके निदेशकों ने निश्चित रिटर्न के वादे कर पीड़ितों से धन जमा किए। आरोपी कंपनियों ने गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियां (एनबीएफसी) के रूप में काम किया। जबकि कंपनी आरबीआई के साथ एनबीएफसी के रूप में पंजीकृत नही थीं। वह निवेशकों से राशि नहीं ले सकती थीं।

छह माह से फरार थे आरोपी

पीड़ितों को उनके निवेश के खिलाफ प्रमाण पत्र, पासबुक आदि जारी किए गए और उन्हें आश्वासन दिया गया कि उनका पैसा सुरक्षित है। पीड़ितों को आकर्षक रिटर्न और केवल चार साल में निवेश की गई राशि को दोगुना करने जैसे आकर्षक प्रस्तावों से आकर्षित किया गया। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। आरोपी पिछले छह माह से फरार थे। कई संदिग्ध नंबरों पर तकनीकी निगरानी की गई। जांच के दौरान पुलिस को उनके फेसबुक खातों से सूरत, गुजरात में आरोपी के ठिकाने का पता लगा।

पुलिस टीम ने गुरुवार को सूरत में छापा मारकर सुनीता सैनी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि सुनीता कंपनी की निदेशक और शेयर होल्डर है। वह ईएलएलआईएम विश्वविद्यालय सिक्किम से स्नातकोत्तर कर चुकी है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर जांच में जुटी है।

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