दिल्ली: विदेश भेजने के नाम पर देशभर के 200 से ज्यादा बेरोजगार युवाओं से ठगी, एक गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार
गैंग करीब 200 से अधिक लोगों से ठगी कर चुका है। सरगना मोहम्मद फरहाद उर्फ विशाल चौधरी अपने गांव सांपला, सहारनपुर, यूपी से सपा के टिकट पर जिला पंचायत का चुनाव लड़ चुका है। पुलिस की कई टीमें आरोपी फरहाद व गैंग के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही हैं।
विस्तार
न्यूजीलैंड, कुवैत और खाड़ी देशों समेत अन्य देशों में भेजने के नाम पर ठगी करने वाले एक कबूतरबाज गिरोह का पूर्वी जिला पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस संबंध में गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गांव दूल्हापुर, ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद, यूपी निवासी मो. मोहसिन (25) के रूप में हुई है।
शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि गैंग अब तक करीब 200 से अधिक लोगों से ठगी कर चुका है। सरगना मोहम्मद फरहाद उर्फ विशाल चौधरी अपने गांव सांपला, सहारनपुर, यूपी से सपा के टिकट पर जिला पंचायत का चुनाव लड़ चुका है। पुलिस की कई टीमें आरोपी फरहाद व गैंग के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से बेरोजगार नौजवानों के 101 पासपोर्ट, 51 फर्जी वीजा व भारी मात्रा में अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
लक्ष्मीनगर में था ऑफिस
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त प्रियंका कश्यप ने बताया कि छानबीन के दौरान लक्ष्मी नगर थाना पुलिस को फोकस ट्रैवल, ऑफिस नंबर-201, एच-30 में संदिग्ध गतिविधियों का पता चला। टीम ने करीब 15 दिनों तक उसकी गुपचुप तरीके से छानबीन की। जांच के दौरान टीम को पता चला कि दफ्तर में देशभर के बेरोजगार नौजवानों को विदेश भेजने के नाम पर फर्जी वीजा देकर ठगा जा रहा है। ऑफिस का संचालन परवेज अहमद और विशाल चौधरी नामक शख्स कर रहे हैं।
काफी प्रयासों के बाद आरोपी हुए ट्रेस
दो-तीन दिनों से लगातार ऑफिस में ताला लगा था। वहां पर कुछ नौजवानों की भीड़ थी। फौरन एसआई विजय दत्त, आनंद प्रताप व अन्यों की टीम वहां पहुंची तो मौके पर अजमेर, राजस्थान निवासी माधव लाल व पांच अन्य मिले। इन लोगों ने बताया कि इनको न्यूजीलैंड, कुवैत और खाड़ी देशों में भेजने के नाम पर 22-22 हजार रुपये ले लिये गए। इसके बाद उनको फर्जी वीजा थमा दिया गया। फौरन लक्ष्मी नगर थाने में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई। आरोपी विशाल और परवेज की लोकेशन ट्रेस की गई तो वह बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। काफी प्रयासों के बाद पुलिस की टीम आरोपी परवेज की लोकेशन ट्रेस कर पाई।
टीम ने 31 दिसंबर को आरोपी परवेज अहमद को लक्ष्मी नगर मेट्रो स्टेशन के पास से दबोच लिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी परवेज ने बताया कि उसका असली नाम परवेज नहीं मो. मोहसिन है। वहीं दूसरा आरोपी भी विशाल चौधरी न होकर मो. फरहाद है। दोनों अपने-अपने नाम बदलकर कबूतरबाजी का धंधा कर रहे थे। देशभर के अलग-अलग हिस्सों में इनके एजेंट फैले हुए हैं। यह विदेश जाने वाले युवकों को इनके पास भेजते थे। यह लोग उनसे 22 हजार रुपये से 50 हजार तक लेकर फर्जी वीजा ले लेते थे।
आशंका है कि इन लोगों ने देशभर के सैकड़ों लोगों से करोड़ों की ठगी की है। दूसरा आरोपी फरहाद अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 101 पासपोर्ट, 51 फर्जी वीजा, 133 फर्जी मेडिकल और इंश्योरेंस के कागजात, तीन लैपटॉप व भारी मात्रा में अन्य सामान बरामद किया है।
मुख्य आरोपी सपा नेता, लड़ चुका है जिला पंचायत चुनाव
मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि फरार चल रहर आरोपी मोहम्मद फरहाद उर्फ विशाल चौधरी सपा नेता है। वर्ष 2021 में आरोपी ने अपने गांव सांपला, जिला सहारनपुर यूपी से जिला पंचायत का चुनाव लड़ा था। लेकिन वह हार गया था। गांव और उसके आसपास के इलाकों में उसके ईद व गणतंत्र दिवस के बधाई के पोस्टर लगे हुए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी मोहसिन ने बताया कि इन लोगों ने पिछले करीब तीन माह से लक्ष्मी नगर में ऑफिस खोला हुआ था। अब पुलिस आरोपी फरहाद की तलाश कर रही है।